NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अल-अक़्सा हमले की बरसी पर इकट्ठा प्रदर्शनकारियों पर इज़रायली सेना का हमला
इज़रायली सेना की ओर से की गई फायरिंग में 10 बच्चों समेत क़रीब 42 लोग घायल हो गए। इज़रायल ने भी बाद में दिन में गाजा पर हवाई हमले किए।
पीपल्स डिस्पैच
23 Aug 2021
अल-अक़्सा हमले की बरसी पर इकट्ठा प्रदर्शनकारियों पर इज़रायली सेना का हमला

वर्ष 1969 में कब़्ज़े वाले पूर्वी येरुशेलम में अल-अक्सा मस्जिद हमले की 52वीं बरसी के मौके पर शनिवार 21 अगस्त को फिलिस्तीनियों द्वारा किए जा रहे गाजा-इज़रायल सीमा पर एक प्रदर्शन पर इज़रायली सुरक्षा बलों द्वारा गोलीबारी में एक 13 साल के लड़के को सिर में गोली लगी और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इस गोलीबारी में 42 फिलिस्तीनियों के घायल होने की खबर है।

बाद में शनिवार की रात इजरायली वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने अल-शाती शिविर सहित गाजा के मध्य और तटीय क्षेत्रों में कई स्थानों को निशाना बनाते हुए हवाई हमले किए।

फ़िलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, घायलों में से 27 लोग सुरक्षा बलों की गोलियों से घायल हुए जिनमें से अधिकांश लोगों के शरीर के निचले हिस्से में लगी थी। घायल हुए प्रदर्शनकारियों में 10 बच्चे थे जिनमें से एक बच्चे के सिर में गोली लगने से उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

मई के महीने में हुए 11 दिनों की बमबारी के बाद प्रदर्शनों पर विकेंड में किया गया हमला गाजा पर इजरायल की हिंसा का सबसे बड़ा हमला था। मई में हुए हमले में 250 से अधिक फिलीस्तीनी मारे गए जिनमें से 70 बच्चे थे और करीब दो हजार लोग घायल हुए थे।

शनिवार की घटनाओं के जवाब में एक संयुक्त बयान में हमास, इस्लामिक जिहाद, वामपंथी पॉपुलर फ्रंट फॉर द लिबरेशन ऑफ पैलेस्टाइन (पीएफएलपी) और गाजा में अन्य छोटे फिलिस्तीनी राजनीतिक समूहों ने "लोगों को गाजा में अपने विद्रोह को जारी रखने और ऑक्यूपेशन के साथ संबंध के बिंदुओं का विस्तार करने" का आह्वान किया और कहा कि हमारी गतिविधि एक योजना के अनुसार आगे बढ़ेगी... हम निरंतर घेराबंदी को स्वीकार नहीं करेंगे।”

फिलिस्तीनियों ने अल-अक्सा मस्जिद पर हमले की बरसी पर ध्यान आकर्षित करने के लिए इकट्ठा हुए थे कि 21 अगस्त 1969 को डेनिस माइकल रोहन नामक एक ऑस्ट्रेलियाई व्यक्ति द्वारा मस्जिद पर हमला किया गया था और इसके कुछ हिस्सों को व्यापक नुकसान पहुंचाया गया।

Al-Aqsa mosque
Israel
Palestine

Related Stories

क्या पेगासस जासूसी सॉफ्टवेयर के लिए भारत की संप्रभुता को गिरवी रख दिया गया है?

पेगासस की जांच कराने से क्यों बच रही है सरकार, क्या इजराइल की NSO खुद ही कर देगी मामले का पर्दाफाश?

पेगासस पीड़ित एक पत्रकार की आपबीती

स्पायवेअर अर्थात जासूसी सॉफ्टवेयर – जनतंत्र के ख़िलाफ़ नया हथियार!

जनतंत्र के लिए ख़तरा है पेगासस

पेगाससगेट : हम सभी फ़िलीस्तीनियों की तरह स्वतंत्र इच्छा से वंचित हो सकते हैं

पेगासस का खुलासा भारत की ताक़त को कमज़ोर करता है  

"हम फिलिस्तीन हैं" ग्राफटी बनाने वाले कश्मीरी कलाकार रिहा

खोज़ ख़बर| कोरोना की लाशों से लेकर फिलिस्तीन तकः मानवता पर ख़तरा

दुनिया: राज्य द्वारा किया जाने वाला दमन महामारी की आड़ में हुआ तेज़


बाकी खबरें

  • भाषा
    दिल्ली विधानसभा : भाजपा के दो विधायकों को मार्शल ने सदन से बाहर निकाला
    29 Mar 2022
    दिल्ली विधानसभा में आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों द्वारा कानून-व्यवस्था सहित अन्य मुद्दे उठाए जाने के दौरान कथित रूप से व्यवधान डालने पर विधानसभा अध्यक्ष ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक…
  • नाइश हसन
    सियासत: दानिश अंसारी के बहाने...
    29 Mar 2022
    बीजेपी ने कभी मुस्लिम जनसंख्या के हिसाब से उसे नुमाइंदगी देने या उनके संपूर्ण विकास के लिए काम नहीं किया। बस पिक एण्ड चूज के आधार पर कुछ मुसलमान जो मुसलमानों के ही ख़िलाफ़ खुल कर खड़े हो सकें बस उनको…
  • अखिलेन्द्र प्रताप सिंह
    एक देश एक चुनाव बनाम लोकतांत्रिक सरोकार
    29 Mar 2022
    लगातार होने वाले चुनावों ने क्षेत्रीय राजनीतिक दलों को फलने-फूलने का मौका प्रदान किया है और उनकी क्षेत्रीय आकांक्षाओं को राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पटल पर एक महत्व दिया है, और इस प्रकार से भारत में…
  • उपेंद्र स्वामी
    श्रीलंका संकट: दर्द भी क़र्ज़ और दवा भी क़र्ज़
    29 Mar 2022
    दुनिया भर की: यह कोई आकस्मिक घटनाक्रम नहीं है। कोविड के दौर ने इसकी रफ़्तार और मार को भले ही थोड़ा तेज़ बेशक कर दिया हो लेकिन यह लंबे समय से चली आ रही नीतियों का नतीजा है। यह संकट उन तमाम…
  • प्रेम कुमार
    विश्लेषण: दिल्ली को सिंगापुर बनाने के सपने में आंकड़ों का फरेब
    29 Mar 2022
    अगर 5 साल बाद दिल्ली में रोजगार का स्तर 45 फीसदी के स्तर तक ले जाना है तो इसके लिए कम से कम 1.63 करोड़ लोगों के पास रोजगार रहना चाहिए। ऐसा तभी संभव है जब इन पांच सालों में 63 लाख अतिरिक्त लोगों को…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License