NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
झारखंडः लॉकडाउन के दौरान घर लौट रही छात्रा के साथ दस लड़कों ने किया गैंगरेप
झारखंड के दुमका में लॉकडाउन के बाद गांव लौट रही इंटर की 16 वर्षीय छात्रा से 10 युवकों ने गैंगरेप किया। लड़की ने घर लौटने के लिए जिस दोस्त से मदद मांगी थी वही धोखेबाज़ निकला। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।
आनंद दत्त
27 Mar 2020
gopikandar thana, dumka

रांची: झारखंड के दुमका जिले में 16 वर्षीया किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म का मामला प्रकाश में आया है। मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है। हालांकि ख़बर लिखे जाने तक एक भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी।

गौरतलब है कि कोरोना महामारी के चलते प्रधानमंत्री के आह्वान पर बीते 22 मार्च को एक दिन के ‘जनता कर्फ़्यू’ के दौरान ही झारखंड सरकार ने राज्य स्तर पर 31 मार्च तक के लॉकडाउन की घोषणा कर दी। इसी के चलते दुमका के एक गर्ल्स कॉलेज के हॉस्टल में बैठी एक छात्रा (16 साल) ने 24 मार्च को दिन में ही घर निकलने की तैयारी शुरू कर दी। आपको मालूम है कि 24 मार्च की रात से तो पूरे देश में ही लॉकडाउन हो गया।

आवागमन की सुविधा कम होने की वजह से वह शाम तक घर नहीं पहुंची। घर पहुंचने के लिए एक दोस्त से मदद मांगी। वह उसे घर पहुंचाने के बदले जंगल ले गया और फिर गले के पास चाकू रख दस लड़कों ने इस छात्रा के साथ गैंगरेप किया।

मामले में एफआईआर दर्ज करा दी गई है। घायल छात्रा का इलाज दुमका सदर अस्पताल में चल रहा है। पुलिस को दी गई लिखित शिकायत में छात्रा ने बताया कि 24 मार्च को दोपहर तीन बजे वह हॉस्टल से अपनी दो दोस्तों के साथ घर जाने को निकली। हॉस्टल से उसके घर की दूरी 45 किलोमीटर है। घर लौटने की जानकारी उसने अपने परिजनों को भी दे दी थी।

उसकी दोस्त उसे कारूडीह मोड़ के पास उतार कर पाकुड़ जिले की तरफ, अपने घर के लिए चली गई। शाम 4.30 बजे तक उसने अपने घरवालों का इंतजार किया, लेकिन तब तक उसे लेने कोई आया नहीं था।

जंगली इलाका होने की वजह से वह सड़क किनारे के गांव गरियापानी चली गई और वहीं परिजनों का इंतजार करने लगी। इधर अंधेरा होने लगा था। जल्दी घर पहुंचने के लिए छात्रा ने अपने एक दोस्त विक्की उर्फ प्रसन्नजीत हांसदा को फोन कर बुलाया। थोड़ी देर बाद विक्की अपने एक दोस्त के साथ बाइक पर पहुंचा। और छात्रा को लेकर उसके घर की ओर चल पड़ा।

रास्ते में विक्की ने जंगल की तरफ बाइक मोड़ दी। आपत्ति जताने पर उसने कहा कि लॉकडाउन होने की वजह से रास्ते में पुलिस चेक कर रही है, इसलिए जंगल के रास्ते से जाएंगे। जंगल घुसते ही उसने शौच करने की बात कह, बाइक रोक दी। कुछ देर बाद पहुंचा और फिर अपने दोस्त के साथ मिलकर छात्रा के साथ रेप किया। इस बीच वह चिल्लाती रही।

इधर चिल्लाने के दौरान ही मुंह पर कपड़ा बांधे आठ और लड़के पहुंचे। छात्रा के गले पर चाकू रख, सबने बारी-बारी से उसके साथ रेप किया। इस दौरान मारपीट भी की और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी।

रेंगते हुए जंगल से बाहर निकली छात्रा

घटना के बाद छात्रा बेहोश हो गई। उसे मरा समझ कर लड़के वहां से भाग गए। रातभर बेहोशी के हालात में जंगल में ही पड़ी रही। सुबह 25 मार्च को रेंगते हुए सड़क किनारे पहुंची। ग्रामीणों ने देखा तो छात्रा के भाई को फोन पर पूरी जानकारी दी। फिर परिजन उसे घर ले गए। सूचना मिलने के बाद गोपीकांदर थाना की पुलिस पीड़िता के घर पहुंची और फिर इलाज के लिए उसे दुमका सदर अस्पताल ले गए।

दुमका एसपी वाइएस रमेश ने बताया, ‘मामले में एक नामजद और नौ अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में भी रामगढ़ गैंगरेप की तरह की कार्रवाई होगी।’

जानकारी के मुताबिक इससे पहले दुमका में ही पांच फरवरी को एक छह साल की बच्ची के साथ उसके चाचा ने और दो अन्य लोगों रेप किया था। दो दिन बाद बच्ची की लाश मिली थी। मामले में 25 दिन बाद फैसला आया था। लगातार चार दिन सुनवाई हुई। दो मार्च को देर रात कोर्ट खोला गया और तीन की सुबह फैसला सुनाया गई। दोषियों को फांसी की सज़ा दी गई।

वहीं खूंटी में एक लड़की के साथ दस लड़के एक महीने तक गैंगरेप करते रहे। इस दौरान उसके साथ 30 बार गैंगरेप हुआ। बीते साल नवंबर माह में रांची में लॉ यूनिवर्सीटी की छात्रा के साथ 12 लड़कों ने गैंगरेप किया था। आरोपियों को दोषी ठहराया गया और सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।

बीते दो साल में 2,938 रेप की घटनाएं हुई हैं राज्य में

झारखंड पुलिस के क्राइम डेटा की माने तो जनवरी 2018 से दिसंबर 2019 तक राज्य में 2,938 रेप की घटनाएं हुई हैं। हालांकि इस साल जनवरी से अब तक का डेटा सार्वजनिक नहीं किया गया है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के हवाले से इंडिया टुडे में छपी एक खबर के मुताबिक रेप के 94 प्रतिशत मामलों में परिजन या जाननेवाले ही आरोपी होते हैं। वहीं एनसीआरबी एक अन्य डेटा के मुताबिक झारखंड में साल 2001 से 2012 तक 16,068 मामलों में परिजन या जाननेवाले ही शामिल रहे हैं।

दुमका के दुधानी पंचायत की मुखिया और कवि निर्मला पुतुल कहती हैं, ‘आज हम महिलाएं अपने घरों के रावण को ही नहीं पहचान पाते हैं। वह विश्वास में ले लड़कियों के साथ दुष्कर्म करते हैं। लड़कियों को सजग रहने की ज़रूरत है।’

वहीं, हाईकोर्ट के वकील सोनल तिवारी कहते हैं ‘इस मामले में पॉक्सो का सेक्शन 3 के तहत मामला चलेगा। सभी जिलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना हो गई है। लेकिन सभी जगहों पर न्यायिक दंडाधिकारी और कर्मचारी नियुक्त नहीं किए गए हैं। यूनिवर्सलाइजेशन ऑफ वुमेन हेल्पलाइन स्कीम के तहत  झारखंड में 60-70 लाख रुपये केंद्र सरकार की तरफ से दिए जा चुके हैं। लेकिन तीन बार टेंडर होने के बाद भी इसका इस्तेमाल नहीं हो पाया है। निर्भया फंड से 181 हेल्पलाइन नंबर आया। लेकिन झारखंड में इसका इस्तेमाल मुख्यमंत्री जनसंवाद के लिए किया जाता है। महिलाओं को मदद पहुंचाने के लिए नहीं।’  

एनसीआरबी की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक साल 2018 में पूरे भारत में 47,139 रेप के मामले दर्ज किए गए। इसमें 85.3 प्रतिशत मामलों में चार्जशीट दायर की गई। वहीं 4,708 मामलों में सजा सुनाई जा सकी। यानी सजा का दर मात्र 27.2 प्रतिशत रहा है।

दुमका नये मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का गृहजिला है। वह दुमका विधानसभा सीट से चुनाव जीते भी थे। हालांकि दो सीटों से चुनाव जीतने के बाद उन्होंने दुमका सीट छोड़ दी थी। ऐसे में देखना होगा कि सीएम अपने गृह जिले की बेटी को कितनी जल्दी न्याय दिला पाते हैं।

Lockdown
India Lockdown
Jharkhand
gang rape
rape case
JHARKHAND POLICE
COVID-19
Narendra modi
Hemant Soren

Related Stories

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

बिहार: 8 साल की मासूम के साथ बलात्कार और हत्या, फिर उठे ‘सुशासन’ पर सवाल

यूपी: अयोध्या में चरमराई क़ानून व्यवस्था, कहीं मासूम से बलात्कार तो कहीं युवक की पीट-पीट कर हत्या

चारा घोटाला: सीबीआई अदालत ने डोरंडा कोषागार मामले में लालू प्रसाद को दोषी ठहराया

झारखंड: भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुस्लिम युवक से की मारपीट, थूक चटवाकर जय श्रीराम के नारे लगवाए

भारत में हर दिन क्यों बढ़ रही हैं ‘मॉब लिंचिंग’ की घटनाएं, इसके पीछे क्या है कारण?

असम: बलात्कार आरोपी पद्म पुरस्कार विजेता की प्रतिष्ठा किसी के सम्मान से ऊपर नहीं

बिहारः पांच वर्ष की दलित बच्ची के साथ रेप, अस्पताल में भर्ती

राजस्थान: रेप के आरोपी ने दोस्तों के साथ मिलकर दलित लड़की पर चाकू से किया हमला

बिहारः बंधक बनाकर नाबालिग लड़की से गोरखपुर में 1 महीने तक किया गैंगरेप


बाकी खबरें

  • क्या है गौ संरक्षण विधेयक, किस पर पड़ेगा असर?
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्या है गौ संरक्षण विधेयक, किस पर पड़ेगा असर?
    01 Aug 2021
    हाल ही में असम के मुख्यमंत्री ने Assam Cattle Preservation Bill 2021 प्रस्तावित किया है। इस बिल के मायने क्या हैं और किस पर पड़ेगा इसका असर, आइये जानते हैं वरष्ठ पत्रकार नीलांजन मुखोपाध्याय के साथ "…
  • यूपी में हाशिये पर मुसहर: न शौचालय है, न डॉक्टर हैं और न ही रोज़गार
    विजय विनीत
    यूपी में हाशिये पर मुसहर: न शौचालय है, न डॉक्टर हैं और न ही रोज़गार
    01 Aug 2021
    सत्ता के कई रंग लखनऊ की सियासत पर चढ़े और उतरे। कभी पंजे का जलवा रहा तो कभी कमल खिला। कभी हाथी जमकर खड़ा हुआ तो कभी साइकिल सरपट दौड़ी। लेकिन किसी भी सरकार ने मुसहर समुदाय के लिए कुछ नहीं किया।
  • Taliban
    अजय कुमार
    क्या है तालिबान, क्या वास्तव में उसकी छवि बदली है?
    01 Aug 2021
    तालिबान इस्लामिक कानून से हटने वाला नहीं है। वह दुनिया के सामने ऐसा कोई दस्तावेज पेश नहीं करने वाला है जिससे उसकी जिम्मेदारी तय हो। तालिबान जो कुछ भी कर रहा है, वह दुनिया के समक्ष उसका बाहरी दिखावा…
  • बसों में जानवरों की तरह ठुस कर जोखिम भरा लंबा सफ़र करने को मजबूर बिहार के मज़दूर?
    पुष्यमित्र
    बसों में जानवरों की तरह ठुस कर जोखिम भरा लंबा सफ़र करने को मजबूर बिहार के मज़दूर?
    01 Aug 2021
    बाराबंकी की घटना हमें बताती है कि मेहनत मज़दूरी करने वाले बिहार के मज़दूरों की जान कितनी सस्ती है। 12 से 15 सौ किमी लंबी यात्रा बस से करने के लिए मजबूर इन मज़दूरों को सीट से तीन गुना से भी अधिक…
  • सागर विश्वविद्यालय
    सत्यम श्रीवास्तव
    सागर विश्वविद्यालय: राष्ट्रवाद की बलि चढ़ा एक और अकादमिक परिसर
    01 Aug 2021
    हमारा एक प्रसिद्ध विश्वविद्यालय एक अंतरराष्ट्रीय वेबिनार में महज़ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की आपत्ति की वजह से शामिल नहीं हो पाया!
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License