NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
शिक्षा
भारत
राजनीति
झारखंड: बोर्ड एग्जाम की 70 कॉपी प्रतिदिन चेक करने का आदेश, अध्यापकों ने किया विरोध
कॉपी जांच कर रहे शिक्षकों व उनके संगठनों ने, जैक के इस नए फ़रमान को तुगलकी फ़ैसला करार देकर इसके खिलाफ़ पूरे राज्य में विरोध का मोर्चा खोल रखा है। 
अनिल अंशुमन
17 May 2022
jharkhand

निसंदेह झारखंड प्रदेश के मौजूदा हालात बहुत अच्छे नहीं कहे जायेंगे, जहां एक ओर, सियासी उठा पटक से लेकर नौकरशाहों के असीम भ्रष्टाचार मामलों के सार्वजनिक होने की सरगर्मी है, तो दूसरी ओर राज्य के स्थापित संस्थानों की अजीबोगरीब कारगुजारियों से लोग परशान हो रहे हैं।

‘दर्द इतना बढ़ाओ कि दर्द ही दवा हो जाये’ .... अक्सर किसी हंसी मज़ाक के जुमले के तौर पर इस्तेमाल की जाने वाली इन पंक्तियों का मर्म समझा है, झारखंड एकेडमिक कौंसिल (जैक) ने, जिसने राज्य में शिक्षा के खस्ता हाल को ठीक करने के लिए मैट्रिक-इंटर के छात्रों का रिजल्ट समय पर देने का बीड़ा उठाया है, वो भी शिक्षकों को आधे पारिश्रमिक पर एक दिन में 70 कॉपियों की जांचने का आदेश देकर।

कॉपी जांच कर रहे शिक्षकों व उनके संगठनों ने जैक के इस नए फरमान को तुगलकी फैसला करार देकर इसके खिलाफ पूरे राज्य में विरोध का मोर्चा खोल रखा है। पिछले 13 मई से राज्य में मैट्रिक व इंटर परीक्षाओं की कॉपियों के मूल्यांकन कार्य शुरू किये जाने के लिए निर्धारित केंद्रों पर कॉपी जांचने पहुंचे, सभी शिक्षकों को जब उक्त नए गाइडलाईन का पालन करने को कहा गया तो भारी विरोध शुरू हो गया। पहले दिन तो जैसे-तैसे करके कॉपियां जांची गईं,  लेकिन दूसरे दिन से शिक्षकों का विरोध खुलकर सामने आने लगा, कई जिलों के केंद्रों पर मूल्यांकन कार्य को बीच-बीच में रोक-रोक कर करते हुए व कई स्थानों पर पूरा बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शित किया जाने लगा।

सनद रहे कि जैक के ही पूर्व के निर्देशों के तहत एक दिन में अधिकतम 35 कॉपियां जांचने होती थीं, जिसके लिए प्रति कॉपी 20 रूपये पारिश्रमिक मिलने का प्रावधान था, लेकिन जैक के इस बार के नए निर्देशों के तहत हर शिक्षक को एक दिन में किसी भी सूरत में 70 कॉपी जांचने और प्रति कॉपी 10 रूपये पारिश्रमिक किये जाने का गाइडलाईन थोपे जाने का विरोध फूट पड़ा।  क्योंकि अभी तक कई मूल्याकन केंद्रों के जीर्ण-शीर्ण भवन, बिजली व पीने के पानी तक की समुचित व्यवस्था के अभाव को कॉपी जांच में पहुंचे सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं किसी तरह से बर्दास्त करते हुए काम कर लेते थे, लेकिन पूर्व से आधे पारिश्रमिक पर दुगुनी संख्या में कॉपी जांचने के जबरन फरमान पर सबका गुस्सा फट पड़ने को कहीं से भी अप्रत्याशित नहीं कहा जा सकता।

विरोध कर रहे सभी शिक्षकों ने मीडिया के सामने और निजी तौर से जारी वीडियो में यही कहा है कि एक तो जैक का परीक्षा कॉपी मूल्यांकन कार्य का स्तर, पहले से ही काफी विवादित व लचर स्थिति में रहा है तथा इसके लिए कई बार सार्वजनिक तौर से काफी फजीहत-मलामत भी होती रही है, एक दिन में पूर्व से भी दुगुनी संख्या कॉपियों की जांच कराये जाने से मूल्यांकन कार्य का स्तर और भी नीचे चला जाएगा जो छात्रों के एकेडमिक भविष्य के लिए बेहद घातक होगा।

जैक के नए फरमान का विरोध कर रहे प्लस टू के शिक्षक संगठनों का कहना है कि- देश में सर्व स्थापित शिक्षा प्रणाली सीबीएसई द्वारा मैट्रिक व इंटर परीक्षाओं की कॉपियों के मूल्यांकन कार्य के लिए प्रतिदिन अधिकतम 30 कॉपी जांचने का गाइड लाइन लागू है, जिसमें प्रति कॉपी जांचने का पारिश्रमिक 60 रुपया तक देने का प्रावधान तय किया हुआ है। लेकिन झारखंड एकेडमिक कौंसिल जैसा विपन्न हालत वाला राजकीय संस्थान जो आज तक अपनी न्यूनतम बुनियादी ढांचों व कार्यों को भी नहीं कर सका है, अपनी समस्याओं से निजात पाने के लिए मनमाना ढंग से शॉर्ट कर्ट अपनाकर किसी का भी भला नहीं कर सकेगा, उल्टे गुणात्मक शिक्षा और छत्रों के शैक्षिक भविष्य को तहस नहस करनेवाला ही साबित होगा।

ताज़ा सूचनाओं में पूरे राज्य के सभी मूल्यांकन केन्द्रों पर कॉपी जांच कर रहे शिक्षकों का विरोध लगातार जारी है. 14 मई को कई जिलों के जांच केन्द्रों पर कॉपी जांचने आये शिक्षकों ने- जैक की मनमानी नहीं चलेगी, जैक चैरमैन होश में आओ !...जैसे नारे लगाते हुए कॉपी जांच कार्यों को बाधित व रुक रुक कर बहिष्कार करना जारी रखा। वहीं, सभी मीडिएट संगठनों के आह्वान पर सभी केन्द्रों पर शिक्षकों ने ‘काली पट्टी’ बांधकर विरोध प्रदर्शित किया। आंदोलन कर रहे शिक्षक संगठनों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि समय रहते जैक ने इस गलत फैसले को ज़ल्द वापस नहीं लिया और उनकी मांगें नहीं मानी तो उनका आंदोलन और भी तेज़ होगा। इन संगठनों की मांग है कि पूर्व के गाइडलाइन को ही लागू करते हुए एक दिन में 35 कॉपी जांचने व प्रति कॉपी 20 रुपये की पारिश्रमिक देने की स्थिति को बहाल रखा जाए।

दूसरी ओर, जैक के प्रवक्ताओं ने कहा है- इस बार की मैट्रिक व इंटर की परीक्षाओं में छात्रों की लिखित परीक्षा आधे अंकों की हुई इसीलिए उनके मूल्यांकन करने की संख्या को दुगुना कर 70 कॉपी जांचने का निर्देश दिया गया है।  साथ ही कॉपी जांच कर रहे शिक्षकों की आधी मिहनत को देखते हुए पारिश्रमिक दर को भी आधा यानी 10 रूपये किया गया है। चूंकि जैक ने ही मैट्रिक-इंटर की परीक्षाओं से पूर्व ही मीडिया के द्वारा ये घोषित कर दिया था कि इस बार का रिजल्ट हर हाल में 15 जून से पहले दे दिया जाएगा, इसलिए उसी को लागू करने के लिए इस बार नया गाइड लाइन जारी किया गया है।

बोकारो स्थित लकड़बंधा के राजकीय हाई स्कूल के जीर्ण-शीर्ण भवन में मूल्यांकन कार्य कर रहे भौतिकी के प्लस टू शिक्षक हेमलाल महतो ने जैक के नए गाइड लाइन को राज्य की बची खुची खस्ता हाल शिक्षा स्थिति को बेहद घातक बताते हुए कहा कि  एक तो सीबीएससी प्रणाली की तुलना में जैक की स्थिति हर लिहाज से छात्र-छात्राओं की शैक्षिक प्रतिभा को को बढ़ाने व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मानदंडों में खरा नहीं उतर रहा है, एक दिन में 70 कॉपियों की जांच कार्य परीक्षार्थियों के औसत रिजल्ट को काफी नीचे ला देगा, जिससे जैक व्यवस्था में पढ़ने वाले सभी छात्र-छात्राओं का एकेडमिक कैरियर ऐसे भयावह अँधेरे में फंस जायेगा जिसकी क़ीमत सिर्फ उन्हें व उनके अभिभावकों को ही चुकानी होगी। जिसका परिणाम यह होगा कि लोग जैक की बजाय सीबीएसी पैटर्न वाली पढ़ाई को ज़्यादा महत्व देंगे। सीबीएससी द्वारा परीक्षा मूल्यांकन कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानजनक पारिश्रमिक देने के साथ साथ हर स्तर पर जैक की तुलना में काफी बेहतर सुविधाएं दी जातीं हैं। जैक द्वारा शिक्षकों पर मानसिक दबाव बनाकर एक दिन में 70 कॉपियों का मूल्यांकन कराया जाना साबित करता है कि पूर्व से ही त्रुटिपूर्ण परिक्षण कार्य को ठीक करने के प्रति गंभीर नहीं है।

ये भी पढ़ें: झारखंड : नफ़रत और कॉर्पोरेट संस्कृति के विरुद्ध लेखक-कलाकारों का सम्मलेन! 

Jharkhand
Jharkhand board
Jharkhand board exam
jack
Jharkhand news

Related Stories

झारखण्ड: बिना परीक्षा फेल किये हज़ारों छात्र, सड़कों पर नाराज छात्रों का प्रदर्शन जारी

निजी स्कूलों की तुलना में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की संख्या काफी कम : रिपोर्ट

झारखंड : अबकी बार कुलपति ‘आतंकवादी’ करार!, नागरिक समाज में रोष 

झारखंड: बीफ से जुड़ी दो साल पुरानी फेसबुक पोस्ट के लिए आदिवासी शिक्षक गिरफ्तार


बाकी खबरें

  • russia
    एम. के. भद्रकुमार
    रूस यूक्रेन में हस्तक्षेप करेगा
    25 Jan 2022
    रूस के नज़रिये से इस संकट से बाहर निकलने का एकमात्र तरीका यह है कि यूक्रेन अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता फिर से हासिल करे और वाशिंगटन का मुंह ताकना बंद कर अपने भाग्य का फैसला खुद करे।
  •  RPN Singh
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    यूपी चुनाव:  कांग्रेस को लगा बड़ा झटका, बीजेपी में शामिल हुए आरपीएन सिंह
    25 Jan 2022
    यूपी कांग्रेस के स्टार प्रचारक की लिस्ट में शामिल आरपीएन सिंह बीजेपी में शामिल हो गए हैं, आरपीएन सिंह कांग्रेस के बड़े नेता माने जाते थे।
  • Uttarakhand congress women wing
    वर्षा सिंह
    उत्तराखंड चुनाव: ‘बेटी पढ़ाओ’ और ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ के नारों को खोखला बताती उम्मीदवारों की लिस्ट
    25 Jan 2022
    कुल 70 में से 59 सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों की घोषणा कर चुकी है, लेकिन मात्र 5 महिलाओं को टिकट मिला है, वहीं कांग्रेस की 64 उम्मीदवारों की सूची में मात्र 6 महिलाएं हैं।
  • Pradhan mantri awas yojna
    सरोजिनी बिष्ट
    “2022 तक सबको मिलेगा पक्का घर” वायदे की पड़ताल: ठगा हुआ महसूस कर रहे गरीब परिवार
    25 Jan 2022
    उत्तर प्रदेश और केंद्र, दोनों सरकारों ने अपने पांच साल के कार्यकाल के भीतर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत सभी शहरी और ग्रामीण गरीबों को पक्का घर देने का वादा किया था। सरकार दावे कुछ भी…
  • ntpc
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार : रेलवे परीक्षा परिणाम में धांधली का आरोप लगाते हुए अभ्यर्थियों का दूसरे दिन भी प्रदर्शन
    25 Jan 2022
    भारी संख्या में अभ्यर्थियों ने बिहार की राजधानी पटना और आरा में रेलवे ट्रैक पर गत सोमवार को प्रदर्शन किया वहीं आज मंगलवार को नालंदा, बक्सर, नवादा समेत अन्य स्टेशनों पर उन्होंने रेलवे ट्रैक पर…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License