NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
जामिया हिंसा: सुप्रीम कोर्ट का दखल से इनकार, हाईकोर्ट जाने की दी सलाह
सुप्रीम कोर्ट ने जामिया, AMU हिंसा मामले में दखल देने से इनकार करते हुए याचिकाकर्ताओं को संबंधित हाई कोर्ट में जाने को कहा है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
17 Dec 2019
supreme court

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस के कथित अत्याचार संबंधी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए मंगलवार को कहा कि राहत के लिए पहले हाई कोर्ट जाना चाहिए। न्यायालय ने यह भी पूछा कि दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान बसों को कैसे जलाया गया।

प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे की अगुवाई वाली पीठ ने कहा, ‘हम तथ्य जानने में समय बर्बाद नहीं करना चाहते, आपको पहले निचली अदालत में जाना चाहिए।’

इससे पहले, जामिया विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों के संगठन के वकील ने कहा था कि उच्चतम न्यायालय को शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार की रक्षा करनी चाहिए। वहीं, प्रदर्शनकारियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने कहा कि एएमयू, जामिया के छात्रों के खिलाफ एक के बाद एक प्राथमिकी दर्ज की गई।

इस पर पीठ ने कहा कि संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने जैसे अपराधों के लिए कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए। पीठ ने कहा कि हमने अपनी सोच से अवगत करा दिया है कि नागरिक संशोधन कानून को लेकर विरोध प्रदर्शन के मामले में तथ्यों का पता लगाने की कवायद के लिये पहले उच्च न्यायालय जाना चाहिए।

जामिया के कुलपति के मीडिया को दिए बयान पर विचार करने से इंकार करते हुये न्यायालय ने किसी भी न्यायिक नतीजे पर पहुंचने के लिये समाचार पत्रों पर निर्भर नही रहेंगे। केन्द्र ने न्यायालय को बताया कि कोई भी छात्र जेल में नहीं है और घायल छात्रों को पुलिस अस्पताल ले गयी थी।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि हिंसा के दौरान 31 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। 20 गाड़ियों को आग लगाई गई। पुलिस के बिना इजाजत जामिया कैंपस में घुसने के आरोपों पर मेहता ने दावा किया कि प्रॉक्टर ने पुलिस से गुजारिश की थी।

न्यायालय ने केंद्र से सवाल किया कि प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करने से पहले उन्हें कोई नोटिस क्यों नहीं दी गयी और क्या घायल छात्रों को मेडिकल सहायता दी गयी थी।

हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने बाद में कहा कि सॉलीसीटर जनरल ने उच्चतम न्यायालय में बेबुनियाद आरोप लगाया कि चीफ प्रॉक्टर ने पुलिस को जामिया परिसर में घुसने की इजाजत दी।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Supreme Court
Jamia Violence
CAA
NRC
Jamia Protest
AMU
Jamia Milia Islamia

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

मलियाना कांडः 72 मौतें, क्रूर व्यवस्था से न्याय की आस हारते 35 साल

क्या ज्ञानवापी के बाद ख़त्म हो जाएगा मंदिर-मस्जिद का विवाद?


बाकी खबरें

  • किसान राष्ट्रीय सम्मेलन में आंदोलन को अखिल भारतीय विस्तार देने पर हुई चर्चा
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    किसान राष्ट्रीय सम्मेलन में आंदोलन को अखिल भारतीय विस्तार देने पर हुई चर्चा
    26 Aug 2021
    सम्मेलन में नेताओं ने किसान तीन कॉर्पोरेट-समर्थक, किसान-विरोधी केंद्रीय कानूनों को पूरी तरह से निरस्त करने पर क्यों जोर दे रहे हैं, और  संशोधनों के साथ छेड़छाड़ करने से क्यों काम नहीं चलेगा उसका तर्क…
  • तमिलनाडु : कथित सेक्स चैट से बीजेपी को बड़ा झटका
    श्रुति एमडी
    तमिलनाडु : कथित सेक्स चैट से बीजेपी को बड़ा झटका
    26 Aug 2021
    जहाँ एक तरफ़ पार्टी राज्य में अपनी साख जमाना चाह रही है, वहीं तमिलनाडु बीजेपी के जनरल सेक्रेटी ने इस्तीफ़ा दे दिया है।
  • गुजरात उच्च न्यायालय ने धर्मांतरण विरोधी क़ानून की धारा 5 हटवाने वाली राज्य सरकार की अर्ज़ी खारिज़ की
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    गुजरात उच्च न्यायालय ने धर्मांतरण विरोधी क़ानून की धारा 5 हटवाने वाली राज्य सरकार की अर्ज़ी खारिज़ की
    26 Aug 2021
    गुजरात सरकार ने नए धर्मांतरण रोधी कानून की धारा पांच के क्रियान्वयन पर रोक के संबंध में अदालत के हालिया फैसले में संशोधन का अनुरोध करने वाली राज्य सरकार की अर्जी बृहस्पतिवार को खारिज कर दी।
  • ओडिसा: जबरन जमीन अधिग्रहण का विरोध कर रही आदिवासी महिला नेता को किया नज़रबंद
    अनिल अंशुमन
    ओडिसा: जबरन जमीन अधिग्रहण का विरोध कर रही आदिवासी महिला नेता को किया नज़रबंद
    26 Aug 2021
    ओडिसा में आदिवासी महिला हॉकी खिलाड़ियों का हुआ स्वागत और जबरन ज़मीन अधिग्रहण का विरोध कर रही आदिवासी महिला नेता को किया नज़रबंद ! 
  • श्रम मोलभावों के लिए आईआरसी एक ग़ैरज़रूरी कानून है
    डॉ के आर श्याम सुंदर
    श्रम मोलभावों के लिए आईआरसी एक ग़ैरज़रूरी कानून है
    26 Aug 2021
    औद्योगिक संबंध संहिता (इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड-आईआरसी) औद्योगिक प्रतिष्ठानों द्वारा मोलभाव के लिए बनाई गई परिषदों/संघों और कर्मचारियों के बीच सेवा-शर्तों से संबंधित बातचीत/मोलभावों के ऊपर नियम बना रहा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License