NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
झारखंड विधानसभा: रघुबर की विदाई लगभग तय, रूझानों में जेएमएम-कांग्रेस सरकार के आसार
झारखंड विधानसभा चुनाव के नतीजों की तस्वीर अब साफ होने लगी है। रुझानों में यहां से सत्ताधारी भाजपा की विदाई तय दिख रही है। अभी बीजेपी 28 सीटों पर आगे है तो महागठबंधन में शामिल जेएमएम 24, कांग्रेस 13  और आरजेडी 5 सीटों पर आगे है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
23 Dec 2019
jharkhand election

रांची: झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए सोमवार को मतगणना जारी है और अब तक मिले रुझानों के अनुसार, राज्य की 28 विधानसभा सीटों पर भाजपा आगे चल रही है वहीं विपक्षी झामुमो, कांग्रेस और राजद गठबंधन 42 सीटों पर आगे है। विपक्षी झामुमो 24 विधानसभा सीटों पर, कांग्रेस 13 विधानसभा सीटों पर, राजद पांच विधानसभा सीटों पर आगे चल रही है।

वहीं जेवीएम (पी) चार सीटों पर, आजसू तीन विधानसभा सीटों पर आगे चल रही हैं। राज्य में पांच चरणों में विधानसभा चुनाव हुए थे।

जिन विधानसभा सीटों पर भाजपा आगे है वह सीटें बाघमारा, बरही, बिष्णुपुर, दुमका, जमशेदपुर (पश्चिम),चंदनकियारी, पाकुड़, पनकी, पोटका, सिमडेगा, तोरपा, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, डाल्टनगंज, धनबाद, गिरिडीह और भावनाथपुर हैं। झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास जमशेदपुर (पूर्व) सीट पर अपने निकटतम प्रतिद्वन्द्वी निर्दलीय उम्मीदवार सरयू राय से 139 मतों से आगे चल रहे हैं।

शहरी विकास मंत्री एवं भाजपा उम्मीदवार सीपी सिंह रांची पर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी झामुमो के महुआ मांझी से 1,616 से आगे चल रहे हैं। श्रम मंत्री एवं भाजपा उम्मीदवार राज पालीवाल मधुपुर सीट पर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी झामुमो के हाजी हुसैन अंसारी से 1,593 मतों से आगे हैं।

झारखंड विधानसभा अध्यक्ष दिनेश ओरांव सिसई सीट पर 6,000 मतों से पीछे चल रहे हैं। झामुमो शिकारीपारा, गुमला, सिसई, चाइबासा, बोरियो, चक्रधरपुर, डुमरी, घाटशिला, गढ़वा, लिट्टीपाड़ा और महेशपुर सीट पर आगे है।

झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन बरहेट विधानसभा सीट पर भाजपा के सिमोन माल्टो से 1,672 मतों से आगे चल रहे हैं लेकिन दुमका सीट पर वह भाजपा उम्मीदवार लुईस मरांडी से 7,858 मतों से पीछे चल रहे हैं।

कांग्रेस बेरमो, जगन्नाथपुर, बोकारो, बरकागांव, बरही सीट पर आगे चल रही है। राजद चतरा, छतरपुर, गोड्डा और देवगढ़ विधानसभा सीट पर आगे है।

बसपा बिश्रामपुर और हुसैनाबाद विधानसभा सीट पर आगे है जबकि आजसू गोमिया और जुगसलाई विधानसभा सीट पर आगे चल रही है। आजसू के उमा कांत रजक चंदनकियारी सीट पर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी राज्य के राजस्व और भूमि सुधार मंत्री एवं भाजपा उम्मीदवार अमर कुमार बाउरी से 1,260 से अधिक मतों से आगे चल रहे हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री और जेवीएम (पी) के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी धनवार सीट पर सीपीआई (एमएल-लिबरेशन) के अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी राज कुमार यादव से 2,841 मतों से आगे हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री और आजसू पार्टी के अध्यक्ष सुदेश महतो सिल्ली सीट पर झामुमो उम्मीदवार सीमा देवी से 284 मतों से पीछे हैं।

तस्वीर साफ होने के साथ ही कांग्रेस दफ्तर में हुई आतिशबाजी

झारखंड विधानसभा चुनाव के अब तक मिले रुझानों में कांग्रेस-झामुमो-राजद गठबंधन को बहुमत मिलने के स्पष्ट संकेत के बाद सोमवार को कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जमकर आतिशबाजी की। पार्टी मुख्यालय के बाहर आतिशबाजी के साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी भी की।

कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव प्रणव झा ने कहा, 'यह तय था क्योंकि भाजपा सरकार ने झारखंड और वहां की जनता के साथ अन्याय किया था।

आदिवासियों की जमीन छीन ली गयी। लोगों ने पहले ही मन बना लिया था कि इस सरकार को हटाना है।' झारखंड में गठबंधन की जीत प्रबल संभावना नजर आने के साथ ही कांग्रेस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मिठाइयां भी बांटी।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

इसे भी पढ़े: झारखंड विधानसभा चुनाव: शुरुआती रूझानों में भाजपा को झटका, महागठबंधन को बढ़त

Jharkhand government
jharkhand tribals
Jharkhand Elections 2019
jharkhand elections
BJP
Congress
JMM
AJSU
JVM

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • PUNJAB
    शिव इंदर सिंह
    कृषि कानूनों की वापसी के बाद क्या सोच रहे हैं पंजाब के लोग?
    29 Nov 2021
    कानूनों की वापसी के ऐलान के बाद पंजाब में जश्न का माहौल है। पंजाब के लोग इसे किसान आंदोलन की बड़ी जीत के रूप में देख रहे हैं। लेकिन भाजपा के प्रति विरोध और गुस्से का भाव कम होने का नाम नहीं ले रहा।
  • civil society
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    खुला पत्र : क्या नागरिक समाज देश का दुश्मन है?
    29 Nov 2021
    अखिल भारतीय और केन्द्रीय सेवाओं के पूर्व सिविल सेवकों के समूह ने देशवासियों के नाम एक खुला पत्र जारी करके नागरिक समाज को देश और शासन के दुश्मन के रूप में रेखांकित किए जाने पर चिंता जताई है।
  • Munawar Faruqui
    सत्यम् तिवारी
    "अनेकता में एकता" वाले देश भारत में अल्पसंख्यकों की हैसियत क्या है?
    29 Nov 2021
    मुनव्वर फ़ारूक़ी, चर्च की घटना या नमाज़ में ख़लल डालने की ख़बरें सिर्फ़ 3 घटनाएँ नहीं हैं, बल्कि यह उन सैकड़ों हज़ारों घटनाओं की झलक भर हैं जो देश के हर कोने में अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ घटित हो रही हैं।
  • Yogi
    सोनिया यादव
    यूपी: परीक्षाओं का पेपर लीक और रद्द होना योगी सरकार की बड़ी विफलता है!
    29 Nov 2021
    सरकार के भ्रष्टाचार पर जीरों टॉलरेंस के दावे के बीच बार-बार सरकारी भर्तियों और परीक्षाओं में भ्रष्टाचार के मामले कैसे सामने आ रहे हैं, क्या सरकार की नीयत और नीति अलग-अलग है?
  • kisan andolan
    ओँकार सिंह
    तमाम मुश्किलों के बीच किसानों की जीत की यात्रा और लोकतांत्रिक सबक़
    29 Nov 2021
    जब एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में मांग और अधिकार की लड़ाई को देशद्रोह के खांचे में फिट किया जा रहा था, तब किसान आंदोलन संघर्ष की संजीवनी के रूप में उभरा। साल भर सड़क पर दमन और क्रूरता की हदें झेलकर अंतत…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License