NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
न्यायमूर्ति एसए बोबडे होंगे भारत के अगले प्रधान न्यायाधीश
न्यायमूर्ति एसए बोबडे मौजूदा चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की जगह लेंगे। जस्टिस बोबडे 23 अप्रैल 2021 तक मुख्य न्यायाधीश के पद पर रहेंगे।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
29 Oct 2019
SA boble
Image courtesy: IndianMoney

नई दिल्ली:  न्यायमूर्ति शरद अरविंद बोबडे को मंगलवार को भारत का 47वां प्रधान न्यायाधीश नियुक्त किया गया। सरकार से संबद्ध सूत्रों ने बताया कि उनके नियुक्ति के वारंट पर राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने हस्ताक्षर कर दिए हैं और जल्द ही एक औपचारिक अधिसूचना जारी की जा सकती है।

सूत्रों ने बताया कि 63 वर्षीय न्यायमूर्ति बोबडे 18 नवम्बर को सीजेआई पद की शपथ ग्रहण करेंगे। इससे एक दिन पहले, 17 नवंबर को उनके पूर्ववर्ती न्यायमूर्ति रंजन गोगोई सेवानिवृत्त होंगे।न्यायमूर्ति बोबडे 17 महीने के लिए 23 अप्रैल 2021 तक इस पद पर बने रहेंगे।

परंपरा के हिसाब से ही गोगोई ने इसी महीने सरकार को पत्र लिख कर न्यायमूर्ति एस ए बोबडे को अपना उत्तराधिकारी बनाए जाने की सिफारिश की थी। अब राष्ट्रपति ने एस ए बोबडे को सुप्रीम कोर्ट का अगला चीफ जस्टिस बनाए जाने के आदेश पर हस्ताक्षर भी कर दिए हैं।

जस्टिस बोबडे 12 अप्रैल 2013 को सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त हुए थे। सुप्रीम कोर्ट आने से पहले जस्टिस बोबडे मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के पद पर थे।

24 अप्रैल 1956 को जन्मे न्यायाधीश बोबडे नागपुर में पले-बढ़े। एसएफएस कॉलेज से उन्होंने बीए किया। साल 1978 में नागपुर यूनिवर्सिटी से कानून की डिग्री हासिल की।

13 सितंबर 1978 को उन्होंने वकील के तौर पर अपना नामांकन कराया और बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच में प्रैक्टिस की। साल 1998 में उन्हें सीनियर एडवोकेट नामित किया गया। जस्टिस बोबडे आधार कार्ड, दिल्ली-एनसीआर में पटाखों पर बैन समेत अन्य ऐतिहासिक फैसलों का हिस्सा रहे हैं।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

New Chief Justice of India
CJI Ranjan Gogoi
Sharad Arvind Bobde
Supreme Court

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

मलियाना कांडः 72 मौतें, क्रूर व्यवस्था से न्याय की आस हारते 35 साल

क्या ज्ञानवापी के बाद ख़त्म हो जाएगा मंदिर-मस्जिद का विवाद?


बाकी खबरें

  • कोरोना
    बादल सरोज
    अजब ग़ज़ब मध्यप्रदेश: ज़िंदगी में कभी शुमार नहीं हुये, अब मौत में भी गिनती में नहीं
    18 Jun 2021
    मौतें और उनमें अचानक इतनी ज़्यादा बढ़त सिर्फ़ संख्या के इधर उधर होने या तात्कालिक रूप से झांसा देकर "पॉजिटिविटी अनलिमिटेड" का स्वांग रचाने भर का मामला नहीं है। इसका बची हुई ज़िंदगियों की सलामती के साथ…
  • तेल के नाम पर आम जनता से वसूली!
    सुबोध वर्मा
    पेट्रो डकैती: सार्वजनिक लूट का सरकारी ब्लूप्रिन्ट
    18 Jun 2021
    मोदी सरकार लोगों से पैसा वसूलने और अपने संसाधनों को बढ़ाने के लिए बेरहमी से पेट्रोल और डीज़ल पर टैक्स बढ़ाती रही है।
  • कोरोना
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: मौत के आंकड़े घटे, लेकिन अभी भी 24 घंटे में डेढ़ हज़ार से ज़्यादा मौतें
    18 Jun 2021
    देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 62,480 नए मामले दर्ज किए गए हैं। देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 2.68 फ़ीसदी यानी 7 लाख 98 हज़ार 656 हो गयी है।
  • NATASHA NARWAL, DEVANGANA KALITA
    मुकुंद झा
    एक साल के संघर्ष के बाद जेल से रिहा आसिफ़, देवांगना और नताशा; कहा संघर्ष जारी रहेगा
    17 Jun 2021
    पिछले एक साल से 'बिना सबूत' के तिहाड़ जेल में बंद जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्र आसिफ़ इकबाल तनहा और जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय की छात्रा देवांगना कालिता और नताशा नरवाल को गुरुवार शाम को रिहा…
  • कभी न भूलें: कोविड-19 से बचे एक पीड़ित की अपील
    तान्या अग्रवाल
    कभी न भूलें: कोविड-19 से बचे एक पीड़ित की अपील
    17 Jun 2021
    केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी ने कई विधानसभा चुनावों में लगातार प्रचार-प्रसार इसलिए किया, क्योंकि इनके लिए राजनीति कहीं ज़्यादा अहम है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License