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इज़रायलियों ने क़ब्ज़े वाले पूर्वी येरुशेलम में उकसाने वाली रैली निकाली, फ़िलिस्तीनियों के ख़िलाफ़ नस्लीय नारे लगाए
इज़रायल में नई सरकार ने तथाकथित "फ्लैग मार्च" की अनुमति दी। सैकड़ों चरमपंथी, अतिराष्ट्रवादी यहूदियों ने "अरब मुर्दाबाद" जैसे नारे लगाते हुए पुराने शहर में रैली निकाली।
पीपल्स डिस्पैच
16 Jun 2021
इज़रायलियों

साल 1967 के छह दिवसीय युद्ध के बाद पूर्वी येरुशेलम पर इजरायल के कब्जे की बरसी मंगलवार 15 जून को मनाने के लिए अतिदक्षिणपंथी व अति राष्ट्रवादी इजरायलियों के साथ साथ चरमपंथी इजरायलियों ने तथाकथित 'फ्लैग मार्च' निकाला। इस मार्च को रास्ता देने के लिए इजरायली पुलिस ने फिलिस्तीनियों के आंदोलन को रोक दिया और हिंसात्मक रुप से कुचल दिया जिसमें कब्जे वाले पूर्वी येरुशेलम में करीब 33 फिलीस्तीनी घायल हो गए हैं और करीब 17 फिलिस्तीनियों को गिरफ्तार किया गया।

हजारों इजरायलियों ने इजरायल के झंडे लहराते हुए पुराने शहर की ओर जाने वाले दमिश्क गेट के प्लाजा से जाफा गेट तक जाने के लिए मार्च शुरू किया, जिसमें प्रदर्शनकारी चरमपंथी, घृणित और नस्लीय नारे लगाए जैसे "अरब मुर्दाबाद", "तुम्हारा गांव जल जाए", "एक दूसरा नकबा आ रहा है।" मार्च करने वालों को इजरायल का राष्ट्रगान और सेटलर मूवमेंट का राष्ट्रगान गाते हुए भी देखा गया।

शहर के जेविश क्वार्टर को पार करने के बाद ये मार्च अंततः वेस्टर्न वाल के पास समाप्त हुआ। इजरायली पुलिस और अन्य इजरायली सुरक्षा बल बड़ी संख्या में इस मार्च के साथ थे। इजरायली अधिकारियों ने दमिश्क गेट जैसे मार्च रुट पर कई प्रमुख क्षेत्रों तक पहुंच को अवरुद्ध कर दिया। अधिकारियों ने फिलिस्तीनियों को रोकने के लिए पुराने शहर के बड़े क्षेत्र से कब्जे वाले पूर्वी येरुशेलम में सड़कों को ब्लॉक कर दिया, चेक प्वाइंट खड़े कर दिए और लोहे का बैरियर लगा दिया।

फ़िलिस्तीनियों ने उकसाने वाले इस मार्च के खिलाफ इस क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर और कब्जे वाले वेस्ट बैंक में जवाबी प्रदर्शन करने की कोशिश की लेकिन इजरायली सुरक्षा बलों ने उन पर हिंसक कार्रवाई की। पैलेस्टिनियन रेड क्रिसेंट के अनुसार इजरायली बलों ने एक अस्पताल पर गोलीबारी की और घायलों का इलाज करने से चिकित्सा कर्मियों और वाहनों की आवाजाही को रोक दिया।

ये इजरायली मार्च जो हर साल इजरायल के 'यरूशलेम दिवस' पर आयोजित किया जाता है वह मूल रूप से 10 मई को आयोजित होने वाला था लेकिन गत मंगलवार को होने से पहले दो बार स्थगित कर दिया गया था क्योंकि अल-अक्सा मस्जिद के आसपास और भीतर तथा कब्जे वाले पूर्वी येरुशेलम के शेख जर्राह इलाके में चरमपंथी सेटलर और इजरायली सुरक्षा बलों द्वारा हिंसा की गई थी।

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