NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इज़रायली सैनिकों ने फ़िलिस्तीनी डॉक्टर शथा ओदेह को छापेमारी में उनके घर से हिरासत में लिया
क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक के कई हिस्सों में इसी तरह की छापेमारी में विश्वविद्यालय के एक छात्र और दो पूर्व राजनीतिक क़ैदी सहित नौ अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया था।
पीपल्स डिस्पैच
09 Jul 2021
इज़रायली सैनिकों ने फ़िलिस्तीनी डॉक्टर शथा ओदेह को छापेमारी में उनके घर से हिरासत में लिया

इजरायली सुरक्षा बलों ने बुधवार 7 जुलाई को कब्जे वाले वेस्ट बैंक में किए गए हिंसक छापेमारी की श्रृंखला के दौरान मशहूर फिलिस्तीनी विशेषज्ञ डॉक्टर शथा ओदेह को गिरफ्तार किया। हेल्थ वर्कर कमेटी (एचडब्ल्यूसी) के कार्यकारी निदेशक डॉ. ओदेह को 10 अन्य फिलिस्तीनियों के साथ हिरासत में लिया गया था। ये छापेमारी कथित तौर पर वेस्ट बैंक के विभिन्न हिस्सों में की गई थी।

मिड्ल ईस्ट-नॉर्थ अफ्रीका (एमईएनए) क्षेत्र के लिए पीपल्स हेल्थ मूवमेंट (पीएचएम) के क्षेत्रीय समन्वयक के रूप में भी काम करने वाली डॉ ओदेह को कथित तौर पर अज्ञात कारणों से उस समय हिरासत में लिया गया जब इजरायली सैनिकों ने उनके घर में जबरन घुस गए। उन्होंने छापेमारी के दौरान उनकी कार को भी जब्त कर लिया। रिपोर्टों में कहा गया है कि वेस्ट बैंक के अन्य हिस्सों में किए गए इसी तरह के छापेमारी में इजरायली सैनिकों ने लक्षित किए गए फिलिस्तीनियों के घरों और निजी संपत्ति की तोड़फोड़ की और नुकसान पहुंचाया। अन्य इन फिलिस्तीनियों में बिरजीत विश्वविद्यालय के एक छात्र और दो पूर्व राजनीतिक कैदी शामिल हैं।

पीएचएम ने डॉ. ओदेह की गिरफ्तारी की कड़े शब्दों में निंदा की और उनकी तत्काल बिना शर्त रिहाई की मांग की। सोशल मीडिया पर फिलीस्तीनी सूत्रों के अनुसार, इजरायल ने एक महीने पहले रामल्ला स्थित एचडब्ल्यूसी को बंद करने और अपना संचालन बंद करने का आदेश दिया था। डॉ. ओदेह और एचडब्ल्यूसी कब्जे वाले क्षेत्र के फिलीस्तीनियों के लिए एक समान इलाज और बेहतर सेवाओं की मांग में सबसे आगे आगे थे।

फिलिस्तीनी विदेश मामलों और प्रवासियों के मंत्रालय ने भी उनकी गिरफ्तारी और हिरासत की निंदा करने के लिए ट्विटर का सहारा लिया। इसने इस घटना को "चौथे जिनेवा कन्वेंशन का गंभीर उल्लंघन" और "रोम स्टेट्यूट के अधीन युद्ध अपराध" करार दिया। इसने स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्रों में फिलिस्तीनी श्रमिकों के व्यापक इजरायली उत्पीड़न को लेकर चिंता व्यक्त की। इसने विशेष रूप से "एचडब्ल्यूसी और कृषि कार्य समितियों के संघ के श्रमिकों पर व्यवस्थित और जानबूझकर निशाना बनाने और हमला करने को लेकर चिंता व्यक्त की।" ये घटना ऐसे समय में हुई जब फिलिस्तीनी "कोरोनावायरस महामारी की चौथी लहर" के लिए खुद को तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं। इसने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से "हेल्थ केयर के अधिकार सहित फिलिस्तीनी लोगों के मौलिक अधिकारों के गंभीर उल्लंघन" के लिए इज़रायल को जवाबदेह ठहराने का भी आह्वान किया।

Palestine
Israel
Shatha Odeh

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार


बाकी खबरें

  • Kusmunda coal mine
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    भू-विस्थापितों के आंदोलन से कुसमुंडा खदान बंद : लिखित आश्वासन, पर आंदोलन जारी
    01 Nov 2021
    कुसमुंडा में कोयला खनन के लिए 1978 से 2004 तक कई गांवों के हजारों किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया गया था। लेकिन अधिग्रहण के 40 वर्ष बाद भी भू-विस्थापित रोजगार के लिए भटक रहे हैं और एसईसीएल दफ्तरों…
  • Puducherry
    हर्षवर्धन
    विशेष : पांडिचेरी के आज़ादी आंदोलन में कम्युनिस्ट पार्टी की भूमिका
    01 Nov 2021
    आज एक नवंबर के दिन ही 1954 में पांडिचेरी फ्रांस से आज़ाद हुआ था। पांडिचेरी फ्रांस की गुलामी से आज़ाद कैसे हुआ और उसका भारत में विलय कैसे हुआ यह कहानी आम भारतीय जनमानस से कोसो-कोस दूर है। आइए जानते…
  • education
    प्रभात पटनायक
    विचार: एक समरूप शिक्षा प्रणाली हिंदुत्व के साथ अच्छी तरह मेल खाती है
    01 Nov 2021
    वैश्वीकृत पूंजी के लिए, अपने कर्मचारी भर्ती करने के लिए, ऐसे शिक्षित मध्यवर्ग की उपस्थिति आदर्श होगी, जो हर जगह जितना ज्यादा से ज्यादा हो सके, एक जैसा हो। शिक्षा का ऐसा एकरूपीकरण हिंदुत्व के जोर से…
  • Newsletter
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    यमन में एक बच्चा होना बुरे सपने जैसा है
    01 Nov 2021
    3 करोड़ की आबादी वाले यमन ने इस युद्ध में 2,50,000 से अधिक लोगों को खो दिया है, इनमें से आधे लोग युद्ध की हिंसा में मारे गए और बाक़ी आधे लोग भुखमरी और हैज़ा जैसी बीमारियों की वजह से।
  • Amit Shah
    सुबोध वर्मा
    लखनऊ में अमित शाह:  फिर किया पुराने जुमलों का रुख
    01 Nov 2021
    एक अहम स्वीकारोक्ति में शाह ने 2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा की संभावनाओं को 2024 में मोदी के प्रधानमंत्री बनने के साथ जोड़ दिया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License