NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
महिलाओं के ख़िलाफ़ अभद्र भाषा बोलने के आरोपी यति नरसिंहानंद पर सिर्फ केस दर्ज होना काफ़ी नहीं है!
ये विडंबना ही है कि मुस्लिमों के खिलाफ नियमित तौर पर हिंसक और भड़काऊ भाषण दिए जाने पर नरसिंहानंद का समर्थन करने वाले बीजेपी नेता अब उनसे दूरी बनाते दिखाई दे रहे हैं।
सोनिया यादव
02 Sep 2021
Yati Narsinghanand Saraswati

ग़ाज़ियाबाद डासना देवी मंदिर के पुजारी यति नरसिंहानंद सरस्वती एक बार फिर महिलाओं के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर सुर्खियों में हैं। उन पर हिंदू महिलाओं और महिला नेताओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं। ये विडंबना ही है कि मुस्लिमों के खिलाफ नियमित तौर पर हिंसक और भड़काऊ भाषण दिए जाने पर नरसिंहानंद का समर्थन करने वाले बीजेपी नेता अब उनसे दूरी बनाते दिखाई दे रहे हैं। बीजेपी नेता कपिल मिश्रा जिन्होंने कभी नरसिंहानंद के समर्थन में 25 लाख रुपये की धनराशि इकट्ठा की थी, अब वही नरसिंहानंद की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।

आपको बता दें कि दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मोहम्मद पैगंबर के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने पर धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में नरसिंहानंद के खिलाफ इस साल अप्रैल में भी एक मामला दर्ज किया गया था।

पूरा मामला क्या है?

प्राप्त जानकारी पुलिस ने नरसिंहानंद के खिलाफ आईपीसी की धाराओं 505 (1) (c) (आपराधिक उद्देश्य), 509 (महिला की गरिमा का अपमान), 504 (जानबूझकर किया गया अपमान) और 506 (धमकी) के तहत मामला दर्ज किया है। साथ ही साथ आईटी एक्ट की धारा 67 भी लगाई गई है। तीनों एफआईआर मसूरी पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, गाजियाबाद (ग्रामीण) के एसपी डॉ. इराज राज ने बताया, ‘यति नरसिंहानंद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें वह मंदिर परिसर में बैठे हैं और हिंदू महिलाओं के अन्य धर्म के पुरूषों के साथ संबंधों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी कर रहे हैं।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, एक एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि यति नरसिंहानंद ने दूसरे धर्म के लोगों के साथ संबंध रखने वालीं हिंदू महिलाओं के खिलाफ एक वीडियो में अपमानजनक और धमकी भरी बयानबाजी की। दूसरी एफआईआर में कहा गया कि है यति नरसिंहानंद ने राजनीति में मौजूद महिलाओं और महिला नेताओं के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कहीं, जिससे महिलाओं की भावनाएं आहत हुई हैं।

वायरल वीडियो में उन्होंने बीजेपी समेत अलग अलग दलों में राजनीति कर रही महिलाओं का जिक्र किया है और अपनी बातों से अपनी घिनौनी सोच का परिचय दिया है। वीडियो में यति नरसिंहानंद सरस्वती महिलाओं पर अश्लील टिप्पणी करते हुए कहा था, “बीजेपी में जितनी भी महिलाएं दिखाई दे रही हैं, वह एक नेता के पास गईं और दूसरे के पास नहीं तो दूसरा उनका काम नहीं करेगा... तीसरे से काम है तो तीसरे के पास जाना है। अब ये हैं ईमानदार और चरित्रवान लोग। ये है राजनीति। जितनी महिलाएं राजनीति करती घूम रही हैं, पूरा मजा आ रहा है। मैं कह तो कुछ नहीं सकता, मातृशक्ति हैं... मैं मातृशक्ति को प्रणाम करता हूं।”

राष्ट्रीय महिला आयोग की शिकायतों के आधार पर हुई कार्रवाई

इससे पहले राष्ट्रीय महिला आयोग ने 7 अगस्त को भी यति नरसिंहानंद के खिलाफ एक शिकायत की थी। यह शिकायत यति के उस वीडियो के आधार पर हुई थी, जिसमें उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री की महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक बयानबाजी की थी।

मालूम हो कि राष्ट्रीय महिला आयोग की शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई हुई है। इस कार्रवाई के संबंध में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने भी ट्वीट किया। उन्होंने यति नरसिंहानंद को ढोंगी संन्यासी बताया।

Third FIR is also been done on this fake Sanyasi called Yati Narsinghanand. https://t.co/ajJkoAjYpz

— Rekha Sharma (@sharmarekha) August 31, 2021

नरसिंहानंद की सफाई

वैसे चौतरफा आलोचनाओं के बाद राजनीति में मौजूद महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक बयानबाजी पर यति की सफाई भी आ चुकी है। यति ने एक वीडियो में कहा था कि उनके बयान को एडिट किया गया है और इसे संदर्भ से अलग हटाकर पेश किया जा रहा है।

वही येति ने राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा मामले पर सफाई देते हुए था कि रेखा शर्मा को पूरा वीडियो सुनना चाहिए था कि मैंने वो बात कोई परिपेक्ष्य में बोली है। मेरी वीडियो को एडिट कर मुझे महिला विरोधी घोषित कर दिया। महिला आयोग की चैयरमैन को सोचना चाहिए कि मैं महिला के सम्मान के लिए लड़ रहा हूं या उनका अपमान कर रहा हूं। महिला सम्मान की लड़ाई मुझसे ज्यादा किसी ने लड़ी हो तो दिखा देना।”

इससे पहले यति ने रेखा शर्मा के लिए कहा था, “मुझे ये बात समझ नहीं आई कि ये रेखा शर्मा या महिला कार्यकर्ता हैं, ये क्या गोबर खाकर पैदा हुई हैं? इनमें बुद्धि है या नहीं है। ये बीजेपी की महिला है, राष्ट्रवादी है। ये छाती पर हाथ रखकर बता दे कि मैंने झूठ बोला हो। पूरा वीडियो देख ले, एक शब्द बता दे कि मैंने झूठ बोला हो। मेरे खिलाफ रिपोर्ट लिखावाकर इसे क्या मिलेगा, चल मुझे फांसी पर चढ़ा दे। लेकिन मेरी बहन मैंने बात सच बोली थी या झूठ बोली थी।
क्या वाकई नरसिंहानंद पर कोई कार्रवाई होगी?

ये वीडियो सामने आने के बाद से ही बीजेपी के कई नेता यति नरसिंहानंद के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। हैरानी की बात ये है की इन नेताओं में बीजेपी के कपिल मिश्रा भी शामिल हैं, जो पहले यति नरसिंहानंद के लिए 25 लाख रुपये इकट्ठा करने का अभियान चला चुके हैं।

गौरतलब है कि यति नरसिंहानंद गाजियाबाद के डासना स्थित शिव शक्ति धाम के पुजारी हैं। यह मंदिर सबसे पहले तब चर्चा में आया था, जब इसी साल की शुरुआत में मंदिर परिसर के भीतर एक 14 साल के बच्चे को बेरहमी से पीटा गया था। इस मामले में शृंगी यादव नाम के शख्स को गिरफ्तार किया गया था। यति नरसिंहानंद ने आरोपी का समर्थन किया था। चूंकि अब यति अपनी बातों से समाज के एक बड़े वर्ग को प्रभावित करते हैं इसलिए ये देखना दिलचस्प होगा कि पुलिस, हिंदुतत्व राजनीति से जुड़े लोग इनपर क्या कार्रवाई करते हैं? कोई कार्रवाई होती भी है या रसूख और पॉलिटिकल पहुंच के कारण इनकी बातों को नजरअंदाज कर दिया जाता है।

Yati Narsinghanand Saraswati
BJP
hindu-muslim
Women
Hate Speech

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • kisan
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    लखीमपुर हत्याकांड: देशभर में मनाया गया शहीद किसान दिवस, तिकोनिया में हुई ‘अंतिम अरदास’
    12 Oct 2021
    तिकोनिया में शहीद किसानों को याद में ‘अंतिम अरदास’ कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें किसान नेताओं के साथ विभिन्न राज्यों के किसान और भारी संख्या में अन्य आम लोग यहां पहुंचे।
  • covid
    भाषा
    विशेषज्ञ पैनल ने दो साल तक के बच्चों के लिए कोवैक्सीन के आपात इस्तेमाल को मंजूरी देने की सिफारिश की
    12 Oct 2021
    हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक ने दो से 18 साल तक के बच्चों एवं किशोरों में इस्तेमाल के लिए कोविड-19 रोधी टीके कोवैक्सीन के 2/3 चरण का परीक्षण पूरा कर लिया है।
  • Will Damodar River Again be Bengal’s ‘Sorrow
    रबींद्र नाथ सिन्हा
    क्या दामोदर नदी फिर से बंगाल का 'शोक' बनेगी?
    12 Oct 2021
    5 अक्टूबर को ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री को ख़त लिखते हुए बाढ़ की स्थितियों में आपात हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने दामोदर घाटी निगम के अनियोजित और अनियंत्रित पानी छोड़ने की गतिविधि को दक्षिण बंगाल…
  • taliban
    न्यूज़क्लिक टीम
    तालिबान पर अमेरिकी दांव, EU-नेटो-चीन के बीच कूटनीति
    12 Oct 2021
    'पड़ताल दुनिया भर की' में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने तालिबान से अमेरिकी अधिकारियों की बातचीत के कूटनीतिक मायनों पर न्यूज़क्लिक के प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ से बातचीत की। साथ ही जर्मनी में सत्ता…
  • Nobel in Economics
    अजय कुमार
    न्यूनतम मज़दूरी बढ़ने से रोजगार कम नहीं होता : जानिए इस साल के अर्थशास्त्र के नोबेल की कहानी
    12 Oct 2021
    न्यूनतम मज़दूरी बढ़ाने पर रोजगार बढ़ेगा या घटेगा? ऐसे सवालों का जवाब देना बहुत कठिन काम है। इस कठिन काम को जिन अर्थशास्त्रियों ने सुलझाया है। उन्हें ही इस बार का नोबेल पुरस्कार दिया जा रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License