NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
शिक्षा
भारत
जौनपुर: कालेज प्रबंधक पर प्रोफ़ेसर को जूते से पीटने का आरोप, लीपापोती में जुटी पुलिस
स्टूडेंट्स से प्रयोगात्मक परीक्षा में अवैध वसूली करने का कोई आदेश नहीं है। यह सुनते ही वह बिफर पड़े। नाराज होकर प्रबंधक ने पहले गाली-गलौच किया और बाद में जूते निकालकर मेरी पिटाई शुरू कर दी। उन्होंने हमें चेहरे, हाथ, पीठ और सिर पर घूसे भी मारे। इस दौरान हमारे शर्ट की जेब भी फट गई।
न्यूजक्लिक रिपोर्ट
30 May 2022
jaunpur
फ़ोटो साभार: ट्विटर

उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के प्रतापपुर स्थित गोविंद बल्लभ पंत पीजी कॉलेज में एक असिस्टेंट प्रोफेसर की जूते से पिटाई के मामले ने योगी सरकार की हुकूमत को शर्मसार कर दिया है। आरोप है कि कालेज के प्रबंधक सुधीर कुमार उपाध्याय प्रायोगिक परीक्षा के लिए स्टूडेंट से अतिरिक्त धन वसूलने के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर सुभाष वर्मा पर दबाव बना रहे थे। ऐसा करने से मना करने पर प्रबंधक ने असिस्टेंट प्रोफेसर को जूतों से पीटा, मारपीट और गाली-गलौच भी किया। प्रोफेसर को इतना मारा कि उसके शरीर पर कई चोटें आई और कपड़े भी फट गए। तहरीर देने के बावजूद इलाकाई थाना पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। जांच के नाम पर इस सनसनीखेज मामले में पुलिस लीपापोती करने में जुटी है।

जौनपुर जिले के प्रतापगंज स्थित गोविंद बल्लभ पंत पीजी कॉलेज में सुभाष वर्मा असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। कालेज में इनकी नियुक्ति शासन ने की है। यह कालेज वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध है। इस समय विश्वविद्यालय से संबद्ध कालेजों में परीक्षा चल रही है। सुभाष वर्मा यहां सहायक केंद्र अध्यक्ष के रूप में भी दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। असिस्टेंट प्रोफेसर सुभाष वर्मा बताते हैं, "विगत 26 मई को विद्यालय में परीक्षा खत्म हो गई थी। वह उत्तर पुस्तिकाओं को पैक कराने के बाद घर लौटने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान महाविद्यालय के प्रबंधक सुधीर कुमार उपाध्याय पहुंचे और उन पर प्रयोगात्मक परीक्षा में अतिरिक्त शुल्क वसूली के लिए दबाव बनाने लगे। हमने उन्हें अवगत कराया कि प्रायोगिक परीक्षा के बाबत सूचना बोर्ड पर प्राचार्य ने चस्पा करा दी है। प्राचार्य ने स्पष्ट कर दिया है कि स्टूडेंट्स से प्रयोगात्मक परीक्षा में अवैध वसूली करने का कोई आदेश नहीं है। यह सुनते ही वह बिफर पड़े। नाराज होकर प्रबंधक ने पहले गाली-गलौच किया और बाद में जूते निकालकर मेरी पिटाई शुरू कर दी। उन्होंने हमें चेहरे, हाथ, पीठ और सिर पर घूसे भी मारे। इस दौरान हमारे जेब की शर्ट भी फट गई।"

जान से मारने की धमकी

असिस्टेंट प्रोफेसर सुभाष वर्मा ने घटना की लिखित सूचना सिकरारा थाना पुलिस को दी। तहरीर देने के बावजूद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। मामले को रफा-दफा करने के लिए वह वर्मा पर दबाव बनाने में जुट गई। आरोप है कि सिकरारा थानाध्यक्ष ने प्रबंधक पक्ष से क्रास तहरीर मंगवा ली। 26 मई को हुई इस घटना की रिपोर्ट अभी तक नहीं की जा सकी है। यह स्थिति तब है जब योगी सरकार ने अप्रिय वारदातों को अंजाम देने वालों पर सख्त एक्शन लेने के निर्देश दिए हैं। पुलिस का कहना है कि अभी मामले की जांच की जा रही है। यह नहीं बता सकते कि जांच कब तक चलेगी।   

सुभाष वर्मा मूलतः लखनऊ के रहने वाले हैं। वह कहते हैं कि वह पिछड़ी जाति से आते हैं। उनकी नियुक्ति संघ लोक सेवा आयोग से बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर हुई है। कालेज के प्रबंधक हमें लंबे समय से परेशान कर रहे हैं। झूठे आरोप लगाकर एक दफा निलंबित भी कर चुके हैं। खुद तमाम वित्तीय अनियमितताओं में फंसे हैं और उनके खिलाफ कई जांचे भी चल रही हैं। वर्मा कहते हैं, "मैं पिछड़ी जाति से आता हूं, यही मेरा कुसूर है। प्रबंधक द्वारा की गई दबंगई के बाद से मैं असहज महसूस कर रहा हूं। ऐसी स्थिति में परीक्षा जैसी आवश्यक सेवा भी संपन्न कराना बहुत कठिन लग रहा है। प्रबंधक ने हमें मारने और उठवा लेने की धमकी दी है। परीक्षा अवधि में स्टूडेंट्स और टीचर्स के अलावा किसी व्यक्ति का कालेज में प्रवेश वर्जित है। इसके बावजूद परीक्षा के समय प्रबंधक सुधीर कुमार उपाध्याय कालेज में घुस आए। इसका वीडियो रिकॉर्डिंग भी मेरे पास मौजूद है। हमारे पास ऐसे तामाम साक्ष्य मौजूद हैं जिससे हम साबित कर सकते हैं कि इस कालेज में अनियमितताओं और घोटालों का बोलबाला है।"

गोविंद बल्लभ पंत पीजी कॉलेज के प्रबंधक सुधीर कुमार उपाध्याय पेशे से अधिवक्ता हैं। इनका कहना है कि असिस्टेंट प्रोफेसर लापरवाह और लड़ाकू है। खुद नेतागिरी करता है। जूता मारने की बात गलत है। 

सिकरारा थाने के इंस्पेक्टर विवेक तिवारी का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज मिलते ही स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। गोविंद बल्लभ पंत पीजी कॉलेज की स्थिति काफी खराब है। इस कालेज में स्टूडेंट्स के लिए शौचालय, शुद्ध पेयजल आदि की व्यवस्था भी ठीक नहीं है।

education
Uttar pradesh
Jaunpur
Beating Professor

Related Stories

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

कर्नाटक पाठ्यपुस्तक संशोधन और कुवेम्पु के अपमान के विरोध में लेखकों का इस्तीफ़ा

बच्चे नहीं, शिक्षकों का मूल्यांकन करें तो पता चलेगा शिक्षा का स्तर

अलविदा शहीद ए आज़म भगतसिंह! स्वागत डॉ हेडगेवार !

कर्नाटक: स्कूली किताबों में जोड़ा गया हेडगेवार का भाषण, भाजपा पर लगा शिक्षा के भगवाकरण का आरोप

शिक्षा को बचाने की लड़ाई हमारी युवापीढ़ी और लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई का ज़रूरी मोर्चा

नई शिक्षा नीति बनाने वालों को शिक्षा की समझ नहीं - अनिता रामपाल

बिहारः प्राइवेट स्कूलों और प्राइवेट आईटीआई में शिक्षा महंगी, अभिभावकों को ख़र्च करने होंगे ज़्यादा पैसे

कर्नाटक: वंचित समुदाय के लोगों ने मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों, सूदखोरी और बच्चों के अनिश्चित भविष्य पर अपने बयान दर्ज कराये

सेंट्रल यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUCET) सतही नज़र से जितना प्रभावी गहरी नज़र से उतना ही अप्रभावी


बाकी खबरें

  • khoj khabar
    न्यूज़क्लिक टीम
    मुसलमानों के ख़िलाफ़ नहीं, देश के ख़िलाफ़ है ये षडयंत्र
    05 Apr 2022
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने दिल्ली की (अ)धर्म संसद से लेकर कर्नाटक-मध्य प्रदेश तक में नफ़रत के कारोबारियों-उनकी राजनीति को देश के ख़िलाफ़ किये जा रहे षडयंत्र की संज्ञा दी। साथ ही उनसे…
  • मुकुंद झा
    बुराड़ी हिन्दू महापंचायत: चार FIR दर्ज लेकिन कोई ग़िरफ़्तारी नहीं, पुलिस पर उठे सवाल
    05 Apr 2022
    सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि बिना अनुमति के इतना भव्य मंच लगाकर कई घंटो तक यह कार्यक्रम कैसे चला? दूसरा हेट स्पीच के कई पुराने आरोपी यहाँ आए और एकबार फिर यहां धार्मिक उन्माद की बात करके कैसे आसानी से…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    एमपी : डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे 490 सरकारी अस्पताल
    05 Apr 2022
    फ़िलहाल भारत में प्रति 1404 लोगों पर 1 डॉक्टर है। जबकि वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के मानक के मुताबिक प्रति 1100 लोगों पर 1 डॉक्टर होना चाहिए।
  • एम. के. भद्रकुमार
    कीव में झूठी खबरों का अंबार
    05 Apr 2022
    प्रथमदृष्टया, रूस के द्वारा अपने सैनिकों के द्वारा कथित अत्याचारों पर यूएनएससी की बैठक की मांग करने की खबर फर्जी है, लेकिन जब तक इसका दुष्प्रचार के तौर पर खुलासा होता है, तब तक यह भ्रामक धारणाओं अपना…
  • रवि शंकर दुबे
    ‘’मुसलमानों के लिए 1857 और 1947 से भी मुश्किल आज के हालात’’
    05 Apr 2022
    ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव रहमानी ने आज के दौर को 1857 और 1947 के दौर से ज़्यादा घातक बताया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License