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यहूदी सेटलर्स ने इज़रायल के लोद शहर में अरब नागरिकों के ख़िलाफ़ हिंसक प्रदर्शन किया
सोमवार को अल-अक्सा परिसर और गाज़ा पर इज़रायली हमले के बाद शुरू हुए हिंसा के बाद एक अरब नागरिक की मौत हो गई। प्रधानमंत्री नेतन्याहू और राष्ट्रपति रिवलिन सहित इज़रायल के शीर्ष अधिकारियों ने हिंसा के लिए अरब नागरिकों को दोषी ठहराया है।
पीपल्स डिस्पैच
13 May 2021
यहूदी सेटलर्स ने इज़रायल के लोद शहर में अरब नागरिकों के ख़िलाफ़ हिंसक प्रदर्शन किया

गुरुवार 13 मई की मिडिल ईस्ट आई की रिपोर्ट के अनुसार इजरायल के शहर लोद में बसने वाले सैकड़ों यहूदी बुधवार की रात अधिकारियों द्वारा रात का कर्फ्यू लगाने और आपात घोषित करने से पहले कुछ घंटे पहले अरब नागरिकों को खिलाफ धमकी वाले नारे और अल अक्सा मस्जिद पर हमले जैसे नारे लगाते हुए शहर में घूमे।

बसने वाले यहूदी समूहों द्वारा किए गए हिंसक विरोध प्रदर्शन से शहर प्रभावित हो गया जो कि तेल अवीव से दक्षिण में है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, राष्ट्रपति रीयूवेन रिवलिन और इजरायल की संसद के कुछ सदस्यों सहित कई इजरायली नेताओं ने हिंसा के लिए अल्पसंख्यक अरबों को दोषी ठहराया।

इजरायली सैनिकों के पूर्वी येरूशेलम में स्थित अल-अक्सा परिसर में बार-बार घूसने और गाजा पट्टी पर बमबारी के बाद कब्जे वाले क्षेत्र में फिलिस्तीनियों के साथ एकजुटता दिखाते हुए सोमवार की रात में अरब नागरिकों ने एक रैली निकाली थी। इन प्रदर्शनकारियों का सामना सशस्त्र यहूदी समूहों और इजरायली सुरक्षा बलों से हुआ जिससे हिंसा बढ़ गई जिसमें एक अरब प्रदर्शनकारी जिसकी पहचान मौसा हसोना के रूप में की गई थी उसकी हत्या बसने वाले यहूदी द्वारा कर दी गई और कई संपत्तियों को जला दिया गया। इजरायली बलों ने प्रदर्शनकारियों पर हिंसक कार्रवाई की और बड़ी संख्या में उनको गिरफ्तार कर लिया। इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सोमवार को हुई हिंसा के दौरान एक सिनेगॉग (यहूदियों के प्रार्थनागृह) पर भी हमला किया गया।

सोमवार से गाजा के अंदर इजरायली हवाई हमलों में 16 बच्चों सहित कम से कम 69 फिलिस्तीनी मारे गए हैं। कब्जे वाले फिलिस्तीन में प्रदर्शनकारियों पर इजरायली सैनिकों के कई हमलों में और सोमवार को अल-अक्सा में इनके घूसने के बाद सैकड़ों फिलिस्तीनी घायल हो गए।

पिछले दिन मारे गए अरब नागरिक के अंतिम संस्कार जुलूस के दौरान मंगलवार को ताजा हिंसा के मामले सामने आए। मंगलवार को हिंसा के बाद प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने 1966 के बाद पहली बार शहर में आपातकाल लगाने की घोषणा की।

इस बीच अल अक्सा में सैनिकों के घूसने और गाजा के भीतर बमबारी के बाद लगातार तीसरे दिन इजरायल के भीतर और कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों में व्यापक प्रदर्शन जारी रहा। फिलिस्तीनी डब्ल्यूएएफए समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार इजरायल की सेना ने बुधवार को कब्जे वाले वेस्ट बैंक में नबलुस के पास फिलिस्तीनी व्यक्ति पर गोली चला दी जिससे उसकी मौत हो गई। इजरायली सेना ने दावा किया कि उसने चेकपोस्ट पर तैनात सैनिकों पर गोलियां चलाई थी।

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Gaza
aqsa mosque
Palestine

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