NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
नाकाबंदी समाप्ति की मांग कर रहे फ़िलिस्तिनियों पर इज़रायली सैनिकों का हमला, एक की मौत
पिछले महीने क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीनी क्षेत्र में साप्ताहिक विरोध प्रदर्शनों पर इज़रायली सैनिकों द्वारा की गई गोलीबारी में अब तक एक 12 साल के बच्चे सहित तीन लोगों की मौत हो गई है।
पीपल्स डिस्पैच
03 Sep 2021
नाकाबंदी समाप्ति की मांग कर रहे फ़िलिस्तिनियों पर इज़रायली सैनिकों का हमला, एक की मौत

गुरुवार 2 सितंबर को गाजा में रात के समय विरोध प्रदर्शनों में इजरायली सैनिकों द्वारा की गई गोलीबारी में कम से कम एक फिलिस्तीनी की मौत हो गई और 20 से अधिक लोग घायल हो गए। गाजा पट्टी में फिलिस्तीनी 2006से इजरायल द्वारा लगाए गए नाकाबंदी को समाप्त करने की मांग के लिए 1948 में निर्धारित इजरायल के साथ अपनी सीमाओं पर रात के समय विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

26 वर्षीय अहमद सालेह को पेट में उस समय गोली लगी जब इजरायली सेना ने दक्षिणी गाजा पट्टी में खास यूनिस के पास इकट्ठा हुए सैकड़ों फिलिस्तीनियों पर अंधाधुंध गोलियां चलाई थीं। इस गोलीबारी में पांच बच्चों सहित कम से कम 15 अन्य फिलिस्तीनी घायल हो गए। फायरिंग में घायल हुए बच्चों में से एक बच्चे की हालत गंभीर बताई जा रही है।

1948 से गाजा को विभाजित करने वाली घेरा के दूसरी पार से इजरायली सेना द्वारा चलाई गई रबर कोटेड गोलियों से कई अन्य फिलिस्तीनी भी घायल हो गए। इजरायली सैनिकों ने भी प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जिससे कई अन्य लोग घायल हो गए।

पिछले महीने विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद से साप्ताहिक विरोध प्रदर्शनों में अहमद सालेह की हत्या के साथ मरने वालों की कुल संख्या तीन हो गई है जिसमें एक 12 साल का बच्चा भी शामिल है। शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बड़े पैमाने पर इजरायल की गोलीबारी में करोड़ों फिलिस्तीनी घायल हो गए हैं।

गाजा में दो मिलियन से अधिक फिलिस्तीनी बुनियादी सुविधाओं के बिना रहने के लिए मजबूर हैं और इजरायल द्वारा अपनी सीमाओं से सामग्रियों और लोगों की मुक्त आवाजाही की अनुमति देने से इनकार करने के कारण नागरिक बुनियादी ढांचे तबाह हैं। ईजिप्ट की सीमा पर गाजा के संकीर्ण मार्ग से आवाजाही को भी इजरायल प्रतिबंधित करता है।

एक दशक से अधिक समय से गाज़ावासियों पर लगाए गए व्यापक भूमि, समुद्र और हवाई नाकेबंदी ने अब इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को तबाह कर दिया है। आधे से अधिक ग़ाज़ावासी बेरोजगार हैं और इनमें से अधिकांश गरीबी में जीने को मजबूर हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, इस नाकाबंदी ने गाजा को "दुनिया की सबसे बड़ी खुली जेल" में बदल दिया है। इस साल मई में 11 दिनों तक चले इजरायली बम हमले के बाद से फिलीस्तीनी क्षेत्र में स्थिति खराब हो गई है। इस हमले में 250 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए और 2,000 से अधिक लोग घायल हो गए, साथ ही नागरिक बुनियादी ढांचे का बड़ा हिस्सा नष्ट हो गया।

Palestine
Israel
Gaza

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार


बाकी खबरें

  • COP26
    रश्मि सहगल
    कॉप26 : भारत कर रहा है पर्यावरणीय संकटों का सामना  
    30 Oct 2021
    विकसित दुनिया कार्बन का मुख्य उत्सर्जक है, इसलिए इसे वैश्विक जलवायु परिवर्तन विरोधी प्रयासों के लिए अवश्य ही धन देना चाहिए। फिर भी, भारत घरेलू पर्यावरण संबंधी चिंताओं को नजरअंदाज नहीं कर सकता है।
  • facebook
    न्यूज़क्लिक टीम
    नफ़रत फैलाने पर घिरे फेसबुक की आड़ है 'मेटा'
    30 Oct 2021
    "पड़ताल दुनिया भर की" में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने फेसबुक की व्हिसल ब्लोअर फ्रांसिस हॉजन के फेसबुक द्वारा नफ़रत फैलाने के प्रमाण दुनिया के सामने लाने और विवादों में घिरे फेसबुक द्वारा मेटावर्स…
  • aryan khan
    अजय कुमार
    पक्ष-प्रतिपक्ष: आर्यन ख़ान होने के फ़ायदे, आर्यन ख़ान होने के नुक़सान
    30 Oct 2021
    कानूनी मामलों के जानकार कहते हैं कि भारतीय न्यायिक व्यवस्था के अंतर्गत अगर आप को आरोपी बना लिया गया गया,आप दोषी नहीं हैं, आपके पास पैसा और रसूख नहीं है तो खुद को निर्दोष साबित करने में आपकी पूरी…
  • Modi
    जॉन दयाल
    प्रधानमंत्री की वेटिकन यात्रा से पहले आई ईसाई समुदाय के खिलाफ़ हिंसा की ख़बर
    30 Oct 2021
    क्या पोप और पीएम मोदी की मुलाकात के बाद भारतीय ईसाईयों के प्रति हिंसा और नफरत में कमी आएगी, जिसका सामना वे लंबे समय, खासकर 2014 के बाद से करते रहे हैं?
  • kisan andolan
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    सुप्रीम कोर्ट को दिखाने के लिए बैरिकेड हटा रही है सरकार: संयुक्त किसान मोर्चा
    30 Oct 2021
    पुलिस टिकरी बॉर्डर और ग़ाज़ीपुर मोर्चों पर कुछ बैरिकेड को हटा रही है, एसकेएम नेताओं ने कहा है कि वे सही साबित हुए हैं कि पुलिस ने ही सड़कों को अवरुद्ध कर रखा था।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License