NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कानून
भारत
झारखंडः मॉब लिंचिंग बिल विधानसभा में पास, तीन साल से लेकर उम्र क़ैद का प्रावधान
2019 के विधानसभा चुनावों में सत्तासीन जेएमएम-आरजेडी-कांग्रेस गठबंधन ने मॉब लिंचिंग क़ानून बनाने का वादा किया था। झारखंड में साल 2014 से एक के बाद एक मॉब लिंचिंग की कई बड़ी घटनाएं हुई हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
22 Dec 2021
झारखंडः मॉब लिंचिंग बिल विधानसभा में पास, तीन साल से लेकर उम्र क़ैद का प्रावधान
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, फाइल फोटो : पीटीआई

झारखंड विधानसभा में हंगामे के बीच प्रिवेंशन ऑफ मॉब वायलेंस एंड मॉब लिंचिंग बिल-2021 मंगलवार को पास हो गया। इस बिल के पास होने के बाद भीड़ द्वारा किसी व्यक्ति की हत्या या उसे चोट पहुंचाने पर आरोपियों को तीन से लेकर उम्र कैद तक की सजा देने का प्रावधान के साथ 25 लाख जुर्माने का प्रावधान है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बीजेपी ने इस बिल की मौजूदा स्थिति को लेकर विरोध किया था। उसने सेलेक्ट कमेटी के पास इस बिल को भेजने की मांग की थी। 

बता दें कि इस बिल पर राज्यपाल का हस्ताक्षर होने के बाद मॉब लिंचिंग कानून बनाने वाला झारखंड देश का तीसरा राज्य बन जाएगा। इससे पहले पश्चिम बंगाल और राजस्थान ने इस पर कानून बनाया था। झारखंड विधानसभा में इस बिल के पारित होने के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि मॉब लिंचिंग के खिलाफ कानून इसलिए बनाया गया है ताकि लोग शांति, सद्भाव और भाईचारे से रहें साथ ही इस कानून के बनने के बाद राज्य में लोग बिना किसी भय के रहेंगे और काम करेंगे। ज्ञात हो कि 2019 के विधानसभा चुनावों में सत्तासीन जेएमएम-आरजेडी-कांग्रेस गठबंधन ने मॉब लिंचिंग कानून बनाने का वादा किया था। झारखंड में साल 2014 से एक के बाद एक मॉब लिंचिंग की कई बड़ी घटनाएं हुई हैं। मालूम हो कि साल 2014 में केंद्र में बीजेपी की सरकार बनने के बाद से देश भर में मॉब लिंचिंग की घटनाएं सामने आती रही हैं।

झारखंड में भीड़ द्वारा हत्या

ज्ञात हो कि इस महीने की शुरूआत में झारखंड के गिरीडीह जिले में चोरी के आरोप में भीड़ द्वारा एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। साल 2019 के जून महीने में झारखंड के खरसावां जिले में तबरेज नाम के युवक के साथ चोरी के शक में मारपीट की गई थी। उसे खंभे से बांधा कर मारा गया था और पुलिस को सौंपने से पहले भीड़ ने कई घंटों तक उसे मारा। इस घटना की सामने आई वीडियो में देखा गया था कि तबरेज को बार-बार "जय श्री राम" और "जय हनुमान" बोलने के लिए मजबूर किया जा रहा था। घटना के कुछ दिनों के बाद अस्पताल में तबरेज की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद अमर उजाला अखबार ने वेबसाइट फैक्टचेकर डॉट इन के हवाले से लिखा पिछले एक दशक में भारत में 297 घृणा अपराध के मामले सामने आए हैं। जिनमें 98 लोगों की मौत हुईं और 722 लोग घायल हुए हैं। आंकड़ों से पता चला कि पिछले कुछ वर्षों में भीड़ हिंसा के मामलों में इजाफा हुआ है। साल 2015 के बाद से पशु हत्या और चोरी के कारण भीड़ हिंसा की 121 घटनाएं हुईं। जबकि 2012 से 2014 में ऐसी महज 6 घटनाएं हुईं। 2009 से 2019 के समग्र डाटा से पता चलता है कि 59 पीड़ित मुस्लिम थे और 28 फीसदी घटनाएं कथित पशु चोरी या हत्या से संबंधित थीं। आँकड़ों से पता चलता है कि 66 फीसदी घटनाएं बीजेपी शासित राज्यों में हुईं और 16 फीसदी घटनाएं कांग्रेस शासित राज्यों में हुईं।

यूपी में मॉब लिंचिंग

28 सितंबर 2015 को घर में बीफ रखने के शक में दिल्ली से सटे बिसहड़ा गांव में भीड़ ने पीट-पीटकर 50 वर्षीय अखलाक की हत्या कर दी थी। हाल ही में उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में शाहरूख नाम के एक युवक की कुछ युवकों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। 

हरियाणा की घटनाएं

कुछ दिनों पहले ही हरियाणा के पलवल ज़िले के रसूलपुर के रहने वाले 22 वर्षीय लड़के राहुल ख़ान की 14 दिसंबर को तीन दोस्तों ने पीट-पीट कर हत्या कर दी। इसी महीने झज्जर के माछरौली गांव के पास स्थित एक निजी कपंनी में राज मिस्त्री का काम करने वाले प्रवासी श्रमिक की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। मृतक के परिजनों का आरोप है कि राज मिस्त्री की कंपनी के मुंशी मुबारक ने लात घूसों से बुरी तरह से पीटकर हत्या कर दी। कुछ दिन पहले ही हरियाणा के हिसार में 32 वर्षीय एक दलित युवक विनोद की कुछ लोगों ने चोरी के शक में पीट पीटकर हत्या कर दी। वर्ष 2017 में लोकल ट्रेन से दिल्ली से हरियाणा जा रहे 16 वर्षीय जुनैद की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। जुनैद की मौके पर ही मौत हो गई थी। भीड़ ने जुनैद के साथ उसके अन्य साथियों को भी पिटा था।

गुजरात

वर्ष 2018 में गुजरात के राजकोट जिले में चोरी के शक में 35 वर्षीय दलित व्यक्ति को पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। इस साल मई महीने में गुजरात में अहमदाबाद के वीरमगाम तालुका में लंबी मूंछ रखने पर एक दलित व्यक्ति पर 11 लोगों ने कथित रूप से हमला कर दिया था। वर्ष 2016 में गुजरात के गिर सोमनाथ जिले की ऊना तहसील में एक गाय के शव को उठाने के बाद चार दलितों को बुरी तरह पीटा गया गया था।

राजस्थान

राजस्थान के हनुमानगढ़ में इस साल अक्टूबर में करीब आधा दर्जन लोगों ने बुरी तरह पीट कर एक दलित युवक की हत्या कर दी थी। वर्ष 2018 के मार्च महीने में राजस्थान के अलवर और भरतपुर जिले में चौबीस घंटों के भीतर दो अलग-अलग घटनाओं में दो दलित युवकों की कथित तौर पर पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। अप्रैल 2017 में भीड़ ने पहलू खान नाम के व्यक्ति की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। अलवर में जयपुर-दिल्ली राजमार्ग पर भीड़ ने गौ तस्करी के शक में पहलू खान को पीटा था। इलाज के दौरान पहलू खान की मौत हो गई थी।

बिहार

इस साल अगस्त महीने में बिहार के सहरसा जिले के सोनवर्षा थाना क्षेत्र के अमृता गांव में चोरी के आरोप में भीड़ ने एक युवक की लाठी-डंडे से पिटाई कर बेरहमी से मार डाला था। मृतक की पहचान पतरघट ओपी क्षेत्र के करिअत गांव निवासी रुपेश पासवान (26) के रूप में हुई थी। वर्ष 2019 में अगस्त माह में बिहार में मॉब लिंचिंग का करीब 12 घटनाएं सामने आई थी।

मॉब लिंचिंग की घटना का रिकॉर्ड नहीं

इस घटना को लेकर सरकार के पास कोई जानकारी नहीं होती है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार साल 2018 से लेकर अब तक दर्जनों बार इसके संबंध में सवाल संसद के पटल पर आ चुका है लेकिन सरकार का जवाब हमेशा एक ही जैसा रहता है कि सरकार ऐसे आंकड़े नहीं रखती। पुलिस तथा कानून व्यवस्था, राज्यों का विषय है।

इस साल जुलाई में संसद सत्र के दौरान जब राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने यह सवाल किया तो उन्हें भी उपरोक्त जवाब दिया गया। बता दें कि 2018 के दौरान दर्जनों सांसदों ने पूछा था कि देश में अफवाह के चलते या सोशल मीडिया से भम्रित हुई भीड़ ने अभी तक कितने लोगों को पीट-पीट कर मार डाला? ऐसे मामलों की संख्या बताई जाए। उनमें क्या कार्रवाई हुई? तो उस वक्त भी गृह मंत्रालय ने यही जवाब दिया था कि सरकार ऐसे आंकड़े नहीं रखती। पुलिस तथा कानून व्यवस्था, राज्यों का विषय है। ऐसे में तो राज्य सरकारें ही इस सवाल का जवाब दे सकती हैं।

ये भी पढ़ें: झारखंड: केंद्रीय उद्योग मंत्री ने एचईसी को बचाने की जवाबदेही से किया इंकार, मज़दूरों ने किया आरपार लड़ाई का ऐलान

Jharkhand
vidhan sabha
Prevention of Mob Violence and Mob Lynching Bill 2021
Hemant Soren
JMM
Congress
RJD

Related Stories

चारा घोटाला: सीबीआई अदालत ने डोरंडा कोषागार मामले में लालू प्रसाद को दोषी ठहराया

भारत में हर दिन क्यों बढ़ रही हैं ‘मॉब लिंचिंग’ की घटनाएं, इसके पीछे क्या है कारण?

आरटीआई अधिनियम का 16वां साल: निष्क्रिय आयोग, नहीं निपटाया जा रहा बकाया काम

झारखण्ड: आदिवासियों का कहना है कि सरना की पूजा वाली भूमि पर पुलिस थाने के लिए अतिक्रमण किया गया

राजनीति: अगले साल राज्यसभा में भाजपा और एनडीए की ताकत घट जाएगी!

छत्तीसगढ़ : सिलगेर में प्रदर्शन कर रहे आदिवसियों से मिलने जा रहे एक प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने रोका

झारखण्ड : फ़ादर स्टेन स्वामी समेत सभी राजनीतिक बंदियों की जीवन रक्षा के लिए नागरिक अभियान शुरू

झारखंड: मुख्यमंत्री के काफिले पर हिंसक हमला, भाजपा ने कहा लोकतान्त्रिक विरोध!


बाकी खबरें

  • sex ratio
    श्रुति एमडी
    तमिलनाडु: चिंताजनक स्थिति पेश कर रहे हैं लैंगिक अनुपात और घरेलू हिंसा पर NFHS के आंकड़े
    04 Dec 2021
    जन्म के दौरान लड़के-लड़कियों के अनुपात में पिछले पांच सालों में बहुत गिरावट आई है. अब 1000 लड़कों पर सिर्फ़ 878 महिलाएं हैं। जबकि 2015-16 में 1000 लड़कों पर 954 लड़कियों की संख्या मौजूद थी।
  • NEET-PG 2021 counseling
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    नीट-पीजी 2021 की काउंसलिंग की मांग को लेकर रेजीडेंट डॉक्टरों ने नियमित सेवाओं का किया बहिष्कार
    04 Dec 2021
    ‘‘ओपीडी सेवाएं निलंबित करने से प्राधिकारियों से कोई ठोस जवाब नहीं मिला तो हमें दुख के साथ यह सूचित करना पड़ रहा है कि हम फोरडा द्वारा बुलाए देशव्यापी प्रदर्शन के समर्थन में तीन दिसंबर से अपनी सभी…
  • Pilibhit
    तारिक अनवर
    भाजपा का हिंदुत्व वाला एजेंडा पीलीभीत में बांग्लादेशी प्रवासी मतदाताओं से तारतम्य बिठा पाने में विफल साबित हो रहा है
    04 Dec 2021
    नागरिकता और वैध राजस्व पट्टे की उम्मीदें टूट जाने के साथ शरणार्थियों को अब पिछले चुनावों में भाजपा का समर्थन करने पर पछतावा हो रहा है।
  • Gambia
    क्रिसपिन एंवाकीदेऊ
    गाम्बिया के निर्णायक चुनाव लोकतंत्र की अहम परीक्षा हैं
    04 Dec 2021
    गाम्बिया में राष्ट्रपति पद का चुनाव हो रहा है। पर्यवेक्षकों का मानना है ये चुनाव गाम्बिया के लोकतंत्र की एक महत्वपूर्ण अग्निपरीक्षा हैं। 
  • prashant kishor
    अनिल सिन्हा
    नज़रिया: प्रशांत किशोर; कांग्रेस और लोकतंत्र के सफ़ाए की रणनीति!
    04 Dec 2021
    ग़ौर से देखेंगे तो किशोर भारतीय लोकतंत्र की रीढ़ तोड़ने में लगे हैं। वह देश को कारपोरेट लोकतंत्र में बदलना चाहते हैं और संसदीय लोकतंत्र की जगह टेक्नोक्रेट संचालित लोकतंत्र स्थापित करना चाहते हैं…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License