NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इजरायली सैनिकों ने दो दिनों की छापे में एक पत्रकार सहित 20 फिलिस्तीनियों को उठाया
मंगलवार और बुधवार को हुई छापेमारी में फिलिस्तीन में लोगों के घरों, इमारतों, निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया।
पीपल्स डिस्पैच
23 Jan 2020
 Israeli soldiers pick up 20 Palestinians

21 और 22 जनवरी को क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में दो दिनों में की गई छापेमारी में इजरायली सुरक्षा बलों ने 20 फिलिस्तीनियों को उठाकर हिरासत में ले लिया। फिलिस्तीनी कैदियों की सोसायटी ने 22 जनवरी यानी बुधवार को बताया कि इजरायल की सेना ने फिलिस्तीनियों के घरों पर हमला किया, उनमें तोड़फोड़ की और निजी संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचाया।

मंगलवार की सुबह में क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक के दक्षिणी हिस्से में मौजूद हेब्रोन में उनके घरों से नौ फिलिस्तीनियों का उठा लिया गया। दो लोगों को उत्तरी वेस्ट बैंक के तुल्करेम से उठाया गया था जबकि तीन लोगों को उत्तरपूर्वी इलाके में तुबास से और कब्जे वाले क्षेत्र के उत्तर में नबलुस से दो लोगों को उठाया गया था। इसी रात, इज़रायली सेना ने तीन और फिलिस्तीनियों को उठा लिया जिनमें दो को नबलुस राज्य के नबलुस शहर के उत्तर सेबस्तिया नगर से छापेमारी के बाद उठाया। इसके अलावा फिलीस्तिनी पत्रकार को नबलुस के दक्षिण में ज़ातरा चेकप्वाइंट पार करने के प्रयास के दौरान हिरासत में लिया गया।

बाद में पत्रकार की पहचान यज़ान अबू सालेह के रूप में हुई जो जेनिन प्रांत में जेनिन शहर के दक्षिण में अर्राबा नगर के निवासी हैं। जब सालेह को उठाया गया तो वे रामल्लाह शहर से अपने घर की तरफ जा रहे थे। बाद में उन्हें एक अज्ञात स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया और उनके ठिकाने का अब तक पता नहीं है।

यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि किस आधार पर इजरायली सैनिकों ने फिलिस्तीनी पत्रकार या अन्य 19 फिलिस्तीनियों को हिरासत में लिया है। इज़राइली सेनाओं को फ़िलिस्तीनी गाँवों और घरों पर हमला करने की रणनीति को नियमित रूप से अमल में लाने के लिए जाना जाता है और लोगों में डर पैदा करने और भय फैलाने के लिए उनकी निजी संपत्ति को नुकसान पहुँचाया जाता है। इन वर्षों में इजराइल द्वारा ग़ैरक़ानूनी तरीके से इजरायल के कब्जे और अन्य दमनकारी गतिविधियों का विरोध करने के लिए कई फिलिस्तीनियों को गिरफ्तार किया गया है।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

Israel
Israeli soldiers
Palestinians

Related Stories

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार

2021: अफ़ग़ानिस्तान का अमेरिका को सबक़, ईरान और युद्ध की आशंका


बाकी खबरें

  • सुप्रीम कोर्ट
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    खोरी गांव विस्थापन: सुप्रीम कोर्ट ने तोड़-फोड़ पर नहीं लगाई रोक; पुनर्वास योजना में दी राहत
    24 Jul 2021
    खोरी गांव के मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। खोरी निवासियों को विस्थापन पर स्टे तो नहीं मिला किंतु मजदूर आवास संघर्ष समिति की ओर से दायर याचिका पर मिली पुनर्वास योजना में राहत दी…
  • महामारी के बीच नयी उम्मीदों के साथ टोक्यो ओलंपिक की रंगारंग शुरुआत
    भाषा
    महामारी के बीच नयी उम्मीदों के साथ टोक्यो ओलंपिक की रंगारंग शुरुआत
    24 Jul 2021
    दर्शकों के बिना आयोजित किये जा रहे ओलंपिक खेलों के उदघाटन समारोह में भी भावनाओं का ज्वार उमड़ता दिखा। लेकिन जब उदघाटन समारोह चल रहा था उस समय भी स्टेडियम के बाहर प्रदर्शनकारी ओलंपिक आयोजन के खिलाफ…
  • बधाई: मीराबाई चानू ने ओलंपिक में रजत पदक जीता
    भाषा
    बधाई: मीराबाई चानू ने ओलंपिक में रजत पदक जीता
    24 Jul 2021
    चानू ने भारत के भारोत्तोलन पदक के 21 साल के इंतजार को खत्म करते हुए महिलाओं के 49 किलोवर्ग में 202 किग्रा (87 किग्रा + 115 किग्रा) वजन उठाकर दूसरा स्थान पाया। इससे पहले कर्णम मल्लेश्वरी के 2000 सिडनी…
  • आर्थिक सुधारः स्कैम, मंदी और राष्ट्रवाद के सहारे
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    आर्थिक सुधारः स्कैम, मंदी और राष्ट्रवाद के सहारे
    24 Jul 2021
    कुल मिलाकर आर्थिक सुधार न सिर्फ सैद्धांतिक तौर पर विफल रहा है बल्कि व्यावहारिक तौर पर भी उसकी भयानक त्रासदी प्रकट हुई है।
  • कैसा रहा 1991 के मशहूर आर्थिक सुधार के बाद अब तक का सफ़र
    अजय कुमार
    कैसा रहा 1991 के मशहूर आर्थिक सुधार के बाद अब तक का सफ़र
    24 Jul 2021
    आकार के लिहाज से साल 1990 में दुनिया में भारत की अर्थव्यवस्था का स्थान 12वां था। साल 2020 में यह बढ़कर छठवें स्थान पर पहुंच गया। लेकिन जब प्रति व्यक्ति आय के आधार पर देखा जाए तो भारत की अर्थव्यवस्था…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License