NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन
वाम दलों ने धरने में सांप्रदायिकता के ख़िलाफ़ व जनता की एकता, जीवन और जीविका की रक्षा में संघर्ष को तेज़ करने के संकल्प को भी दोहराया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
28 Apr 2022
protest

देशभर में बढ़ते सांप्रदायिक हिंसा और उसके साथ ही बीजेपी सरकारों के द्वारा अतिक्रमण के नाम पर मुसलमानों को निशाने बनाने की राजनीती के ख़िलाफ़ दिल्ली के वाम दलों ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन किया।  उन्होंने  आरएसएस-भाजपा पर देश में विभाजनकारी सांप्रदायिक हमले करने का आरोप लगया।  उसी के खिलाफ़ आज गुरुवार , 28 अप्रैल, को संसद से कुछ ही दूर जंतर मंतर में सीपीआई (एम), सीपीआई, सीपीआई (एमएल)-लिबरेशन, आरएसपी, एआईएफबी की दिल्ली राज्य कमेटियों द्वारा  सैंकड़ो लोगों के साथ धरना प्रदर्शन किया गया।  वाम दलों ने जहांगीरपुरी में भाजपा शासित उत्तरी दिल्ली नगर निगम द्वारा की गई तोड़फोड़  क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की योजना का हिस्सा बताया।

धरने को सीपीआई (एम) महासचिव सीताराम येचूरी, सीपीआई (एम) पोलिट ब्यूरो सदस्य बृंदा करात, सीपीआई राष्ट्रीय सचिव अमरजीत कौर, सीपीआई (एमएल)-लिबरेशन पोलिट ब्यूरो सदस्य कविता कृष्णन व वामपंथी दलों के अन्य नेताओं ने संबोधित किया।

वक्ताओं ने इस बात को रेखांकित किया कि जहांगीरपुरी में तोड़फोड़ की कार्रवाई इलाके में हनुमान जयंती के नाम पर हथियारबंद जुलूस के जरिये सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने की कड़ी का हिस्सा है। बुलडोजर केवल मजदूर वर्ग के परिवारों की संपत्ति पर नहीं चल रहा है, बल्कि संविधान की मूल भावना पर ही चल रहा है।

माले की राष्टीय नेता कविता कृष्णन ने अपने वकत्वय में कहा कि, "बीजेपी आरएसएस के लोग देश धर्म के नाम पर बाँट रहे हैं। हम इतने सालों से देख रहे हैं कि रामनवी भी होती थी और हनुमान जयंती भी मनाई जाती रही है। लेकिन मस्जिद के सामने ही जाकर हथियार बंद जुलुस ले जाकर और भड़काउ नारे देना कौन से ग्रंथ में है? हमारे देश में हम ईद, दीवाली और होली एक साथ मनाते थे परन्तु बीजेपी के लोग इसे तोडना चाहते हैं।"

कविता ने अपने वक्तव्य के बाद साम्प्रदायिक हिंसा के खिलाफ नारे लगाए और लोगों  से अपनी एकता को और मज़बूत करने की अपील की।  उन्होंने कहा हम हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोजर नहीं चलने देंगे।  

इसी तरह सीपीआई(एम) की पोलित ब्यूरो सदस्य बृंदा करात ने वाम दलों की दिल्ली राज्य कमेटी को बधाई देते हुए कहा कि जिस तरह बीजेपी और आरएसएस के नफरती अभियान चलाया था और पूरे जहांगीरपुरी की घटना का एकतरफा चित्रण करने का प्रयास किया गया था, उन्होंने उसे तुरंत विफल किया और त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल पर गए और एक फैक्ट फाइंडिंग कर एक रिपोर्ट जारी की। इससे बीजेपी और आरएसएस की इस घटना में मिलीभगत का पर्दाफाश हुआ।  

बृंदा ने आरोप लगाते हुए कहा कि  दिल्ली पुलिस आज भी एकतरफ़ा कार्रवाई कर रही है। अभी भी जहाँगीरपुरी सी ब्लॉक से एक धर्म को मानाने वाले युवाओं को पूछताछ के लिए बुला रही है और उन्हें गिरफ़्तार कर रही है। लेकिन दूसरी तरफ सैकडों की संख्या में जो कथित शोभा यात्र में हथियारों और बंदूक लहरा रहे थे, उनमें से केवल पांच की ही पहचान हुई है। जबकि इसके आयोजक वीएचपी नेताओं को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।  

बृंदा ने आगे कहा कि आज भी हम लोग वहां राहत अभियान चला रहे हैं। इस पूरे हिंसा में 120 परिवार सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं,  जिनकी जीविका पर हमला हुआ है। परन्तु इस सबके बाद भी लोगों में एकता कायम है? लोग अब भी सोच में है कि कैसे इलाके में इतनी बड़ी साम्प्रदायिक हिंसा हो गयी जब वहां यह सभी लोग सालों से रहते आये हैं और कभी भी ऐसी कोई घटना नहीं हुई।  

उन्होंने आगे कहा कि वाम दलों का प्रतिरोध उम्मीद पैदा करता है कि जब भी ऐसा हमला होगा तो ये उनका मुकाबला करेंगे। क्योंकि बीजेपी ये बलडोज़र किसी घर माकन या दुकान पर नहीं बल्कि देश के संविधान और उसके लोकतान्त्रिक ढांचे पर चला रही है।  

माले के दिल्ली राजयसचिव रवि राय ने भाषण देते हुए कहा, "जिस तरह से दिल्ली में नफ़रती बुलडोजर को लेफ्ट पार्टियों ने रोका वो साहसिक कदम था।  उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के लोग मुसलमानों को टारगेट कर के हमला कर रही है।  लेकिन हम इसके खिलाफ लड़ रहे हैं और लड़ेंगे। " 

सीपीआई (एम) महासचिव कामरेड सीताराम येचूरी ने अपने भाषण में कहा कि, "बढ़ती मंहगाई, बेरोज़गारी समेत हर क्षेत्र में अपनी विफलता से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए सत्तासीन दल द्वारा सांप्रदायिक रणनीति का इस्तेमाल किया जा रहा है। सांप्रदायिकता के खिलाफ़ संघर्ष के साथ-साथ जनता के रोज़मर्रा के सवालों पर संघर्षों को तेज़ करना होगा।"

वाम दलों ने धरने में सांप्रदायिकता के खिलाफ़ व जनता की एकता, जीवन व जीविका की रक्षा में संघर्ष को तेज़ करने के संकल्प को भी दोहराया।

इसे भी देखे : दिल्ली: सांप्रदायिक और बुलडोजर राजनीति के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

Left Parities Protest
CPI
CPI-M
Jahangirpuri Violence
communal violence
BJP
RSS
Sitaram yechury
Brinda Karat

Related Stories

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

कविता का प्रतिरोध: ...ग़ौर से देखिये हिंदुत्व फ़ासीवादी बुलडोज़र

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

दिल्ली: सांप्रदायिक और बुलडोजर राजनीति के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

आंगनवाड़ी महिलाकर्मियों ने क्यों कर रखा है आप और भाजपा की "नाक में दम”?

NEP भारत में सार्वजनिक शिक्षा को नष्ट करने के लिए भाजपा का बुलडोजर: वृंदा करात

नौजवान आत्मघात नहीं, रोज़गार और लोकतंत्र के लिए संयुक्त संघर्ष के रास्ते पर आगे बढ़ें


बाकी खबरें

  • mayawati
    सुबोध वर्मा
    यूपी चुनाव: दलितों पर बढ़ते अत्याचार और आर्थिक संकट ने सामान्य दलित समीकरणों को फिर से बदल दिया है
    28 Feb 2022
    एसपी-आरएलडी-एसबीएसपी गठबंधन के प्रति बढ़ते दलितों के समर्थन के कारण भाजपा और बसपा दोनों के लिए समुदाय का समर्थन कम हो सकता है।
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 8,013 नए मामले, 119 मरीज़ों की मौत
    28 Feb 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 1 लाख 2 हज़ार 601 हो गयी है।
  • Itihas Ke Panne
    न्यूज़क्लिक टीम
    रॉयल इंडियन नेवल म्युटिनी: आज़ादी की आखिरी जंग
    28 Feb 2022
    19 फरवरी 1946 में हुई रॉयल इंडियन नेवल म्युटिनी को ज़्यादातर लोग भूल ही चुके हैं. 'इतिहास के पन्ने मेरी नज़र से' के इस अंग में इसी खास म्युटिनी को ले कर नीलांजन चर्चा करते हैं प्रमोद कपूर से.
  • bhasha singh
    न्यूज़क्लिक टीम
    मणिपुर में भाजपा AFSPA हटाने से मुकरी, धनबल-प्रचार पर भरोसा
    27 Feb 2022
    मणिपुर की राजधानी इंफाल में ग्राउंड रिपोर्ट करने पहुंचीं वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह। ज़मीनी मुद्दों पर संघर्षशील एक्टीविस्ट और मतदाताओं से बात करके जाना चुनावी समर में परदे के पीछे चल रहे सियासी खेल…
  • up elections
    न्यूज़क्लिक टीम
    उत्तर प्रदेश चुनाव: क्या हैं जनता के असली मुद्दे?
    27 Feb 2022
    न्यूज़क्लिक ने उत्तर प्रदेश बनारस विधानसभा में मीलों का सफ़र तय किया, यह जानने की कोशिश थी की आखिर जनता क्या चाहती है? क्या जनता इस बार भी धर्म को सबसे ऊपर रखते हुए अपना मुख्यमंत्री चुनेगी या…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License