NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
जहांगीरपुरी हिंसा : अब 'आप' ने मुख्य आरोपी अंसार को 'बीजेपी' का बताया
जहांगीरपुरी हिंसा मामले में आरोप-प्रत्यारोप की एक अलग सीढ़ी चढ़ते हुए आम आदमी पार्टी ने दावा किया है कि पुलिस द्वार मुख्य आरोपी बताया गया शख्स अंसार दरअसल बीजेपी का नेता है। इससे पहले बीजेपी ने सोमवार को कहा था कि अंसार आम आदमी पार्टी का नेता है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
19 Apr 2022
jahangirpuri violence

दिल्ली के जहांगीरपुरी में हुई हिंसा के मामले में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी ने एक ट्वीट कर कुछ बड़ी बातें सामने रखी हैं। ग्रेटर कैलाश विधायक और आप की नेता आतिशी ने मंगलवार शाम 5 बजे 1 ट्वीट करके जहांगीरपुरी हिंसा के बारे में अहम खुलासे किए।

आतिशी ने कहा कि जहांगीरपुरी दंगे में मुख्य आरोपी के तौर पर गिरफ़्तार किये गए अंसार के भारतीय जनता पार्टी से गहरे ताल्लुक हैं। यही नहीं आतिशी ने कहा कि अंसार बीजेपी के नेता हैं।

आतिशी ने ट्विटर पर 4 तस्वीरें पोस्ट करते हुए लिखा, "जहाँगीरपुरी दंगों का मुख्य आरोपी- अँसार- भाजपा का नेता है। उसने भाजपा की प्रत्याशी संगीता बजाज को चुनाव लड़वाने में प्रमुख भूमिका निभायी और भाजपा में सक्रिय भूमिका निभाता है।"

जहाँगीरपुरी दंगों का मुख्य आरोपी- अँसार- भाजपा का नेता है। उसने भाजपा की प्रत्याशी संगीता बजाज को चुनाव लड़वाने में प्रमुख भूमिका निभायी और भाजपा में सक्रिय भूमिका निभाता है

ये साफ़ है कि भाजपा ने दंगे करवाए। भाजपा दिल्ली वालों से माफ़ी माँगे।

भाजपा गुंडों-लफ़ंगों की पार्टी है pic.twitter.com/BcjifgTmWx

— Atishi (@AtishiAAP) April 19, 2022

आतिशी ने जो तस्वीरें पोस्ट कीं उसमें अंसार को बीजेपी नेता संगीता बजाज के साथ देखा जा सकता है।

न्यूज़क्लिक ने जब जानकारी जुटाई तब पता चला कि संगीता बजाज 2017 एमसीडी चुनाव में जहाँगीरपुरी से बीजेपी की प्रत्याशी थीं। जो तस्वीरें पोस्ट की गई हैं उनमें अंसार को किसी रैली और स्टेज पर देखा जा सकता है। अंसार ने बीजेपी की टोपी लगाई है और बीजेपी नेताओं के साथ तस्वीरें खिंचवाता दिख रहा है।

mcd 2017

आपको बता दें कि 16 अप्रैल को दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाक़े में हनुमान जयंती पर हिंसा भड़क गई थी जिसके बाद 17 अप्रैल को पुलिस ने 14 लोगों को गिरफ़्तार किया था, जो कि सभी मुस्लिम थे। पुलिस ने अंसार को मुख्य आरोपी बताया है।

आतिशी ने अपनी ट्वीट में आगे लिखा, "ये साफ़ है कि भाजपा ने दंगे करवाए। भाजपा दिल्ली वालों से माफ़ी माँगे। भाजपा गुंडों-लफ़ंगों की पार्टी है।"

बता दें कि इससे पहले भारतीय जनता पार्टी की तरफ़ से प्रवक्ता सारिका जैन ने अंसार को आम आदमी पार्टी का बताया था।

साथ ही कहा गया था कि "वह दिल्ली विधानसभा चुनावों में स्थानीय आम आदमी पार्टी के विधायक के लिए चुनाव प्रचार का काम करता रहा है। अब वह क्षेत्र के एक प्रभावशाली आम आदमी पार्टी के नेता के विशेष सहयोगी के रूप में क्षेत्र में काम कर रहा है।"

जहाँगीर पूरी में जो हुआ।
दो साल पहले जो हुआ।
उसे देखकर हिंदुओं को समझ में आ जाना चाहिए कि मुफ्त बिजली और पानी की कितनी बड़ी कीमत चुका रहे हैं और आगे चुकाएंगे।
पहले ताहिर हुसैन ओर अब
अंसार @ArvindKejriwal की पार्टी का कार्यकर्ता है । pic.twitter.com/RrZWiWnLGl

— Sarika A Jain 🇮🇳 (@SarikaJainBJP) April 18, 2022

लाइव प्रेस कॉन्फ्रेंस में बात करते हुए मंगलवार को आप विधायक सौरभ भारद्वाज ने अंसार की यही तस्वीरें दिखाते हुए कहा कि राम नवमी से लेकर हनुमान  जयंती तक जो देश के 7 राज्यों में दंगे करवाए गए उसका फायदा किस पार्टी को हुआ? उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा, "इनके व्हाट्सएप पर मैसेज लिख कर तैयार हैं कि दंगे करवाओ और मैसेज भेजो।"

सौरभ भारद्वाज ने कहा, "यह स्पष्ट है कि दंगों का सबसे बड़ा फ़ायदे भारतीय जनता पार्टी को होता है। इनके सदस्य, इनके सांसद, इनके गृह मंत्री, इनके प्रदेश अध्यक्ष, इनके पार्टी अध्यक्ष, पार्टी का हर आदमी दंगों से फ़ायदा लेने के लिए बैठा है।"

बता दें कि अंसार की पहचान को लेकर राजनीतिक पार्टियों और मीडिया चैनलों में कई तरह की बातें कही जा रही हैं।

Delhi Violence
Jahangirpuri Violence
Communal Hate
communal violence
AAP
BJP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग


बाकी खबरें

  • Sensex
    न्यूज़क्लिक टीम
    सेंसेक्स ऊपर मतलब अमीरों के अच्छे दिन
    24 Sep 2021
    सेंसेक्स में पिछ्ले तीन सालों में 65% उछाल आया है, जबकि हमारी जीडीपी का हाल खस्ता है। इसका कारण है की देश की बड़ी कंपनियों का मुनाफ़ा तेज़ी से बढ़ा है, लेकिन कामगारों का वेतन और मजदूरी तीन साल में घट…
  • supreme court on caste census
    अजय कुमार
    जातिवार जनगणना न कराने से जुड़े सरकार के तर्क बेहद बचकाना!
    24 Sep 2021
    सरकार सुप्रीम कोर्ट से कह रही है कि प्रशासनिक जटिलताओं की वजह से जातिवार जनगणना कराना मुमकिन नहीं। क्या इस तर्क में दम है?
  • scheme workers
    मुकुंद झा
    स्थायी नौकरी और वेतन की मांग को लेकर देशभर में स्कीम वर्कर्स की हड़ताल और प्रदर्शन
    24 Sep 2021
    ये प्रदर्शन अखिल भारतीय संयुक्त समिति के आह्वान पर किए गए। एक दिवसीय हड़ताल के तहत पूरे देश में जिला मुख्यालयों, ब्लॉक मुख्यालयों व कार्यस्थलों पर आंगनवाड़ी, मिड डे मील और आशा कर्मचारियों द्वारा जोरदार…
  • kisan
    बादल सरोज
    हुक्काम बनाम अवाम : 17 सितंबर बनाम 27 सितंबर
    24 Sep 2021
    ख़ैरियत की बात यह है कि भारत दैट इज़ इंडिया नाम के सॉवरिन सेक्युलर डेमोक्रेटिक रिपब्लिक में एक पब्लिक है अभी और वो सब जानती है। यही पब्लिक 17 सितंबर के इस झूठे, कल्पित और आभासीय रिकॉर्ड के खिलाफ 27…
  • Haldwani medical college students
    सत्यम कुमार
    मेडिकल छात्रों की फीस को लेकर उत्तराखंड सरकार की अनदेखी
    24 Sep 2021
    इससे पहले नॉनबॉन्ड वाले छात्रों को सालाना 4 लाख रुपए फीस देनी होती थी। बॉन्ड के तहत प्रवेश लेने वाले छात्रों, जिन्हें पांच साल के लिए दुर्गम इलाकों में अपनी सेवाएं देनी होती थी, की यही फीस मात्र 50,…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License