NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
घटना-दुर्घटना
भारत
राजनीति
कानपुर: हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला, डीएसपी समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद
हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस दल पर इलाके में पहुंचते ही बदमाशों ने फ़ायरिंग शुरू कर दी। जिसमें पुलिस के 8 लोग शहीद हो गए और कई अन्य पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी ख़बर है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
03 Jul 2020
हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला

उत्तर प्रदेश का कानपुर शहर एक बार फिर सुर्खियों में है। यहां देर रात कुछ अपराधियों को पकड़ने गई पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग हुई, जिसमें एक डीएसपी समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए हैं। वहीं कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी ख़बर है। फिलहाल घटनास्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की गई है और आस-पास के इलाकों की घेराबंदी कर जांच की जा रही है।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के मुताबिक घटना कानपुर में चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव की है। यहां पुलिस कानपुर के एक शातिर अपराधी और हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने के लिए दबिश डालने गई थी। लेकिन पुलिस टीम के इलाके में पहुंचते ही बदमाशों ने छतों से फ़ायरिंग शुरू कर दी, जिसमें पुलिस के 8 लोग शहीद हो गए।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार मुठभेड़ में कम से कम छह पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं जिन्हें कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक पुलिसकर्मी की हालत काफ़ी गंभीर बताई जा रही है।

सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के पुलिस महानिदेशक को इस घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई करने और तत्काल मौक़े की रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

क्या कहना है पुलिस का?

राज्य के पुलिस महानिदेशक हितेश चंद्र अवस्थी ने मीडिया को बताया कि हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस टीम को रोकने के लिए बदमाशों ने पहले से ही जेसीबी लगाकर रास्ता रोक रखा था। जैसे ही पुलिस टीम उस इलाके में पहुंची, बदमाशों ने छतों से फ़ायरिंग शुरू कर दी। जिसमें पुलिस के 8 लोग शहीद हो गए। इसमें एक डिप्टी एसपी देवेंद्र मिश्र, तीन सब इंस्पेक्टर और चार कॉन्स्टेबल हैं। एसएसपी और आईजी मौक़े पर हैं। कानपुर की फ़ोरेंसिक टीम जाँच कर रही है, एसटीएफ़ भी लगा दी गई है।

कानपुर के पुलिस महानिरीक्षक मोहित अग्रवाल के मुताबिक पुलिस बल ने गांव को चारों तरफ़ से घेर लिया है और गांव में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। विकास दुबे से संपर्क रखने वाले सौ से ज़्यादा लोगों के मोबाइल फ़ोन सर्विलांस पर लगा दिए गए हैं। कानपुर नगर के अलावा कानपुर देहात और कन्नौज ज़िलों से भी पुलिस बल को बुलाया गया है।

कौन है विकास दुबे?

विकास दुबे को कानपुर का एक शातिर अपराधी माना जाता है। उसके खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज हैं। साल 2003 में विकास दुबे पर श्रम संविदा बोर्ड के चेयरमैन संतोष शुक्ला की हत्या का भी आरोप लगा था लेकिन बाद में वे इस मामले में अदालत से बरी हो गया था।

vikash.png

विकास दुबे की पैठ कई राजनीतिक दलों में भी रही है। इसके साथ ही वो ईंट के भट्टों, स्कूल और कॉलेजों समेत करोड़ो रुपये की संपत्ति का मालिक भी है। ऐसा कहा जाता है कि उसने अपने घर को किले की तरह बना रखा है। जहां उसकी मर्जी के बिना घुस पाना बहुत ही मुश्किल है।

विपक्ष क्या कह रहा है?

समाजवादी पार्टी की तरफ से ट्वीट कर कहा गया कि  'रोगी सरकार' के जंगलराज में 'हत्या प्रदेश' बने उत्तर प्रदेश के कानपुर में दबिश के दौरान सत्ता संरक्षित अपराधियों द्वारा हमले में CO समेत 8 पुलिसकर्मी शहीद होने की घटना अत्यंत दुखद है। सपा की ओर से शहीदों के लिए एक-एक  करोड़ रुपये के मुआवजे का हो ऐलान की मांग भी की गई है।

tweet_2.PNG

सपा अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि शहीदों को श्रद्धांजलि दी है।

akhilesh.PNG

उन्होंने लिखा, “उत्तर प्रदेश के आपराधिक जगत की इस सबसे शर्मनाक घटना में ‘सत्ताधारियों और अपराधियों ‘की मिलीभगत का ख़ामियाज़ा कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मियों को भुगतना पड़ा है। अपराधियों को जिंदा पकड़कर वर्तमान सत्ता का भंडाफोड़ होना चाहिए। 

UttarPradesh
KANPUR
8 Policemen killed
Vikas Dubey
kanpur encounter
UP police
Yogi Adityanath
AKHILESH YADAV

Related Stories

कानपुर हिंसा: दोषियों पर गैंगस्टर के तहत मुकदमे का आदेश... नूपुर शर्मा पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं!

प्रयागराज: घर में सोते समय माता-पिता के साथ तीन बेटियों की निर्मम हत्या!

बनारस: आग लगने से साड़ी फिनिशिंग का काम करने वाले 4 लोगों की मौत

कौन हैं ओवैसी पर गोली चलाने वाले दोनों युवक?, भाजपा के कई नेताओं संग तस्वीर वायरल

भारत में हर दिन क्यों बढ़ रही हैं ‘मॉब लिंचिंग’ की घटनाएं, इसके पीछे क्या है कारण?

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में सड़क दुर्घटना में 15 लोगों की मौत

बसों में जानवरों की तरह ठुस कर जोखिम भरा लंबा सफ़र करने को मजबूर बिहार के मज़दूर?

बाराबंकी में सड़क हादसे में 18 लोगों की मौत, 25 अन्य घायल

यूपी: आज़मगढ़ में पुलिस पर दलितों के घर तोड़ने, महिलाओं को प्रताड़ित करने का आरोप; परिवार घर छोड़ कर भागे

गैस सिलिंडर फटने से दोमंजिला मकान ढहा, आठ लोगों की मौत


बाकी खबरें

  • तारिक़ अनवर
    यूपी चुनाव : मथुरा की जनता ने कहा मंदिर के नाम पर भंग हो रही सांप्रदायिक शांति
    19 Jan 2022
    कई स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह कोई मुद्दा नहीं है, हम इसे चुनावी मुद्दा नहीं बनने देंगे।
  • corona
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2.82 लाख से ज़्यादा नए मामले, 441 मरीज़ों की मौत
    19 Jan 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 4.83 फ़ीसदी यानी 18 लाख 31 हज़ार हो गयी है।
  • यूपीः योगी सरकार में मनरेगा मज़दूर रहे बेहाल
    एम.ओबैद
    यूपीः योगी सरकार में मनरेगा मज़दूर रहे बेहाल
    19 Jan 2022
    प्रदेश में काम न मिलने के अलावा मनरेगा से जुड़े मज़दूरों को समय पर भुगतान में देरी का मामला अक्सर सामने आता रहता है। बागपत में इस योजना के तहत काम कर चुके मज़दूर पिछले दो महीने से मज़दूरी के लिए तरस…
  •  Memorial
    विक्रम सिंह
    1982 की गौरवशाली संयुक्त हड़ताल के 40 वर्ष: वर्तमान में मेहनतकश वर्ग की एकता का महत्व
    19 Jan 2022
    19 जनवरी, 1982 के दिन आज़ाद भारत के इतिहास में शायद पहली बार ऐसी संयुक्त हड़ताल का आयोजन किया गया था जो न केवल पूरी तरह से सफल रही बल्कि इसकी सफलता ने भविष्य में मजदूरों और किसानों की एकता कायम करते…
  • bhasha singh
    न्यूज़क्लिक टीम
    खोज ख़बर ; कश्मीर से UP: सियासत की बिछी बिसात, फ़रेब का खेल
    18 Jan 2022
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने कश्मीर प्रेस क्लब को साजिशाना ढंग से बंद करने और उत्तर प्रदेश में बिछी सियासत की बिसात पर की चर्चा। कार्यक्रम में उन्होंने कश्मीर के पत्रकार अनीस ज़रगर और…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License