NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इजरायली सैनिकों का अल-अक़्सा परिसर पर फिर हमला, बड़ी संख्या में लोग घायल
इज़रायली सैनिकों ने अल-अक़्सा परिसर पर फिर हमला किया। इस हमले में शेख़ जर्राह से परिवारों को बेदख़ल करने के ख़िलाफ़ शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे दर्जनों फ़िलिस्तीनियों को चोटें आईं।
पीपल्स डिस्पैच
10 May 2021
इजरायली सैनिकों का अल-अक़्सा परिसर पर फिर हमला, बड़ी संख्या में लोग घायल

पैलेस्टिनियन रेड क्रिसेंन ने कहा कि सोमवार 10 मई को सैंकड़ों फिलिस्तीनी उस समय घायल हो गए जब इजरायली सुरक्षा बलों ने स्टन ग्रेनेड, आंसू गैस और रवर के कवर वाली गोलियों से चार दिनों के भीतर दूसरी बार हमला कर दिया। घायलों में कम से कम 50 गंभीर हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इजरायल का येरुशेलम दिवस मनाने को लेकर पूर्वी येरुशेलम में कट्टरपंथी यहूदी समूह द्वारा प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए शुक्रवार को इस हमले के बाद परिसर में इकट्टा फिलिस्तीनी प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए आज अल अक्सा मस्जिद में इजरायली सेना घुस गई। 

विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार चरमपंथी यहूदी समूह बड़ी संख्या में पुराने शहर में इकट्ठा हुए हैं और माना जाता है कि वे सुरक्षा घेरे में अल-अक्सा तक मार्च करने वाले हैं। 

अल-अक्सा में प्रदर्शनकारियों पर सोमवार का हमला इज़रायल के फिलिस्तीनी प्रदर्शनकारियों पर हमले की निरंतरता को दर्शाता है जो पिछले सप्ताह भर हुआ। रविवार को कम से कम 17 फिलिस्तीनी और एक चिकित्सा सहायक उस समय जख्मी हो गए जब लोग शेख जर्राह से परिवारों को बेदखल करने और शुक्रवार को अल अक्सा मस्जिद पर हमले के खिलाफ पूर्वी येरुशेलम भर में विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों पर इजरायली सुरक्षा बलों ने कार्रवाई की। 

इजरायल की सेना ने सोमवार की सुबह तड़के कब्जे वाले गाजा पट्टी के भीतर यह कहते हुए हवाई हमले भी किए कि फिलीस्तीनी समूहों ने इजरायल के भीतर रॉकेट दागे हैं। 

शेख जर्राह से फिलिस्तीनी परिवारों को बेदखल करने के खिलाफ इस प्रदर्शन को कब्जे वाले फिलिस्तीन में अब कई हफ्ता होने जा रहा है। शुक्रवार को अल अक्सा मस्जिद में नमाज अदा करने के बाद शेख जर्राह के परिवारों के साथ एकजुटता दिखाने वाले लोगों पर इजरायली सुरक्षा बलों के हमले के बाद इसने एक नया आयाम हासिल कर लिया। इस हमले में करीब दो सौ लोग घायल हो गए। शनिवार को इजरायल सुरक्षा बलों के इसी तरह के हमलों में कम से कम 90 से अधिक फिलिस्तीनी घायल हो गए।

यूनिसेफ के अनुसार कम से कम 29 फिलिस्तीनी बच्चे घायल हो गए हैं और अन्य आठ बच्चे को शुक्रवार और शनिवार को इजरायली सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार किया है।

शेख जर्राह कब्जे वाले पूर्वी येरुशेलम के इलाके में से है, जिसमें दर्जनों फिलिस्तीनी शरणार्थी परिवार  1950 के दशक में जॉर्डन के शासन के दौरान अपने पुनर्वास के बाद से रह रहे हैं। एक याचिका पर इजरायल की अदालत ने इनमें से कुछ परिवारों को अपना घर खाली करने के लिए कहा है। इजरायल इस स्थान पर एक यहूदी बस्ती का निर्माण करना चाहता है।

Israel
Palestine
Al-Aqsa mosque
UNICEF

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

वैश्विक निरक्षरता के स्थिर संकट के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाएँ

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है


बाकी खबरें

  • अनिल अंशुमन
    झारखंड: केंद्र सरकार की मज़दूर-विरोधी नीतियों और निजीकरण के ख़िलाफ़ मज़दूर-कर्मचारी सड़कों पर उतरे!
    29 Mar 2022
    जगह-जगह हड़ताल के समर्थन में प्रतिवाद सभाएं कर आम जनता से हड़ताल के मुद्दों के पक्ष में खड़े होने की अपील की गयी। हर दिन हो रही मूल्यवृद्धि, बेलगाम महंगाई और बेरोज़गारी के खिलाफ भी काफी आक्रोश प्रदर्शित…
  • मुकुंद झा
    दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को मिला व्यापक जनसमर्थन, मज़दूरों के साथ किसान-छात्र-महिलाओं ने भी किया प्रदर्शन
    29 Mar 2022
    केंद्रीय ट्रेड यूनियन ने इस दो दिवसीय हड़ताल को सफल बताया है। आज हड़ताल के दूसरे दिन 29 मार्च को देश भर में जहां औद्दोगिक क्षेत्रों में मज़दूरों की हड़ताल हुई, वहीं दिल्ली के सरकारी कर्मचारी और रेहड़ी-…
  • इंदिरा जयसिंह
    मैरिटल रेप को आपराधिक बनाना : एक अपवाद कब अपवाद नहीं रह जाता?
    29 Mar 2022
    न्यायिक राज-काज के एक अधिनियम में, कर्नाटक उच्च न्यायालय की व्याख्या है कि सेक्स में क्रूरता की स्थिति में छूट नहीं लागू होती है।
  • समीना खान
    सवाल: आख़िर लड़कियां ख़ुद को क्यों मानती हैं कमतर
    29 Mar 2022
    शोध पत्रिका 'साइंस एडवांस' के नवीनतम अंक में फ्रांसीसी विशेषज्ञों ने 72 देशों में औसतन 15 वर्ष की 500,000 से ज़्यादा लड़कियों के विस्तृत सर्वे के बाद ये नतीजे निकाले हैं। इस अध्ययन में पाया गया है कि…
  • प्रभात पटनायक
    पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतों में फिर होती बढ़ोतरी से परेशान मेहनतकश वर्ग
    29 Mar 2022
    नवंबर से स्थिर रहे पेट्रोल-डीज़ल के दाम महज़ 5 दिनों में 4 बार बढ़ाये जा चुके हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License