NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इज़रायली सैनिकों ने सिलवान में फ़िलिस्तीनियों की दुकान-घर को गिराया, 13 प्रदर्शनकारी घायल
विरोध के बावजूद पूर्वी येरुशेलम के क़ब्ज़े वाले सिलवान में फ़िलिस्तीनियों के स्वामित्व वाले क़रीब 20 घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अवैध तरीक़े से इज़रायल ध्वस्त कर रहा हैं।
पीपल्स डिस्पैच
30 Jun 2021
इज़रायली सैनिकों ने सिलवान में फ़िलिस्तीनियों की दुकान-घर को गिराया, 13 प्रदर्शनकारी घायल

मंगलवार 29 जून को कब्जे वाले पूर्वी येरुशेलम के निकट सिलवान में इजरायली अधिकारियों द्वारा फिलिस्तीनियों के घरों और दुकानों को अवैध तरीके से गिराए जाने से रोकने के लिए स्थानीय लोगों और एक्टिविस्टों द्वारा दिन भर किए गए प्रदर्शन पर इजरायली सुरक्षा बलों की कार्रवाई में करीब 13 फिलीस्तीनी घायल हो गए वहीं तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया।

सिलवान के अल-बुस्तान क्षेत्र में स्थानीय नगरपालिका बुलडोजर के साथ इजरायली सेना ने फिलिस्तीनी व्यक्ति की कसाई की दुकान को सुबह में अवैध तरीके से ध्वस्त करना शुरू किया। ये दुकान निदाल अल-रजाबी की है साथ ही इन पर हमला किया। ये दुकान फिलिस्तीनियों की स्वामित्व वाली उन 17 दुकानों व घरों में शामिल हैं जिसे 7 जून को ध्वस्त करने का आदेश मिला था।

इजरायल द्वारा संचालित येरुशेलम नगर पालिका द्वारा जारी किए गए विध्वंस के इन आदेशों ने इन फिलिस्तीनियों को निर्देश दिया कि वे या तो 21 दिनों के भीतर अपने घरों को खुद ध्वस्त कर दें या विध्वंस लागत की भरपाई करने के लिए 6000 अमेरिकी डॉलर के जुर्माने के साथ उनके द्वारा किए जा रहे गिराने की कार्रवाई का सामना करें।

इन 17 संरचनाओं मुख्य रूप से घरों को गिराने का मामला विचाराधीन है। इससे अल-बस्तान में रहने वाले लगभग 13 फ़िलिस्तीनी परिवारों के प्रभावित होने का खतरा है जिनमें 130 परिवार शामिल हैं। ऐसा होने से वे बेघर और विस्थापित हो जाएंगे। स्थानीय फिलिस्तीनी प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि इजरायल के अधिकारियों ने अवैध निर्माण और अनिवार्य इजरायली भवन परमिट की कमी का हवाला देते हुए अल-बुस्तान क्षेत्र में करीब 100 फिलिस्तीनी घरों को ध्वस्त करने की योजना बनाई है। इजरायल के अधिकारियों ने कथित तौर पर पूर्वी येरुशेलम की बस्तियों में रहने वाले अवैध इजरायली यहूदी सेटलर्स के लाभ के लिए उनके स्थान पर एक धार्मिक-प्रसंग वाले 'किंग्स गार्डन' नेशनल पार्क के निर्माण की योजना बनाई है। इस संभावित विध्वंस कार्रवाई से अल-बुस्तान के 1500 से अधिक फ़िलिस्तीनी लोगों के बेघर होने की संभावना है, पूरे सिलवान इलाके में लगभग 33,000 फ़िलिस्तीनी भी लगातार डर का साए में हैं और इजरायल के अधिकारियों द्वारा उनके घरों, संपत्ति और भूमि को जब्त करने और ध्वस्त करने का खतरा है।

अल-बुस्तान में मंगलवार को शुरू हुआ प्रदर्शन और धरना सिलवान के अन्य हिस्सों में भी फैल गया। सैकड़ों लोगों और एक्टिविस्टों ने इजरायली सैनिकों को अवैध विध्वंस करने से रोकने के संकल्प के साथ प्रदर्शन शुरू किया था। उन पर इजरायली सैनिकों और दंगा रोधी पुलिस द्वारा हमला किया गया। इन सैनिकों ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे, स्टन ग्रेनेड छोड़े, डंडों से हमला किया और साथ-साथ रबर कोटेड मेटल की गोलियों से हमला कर प्रदर्शन को दबा दिया।

Israel
Palestine

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार


बाकी खबरें

  • Uddhav Thackeray
    सोनिया यादव
    लचर पुलिस व्यवस्था और जजों की कमी के बीच कितना कारगर है 'महाराष्ट्र का शक्ति बिल’?
    24 Dec 2021
    न्याय बहुत देर से हो तो भी न्याय नहीं रहता लेकिन तुरत-फुरत, जल्दबाज़ी में कर दिया जाए तो भी कई सवाल खड़े होते हैं। और सबसे ज़रूरी सवाल यह कि क्या फांसी जैसी सज़ा से वाक़ई पीड़त महिलाओं को इंसाफ़ मिल…
  • jammu and kashmir
    अशोक कुमार पाण्डेय
    जम्मू-कश्मीर : परिसीमन को लोकतंत्र के ख़िलाफ़ हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रही है बीजेपी
    24 Dec 2021
    बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर श्रीनगर में हिंदू मुख्यमंत्री बनवाने का जुनून सवार है। इसके लिए केंद्र सरकार कश्मीर घाटी व दूसरी जगह के लोगों को, ख़ुद के द्वारा पहुंचाए जा रहे दर्द को नज़रअंदाज़…
  • modi biden
    मोनिका क्रूज़
    2021 : चीन के ख़िलाफ़ अमेरिका की युद्ध की धमकियों का साल
    24 Dec 2021
    जो बाइडेन प्रशासन लगातार युद्ध की धमकी देने, निराधार आरोपों और चीन के विरुद्ध बहु-देशीय दृष्टिकोण बनाने के संकल्प को पूरा करने के साथ नए शीत युद्ध को गरमाए रखना जारी रखे हुए है।
  • unemployment
    रूबी सरकार
    लोगों का हक़ छीनने वालों पर कार्रवाई करने का दम भरने वाले मुख्यमंत्री ख़ुद ही छीन रहे बेरोज़गारों का हक़!
    24 Dec 2021
    इंटरमीडिएट, ग्रेजुएशन, एमबीए करने के बाद भी मध्यप्रदेश के आईटीआई में शिक्षक सिर्फ 7200 रुपये प्रति महीने में काम करने के लिए मजबूर हैं, राज्य सरकार की ओर से राहत देने की बात भी हवाबाज़ी ही साबित हुई…
  • modi yogi
    लाल बहादुर सिंह
    चुनाव 2022: अब यूपी में केवल 'फ़ाउल प्ले' का सहारा!
    24 Dec 2021
    ध्रुवीकरण और कृपा बाँटने का कार्ड फेल होने के बाद आसन्न पराजय को टालने के लिए, अब सहारा केवल फ़ाउल प्ले का बचा है। ऐन चुनाव के समय बिना किसी बहस के जिस तरह निर्वाचन कार्ड को आधार से जोड़ने का कानून बना…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License