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कर्नाटक:  वेतन संबंधी मुद्दों को लेकर आरटीसी कर्मचारियों की हड़ताल जारी, मुख्यमंत्री की अपील बेअसर  
कर्नाटक में वेतन संबंधी मुद्दों को लेकर सड़क परिवहन निगम (आरटीसी) के चालकों और परिचालकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के चौथे दिन शनिवार को भी जारी रही।  इस बीच  शुक्रवार को आरटीसी में कार्यरत एक व्यक्ति ने अपने घर में फांसी लगाकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
10 Apr 2021
कर्नाटक:  वेतन संबंधी मुद्दों को लेकर आरटीसी कर्मचारियों की हड़ताल जारी, मुख्यमंत्री की अपील बेअसर  
Image courtesy : Yahoo News India

कर्नाटक में वेतन संबंधी मुद्दों को लेकर सड़क परिवहन निगम (आरटीसी) के चालकों और परिचालकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही। इस बीच सरकार कर्मचारियों की सुनवाई करने की बजाय उनपर कार्रवाई की धमकियां दे रही है। जिससे कर्मचारियों का गुस्सा और बढ़ रहा है। शुक्रवार को आरटीसी में कार्यरत एक व्यक्ति ने अपने घर में फांसी लगाकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि बताया कि शिवकुमार नीलगर (40) सवदत्ती डिपो से जुड़े थे और वह चालक-सह परिचालक के रूप में कार्यरत थे। उन्हें सेवा में लगभग 12 वर्ष हो गए थे। ऐसा बताया जाता है कि नीलगर ने सावदत्ती तालुक के उरगोल गांव में स्थित अपने घर में बृहस्पतिवार की रात कथित तौर पर फांसी लगा ली।

कर्नाटक सरकार ने परिवहन निगम के कर्मचारियों की बेमियादी हड़ताल पर लगाया प्रतिबंध

इस बीच कर्नाटक सरकार ने सड़क परिवहन निगमों के कर्मचारियों की बेमियादी हड़ताल पर शुक्रवार को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया।  

श्रम विभाग ने जनता को हो रही असुविधा का हवाला देते हुए प्रतिबंध के आदेश जारी किए। विभाग ने कहा कि हड़ताल उद्योग विवाद कानून के प्रावधानों के विरुद्ध है।

विभाग की ओर से कहा गया कि विवाद को औद्योगिक न्यायाधिकरण बेंगलुरु में निर्दिष्ट कर दिया गया है।

आरटीसी कर्मचारियों की हड़ताल जारी, मुख्यमंत्री की अपील बेअसर

आरटीसी के चालकों और परिचालकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के चौथे दिन शनिवार  को भी राज्य के अधिकतर हिस्सों में बस सेवाएं प्रभावित हुईं।

मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा ने कर्मचारियों से काम पर वापस लौटने की अपील की थी और साथ ही यह स्पष्ट कर दिया कि छठे वेतन आयोग की रिपोर्ट के क्रियान्वयन की उनकी मांग को पूरा किया जाना संभव नहीं है।

बातचीत की किसी भी संभावना को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों से किसी के बहकावे में आकर हठ नहीं करने की अपील की और सरकार की आर्थिक परेशानियों को समझने का आग्रह किया।

येदियुरप्पा ने पत्रकारों से कहा, ‘‘मैं सभी परिवहन कर्मियों से हाथ जोड़कर आग्रह करता हूं कि किसी के बहकावे में आकर हठ नहीं करें। पिछले साल, जब निगम के पास आपका वेतन देने के लिए पैसे नहीं थे, तब कोविड-19 से जुड़ी परेशानियों के बावजूद हमने सरकारी कोष के 2300 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर अपका वेतन दिया था।’’

सरकार के अपने रुख पर कायम रहने के साथ आरटीसी के कर्मचारियों ने शनिवार को भी हड़ताल जारी रखने का फैसला किया।

कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन कर्मचारी संघ के मानद अध्यक्ष कोडिहल्ली चंद्रशेखर ने कहा कि हड़ताल चौथे दिन शनिवार को भी जारी रहेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री से कर्मचारियों की मांग पर ध्यान देने के लिए कहा।

सभी चार परिवहन निगम के अधिकतर कर्मचारियों के काम पर नहीं आने के कारण, बेंगलुरु सहित पूरे राज्य में ज्यादातर सड़कों से बसें नदारद रहीं। दूर-दराज के क्षेत्रों में और कार्यालय जाने वाले लोग इस हड़ताल से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए।

हड़ताल के कारण लोगों को हो रही असुविधा को दूर करने के दावे के साथ सरकार ने निजी परिवहन संचालकों की सेवाएं लेकर तथा कुछ विशेष ट्रेनें चलाने का प्रबंध किया।

निजी बसें, मिनी बसें, मैक्सी कैब और अन्य वाहन भी राज्य के कई हिस्सों में चलते नजर आए। मेट्रो ने भी अपनी सेवाएं बढ़ाकर सुबह सात बजे से रात नौ बजे तक कर दी हैं।

( समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ)

karnataka
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Karnataka RTC strike
Karnataka Government

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