NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इज़रायली सेटलर्स व सुरक्षा बलों ने फिर शेख़ जर्राह पर हमला किया
इज़रायल की हिंसा के परिणामस्वरूप कम से कम 20 फिलिस्तीनियों को चोटें आईं, जिसमें इज़रायली सुरक्षा बलों ने उन पर बदबुदार पानी, काली मिर्च स्प्रे, आंसू गैस के साथ-साथ रबर कोटेड मेटल की गोलियों से हमला किया।
पीपल्स डिस्पैच
22 Jun 2021
इज़रायली सेटलर्स व सुरक्षा बलों ने फिर शेख़ जर्राह पर हमला किया

इजरायली सुरक्षा बलों के साथ सैकड़ों अवैध इजरायली सेटलरों ने पिछले दो दिनों में कब्जे वाले पूर्वी येरुशेलम के पास शेख जर्राह इलाके में हमला किया। फिलिस्तीनी लोगों पर पत्थर, कुर्सियां आदि फेंककर हमला किया साथ ही विरोध करने वाले फिलिस्तीनियों को काली मिर्च के स्प्रे, आंसू गैस, ग्रैनेड, रबर कोटेड मेटल की गोलियों और बदबुदार पानी फेेंका। इस रिपोर्ट को कई मीडिया संस्थानों ने मंगलवार 22जून को प्रकाशित किया। रिपोर्ट के अनुसार चरमपंथी सेटलरों ने फिलिस्तीनियों के घरों को जलाने की धमकी दी और इजरायली पुलिस के संरक्षण में गालियां दी और उनका अपमान किया।

पैलेस्टिनियन रेड क्रिसेंट ने बाद में कहा कि इसने कई प्रकार से घायल 20 फ़िलिस्तीनी लोगों का इलाज किया, जिनमें 16 वे लोग शामिल थे जो काली मिर्च के स्प्रे और आंसू गैस से घायल थे।

स्थानीय समाचार रिपोर्टों में कहा गया है कि सेटलर्स ने पड़ोस में कई बार आग लगा दी और फिलिस्तीनी घरों पर आग लगाने वाले मोलोटोव कॉकटेल फेंक कर उन पर हमला करते हुए भी देखा गया। इस हमले के बाद दो फिलिस्तीनी युवकों को गिरफ्तार किया गया था। रेड क्रीसेंट ने यह भी बताया कि इजरायली सेटलर्स ने उनकी एम्बुलेंसों पर उस समय पत्थर फेंके जब वे घायल फिलिस्तीनियों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। घटनास्थल पर मौजूद इजरायली सैनिकों ने भी उनकी एक एंबुलेंस पर गंदे पानी का छिड़काव कर उनके अभियान को बाधित करने का प्रयास किया।

हाल ही में इजरायली अदालत के एक आदेश के बाद अवैध सेटलरों और इजरायली सैनिकों से इस इलाके में कई फिलिस्तीनी परिवारों के इथनीक क्लिंजिंग और उनके जबरन विस्थापन का भारी जोखिम है। इस आदेश में जेविश सेटलर्स को फिलिस्तीनियों के घरों और जमीनों को देने के लिए उनके घरों से जबरन और अवैध निष्कासन को मंजूरी दे दी गई है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय और मानवाधिकार संगठनों द्वारा नियोजित बेदखली और इथनीक क्लिंजिंग की व्यापक रूप से निंदा की गई है। कई अंतरराष्ट्रीय सरकारों और एजेंसियों ने इजरायल से आग्रह किया है कि वह बेदखली कर अंतरराष्ट्रीय कानून का खुले तौर पर उल्लंघन न करे।


शेख जर्राह के फिलीस्तीनियों को बेदखल करने के इजरायल के हिंसक प्रयासों ने वेस्ट बैंक और पूर्वी येरुशेलम के कब्जे वाले फिलीस्तीनी क्षेत्रों में फिलिस्तीनियों के विरोध को बड़े पैमाने पर भड़का दिया है। इजरायली सुरक्षा बलों ने फिलिस्तीनियों के विरोध पर हिंसक कार्रवाई की है जिसमें पिछले महीने अल-अक्सा परिसर पर हमला और गाजा पर हवाई हमला शामिल है जिसमें 250 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं।

Israel
Israeli settlers
Israel's Violence
Palestine

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार


बाकी खबरें

  • indian economy
    अजय कुमार
    क्या 2014 के बाद चंद लोगों के इशारे पर नाचने लगी है भारत की अर्थव्यवस्था और राजनीति?
    18 Nov 2021
    क्या आपको नहीं लगता कि चंद लोगों के पास मौजूद बेतहाशा पैसे की वजह से भारत की पूरी राजनीति चंद लोगों के हाथों की कठपुतली बन चुकी है।
  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    निर्माण कार्य बंद होने पर मज़दूरों ने की मुआवज़े की मांग, श्रीनगर एनकाउंटर और अन्य ख़बरें
    17 Nov 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी मज़ार रहेगी निर्माण कार्य बंद होने पर मज़दूर संकट में, श्रीनगर एनकाउंटर और अन्य ख़बरों पर।
  •  कॉप-26 के इरादे अच्छे, पर गरीब देशों की आर्थिक मदद पर कुछ नहीं
    न्यूज़क्लिक टीम
    कॉप-26 के इरादे अच्छे, पर ग़रीब देशों की आर्थिक मदद पर कुछ नहीं
    17 Nov 2021
    न्यूज़क्लिक की इस ख़ास पेशकश में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह और न्यूज़क्लिक के मुख्य संपादक प्रबीर पुरकायस्थ ने कॉप-26 में जलवायु परिवर्तन पर किए गए एग्रीमेंट पर चर्चा की है।
  • congress
    सुहित के सेन
    राहुल जहां हिंदुत्व को धर-दबोचने में सफल, लेकिन कांग्रेस सांगठनिक तौर पर अभी भी कमज़ोर
    17 Nov 2021
    जहाँ एक तरफ विचारधारा चुनावों में सफलता पाने के लिए एक महत्वपूर्ण आधार है, वहीं इसके लिए एक सांगठनिक नींव अपनेआप में अपरिहार्य है।
  • judge
    भाषा
    लखीमपुर हिंसा: एसआईटी जांच की निगरानी पूर्व न्यायाधीश राकेश कुमार जैन करेंगे
    17 Nov 2021
    पीठ ने राज्य सरकार द्वारा दिए गए आईपीएस अधिकारियों के नामों पर भी गौर किया और जांच के लिए गठित एसआईटी में तीन आईपीएस अधिकारियों को शामिल किया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License