NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इज़रायलियों ने क़ब्ज़े वाले पूर्वी येरुशेलम में उकसाने वाली रैली निकाली, फ़िलिस्तीनियों के ख़िलाफ़ नस्लीय नारे लगाए
इज़रायल में नई सरकार ने तथाकथित "फ्लैग मार्च" की अनुमति दी। सैकड़ों चरमपंथी, अतिराष्ट्रवादी यहूदियों ने "अरब मुर्दाबाद" जैसे नारे लगाते हुए पुराने शहर में रैली निकाली।
पीपल्स डिस्पैच
16 Jun 2021
इज़रायलियों

साल 1967 के छह दिवसीय युद्ध के बाद पूर्वी येरुशेलम पर इजरायल के कब्जे की बरसी मंगलवार 15 जून को मनाने के लिए अतिदक्षिणपंथी व अति राष्ट्रवादी इजरायलियों के साथ साथ चरमपंथी इजरायलियों ने तथाकथित 'फ्लैग मार्च' निकाला। इस मार्च को रास्ता देने के लिए इजरायली पुलिस ने फिलिस्तीनियों के आंदोलन को रोक दिया और हिंसात्मक रुप से कुचल दिया जिसमें कब्जे वाले पूर्वी येरुशेलम में करीब 33 फिलीस्तीनी घायल हो गए हैं और करीब 17 फिलिस्तीनियों को गिरफ्तार किया गया।

हजारों इजरायलियों ने इजरायल के झंडे लहराते हुए पुराने शहर की ओर जाने वाले दमिश्क गेट के प्लाजा से जाफा गेट तक जाने के लिए मार्च शुरू किया, जिसमें प्रदर्शनकारी चरमपंथी, घृणित और नस्लीय नारे लगाए जैसे "अरब मुर्दाबाद", "तुम्हारा गांव जल जाए", "एक दूसरा नकबा आ रहा है।" मार्च करने वालों को इजरायल का राष्ट्रगान और सेटलर मूवमेंट का राष्ट्रगान गाते हुए भी देखा गया।

शहर के जेविश क्वार्टर को पार करने के बाद ये मार्च अंततः वेस्टर्न वाल के पास समाप्त हुआ। इजरायली पुलिस और अन्य इजरायली सुरक्षा बल बड़ी संख्या में इस मार्च के साथ थे। इजरायली अधिकारियों ने दमिश्क गेट जैसे मार्च रुट पर कई प्रमुख क्षेत्रों तक पहुंच को अवरुद्ध कर दिया। अधिकारियों ने फिलिस्तीनियों को रोकने के लिए पुराने शहर के बड़े क्षेत्र से कब्जे वाले पूर्वी येरुशेलम में सड़कों को ब्लॉक कर दिया, चेक प्वाइंट खड़े कर दिए और लोहे का बैरियर लगा दिया।

फ़िलिस्तीनियों ने उकसाने वाले इस मार्च के खिलाफ इस क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर और कब्जे वाले वेस्ट बैंक में जवाबी प्रदर्शन करने की कोशिश की लेकिन इजरायली सुरक्षा बलों ने उन पर हिंसक कार्रवाई की। पैलेस्टिनियन रेड क्रिसेंट के अनुसार इजरायली बलों ने एक अस्पताल पर गोलीबारी की और घायलों का इलाज करने से चिकित्सा कर्मियों और वाहनों की आवाजाही को रोक दिया।

ये इजरायली मार्च जो हर साल इजरायल के 'यरूशलेम दिवस' पर आयोजित किया जाता है वह मूल रूप से 10 मई को आयोजित होने वाला था लेकिन गत मंगलवार को होने से पहले दो बार स्थगित कर दिया गया था क्योंकि अल-अक्सा मस्जिद के आसपास और भीतर तथा कब्जे वाले पूर्वी येरुशेलम के शेख जर्राह इलाके में चरमपंथी सेटलर और इजरायली सुरक्षा बलों द्वारा हिंसा की गई थी।

Israel
israleli settlers
Palestine
israel rally against palestinians
palestine and israel
1967 war

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार


बाकी खबरें

  • Karnataka
    सबरंग इंडिया
    कर्नाटक: बजरंग दल के सदस्य की हत्या, पुलिस ने हिजाब विवाद से लिंक का खंडन किया
    22 Feb 2022
    20 फरवरी, 2022 को बजरंग दल के एक कार्यकर्ता की मौत के तुरंत बाद कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले में स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं और धारा 144 लागू कर दी गई है। डेक्कन हेराल्ड के अनुसार, निषेधाज्ञा की…
  • Tanzania
    पैन अफ्रीकैनिज़्म टूडे सेक्रेटैरियट
    जिनकी ज़िंदगी ज़मीन है: तंजानिया में किसानों के संघर्ष
    22 Feb 2022
    माउंटंदाओ वा विकुंडी व्या वकुलिमा तंजानिया तक़रीबन 200,000 छोटे-छोटे किसानों का एक नेटवर्क है। यह नेटवर्क ज़मीन पर कब्ज़ा करने और उन लोगों को अपराधी ठहराये जाने के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ रहा है, जिनकी…
  • तृप्ता नारंग
    मणिपुर चुनाव: आफ्सपा, नशीली दवाएं और कृषि संकट बने  प्रमुख चिंता के मुद्दे
    22 Feb 2022
    जहां कांग्रेस और एनपीएफ़ ने अपने घोषणापत्र में आफ्सपा को वापस लेने का ज़िक्र किया है, वहीं भाजपा इसमें चूक गई है।
  • up elections
    न्यूज़क्लिक टीम
    ग्राउंड रिपोर्ट : लखनऊ की स्लम बस्तियों के सुनो चुनावी एजेंडे
    21 Feb 2022
    ग्राउंड रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह पहुंचीं लखनऊ की ऐशबाग और सदर इलाके की स्लम बस्तियों में, जहां दलित समाज बसता है। उनके चुनावी बोल, चुनाव के एजेंडे टटोले, क्या चल रही साइकिल, या खिलेगा फूल…
  •  Anish Khan
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    छात्र नेता अनीश ख़ान की हत्या का विरोध जारी, कोलकाता उच्च न्यायालय में उठी सुनवाई की मांग
    21 Feb 2022
    एसएफ़आई ने अनीश ख़ान की मौत की निंदा करते हुए इसका ज़िम्मेदार तृणमूल कांग्रेस के गुंडों को बताया है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License