NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
आतंकवाद के वित्तपोषण मामले में कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक को उम्रक़ैद
विशेष न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत विभिन्न अपराधों के लिए अलग-अलग अवधि की सजा सुनाईं। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
भाषा
25 May 2022
Yasin Malik

नयी दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को आतंकवाद के वित्तपोषण मामले में कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक को उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने मलिक पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।

विशेष न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत विभिन्न अपराधों के लिए अलग-अलग अवधि की सजा सुनाईं। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

मलिक को दो अपराधों - आईपीसी की धारा 121 (भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ना) और यूएपीए की धारा 17 (यूएपीए) (आतंकवादी गतिविधियों के लिए राशि जुटाना)- के लिए दोषी ठहराते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई गई।

यासीन मलिक को आजीवन कारावास की सजा मिलना ‘दुर्भाग्यपूर्ण’: पीएजीडी

गुपकर घोषणापत्र गठबंधन (पीएजीडी) ने बुधवार को कहा कि कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक को दिल्ली की अदालत द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाया जाना “दुर्भाग्यपूर्ण” है और इससे शांति के प्रयासों को “धक्का” लगा है।
     
पीएजीडी के प्रवक्ता एम. वाई. तारिगामी ने एक बयान में कहा कि अदालत के फैसले से अलगाववादी भावनाओं में और इजाफा होगा। विशेष न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने बुधवार को मलिक को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के अलावा गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) और भारतीय दंड संहिता की अलग-अलग धाराओं में भी जेल की सजा सुनाई।
     
अदालत ने मलिक पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। तारिगामी ने कहा, “यासीन मलिक को आजीवन कारावास की सजा देना दुर्भाग्यपूर्ण है और शांति के प्रयासों को धक्का है। हमें डर है कि इससे क्षेत्र में अनिश्चितता और बढ़ेगी तथा अलगाववादी भावनाएं और बढ़ेंगी।”
     
उन्होंने कहा कि एनआईए अदालत ने फैसला सुनाया लेकिन “न्याय नहीं दिया।” पीएजीडी ने मलिक को सभी कानूनी रास्ते अपनाने का भी सुझाव दिया। 

Yasin Malik
Jammu and Kashmir

Related Stories

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

कश्मीर में हिंसा का नया दौर, शासकीय नीति की विफलता

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

कश्मीरी पंडितों के लिए पीएम जॉब पैकेज में कोई सुरक्षित आवास, पदोन्नति नहीं 

यासीन मलिक को उम्रक़ैद : कश्मीरियों का अलगाव और बढ़ेगा

जम्मू में आप ने मचाई हलचल, लेकिन कश्मीर उसके लिए अब भी चुनौती

जम्मू-कश्मीर परिसीमन से नाराज़गी, प्रशांत की राजनीतिक आकांक्षा, चंदौली मे दमन

जम्मू-कश्मीर: बढ़ रहे हैं जबरन भूमि अधिग्रहण के मामले, नहीं मिल रहा उचित मुआवज़ा


बाकी खबरें

  • PTI
    समीना खान
    चुनावी घोषणापत्र: न जनता गंभीरता से लेती है, न राजनीतिक पार्टियां
    09 Feb 2022
    घोषणापत्र सत्ताधारी पार्टी का प्रश्नपत्र होता है और सत्ताकाल उसका परीक्षाकाल। इस दस्तावेज़ के ज़रिए पार्टी अपनी ओर से जनता को दी जाने वाली सुविधाओं का जिक्र करती है और जनता उनके आधार पर चुनाव करती है।…
  • हर्षवर्धन
    जन्मदिन विशेष : क्रांतिकारी शिव वर्मा की कहानी
    09 Feb 2022
    शिव वर्मा के माध्यम से ही आज हम भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद, सुखदेव, राजगुरु, भगवती चरण वोहरा, जतिन दास और महाबीर सिंह आदि की कमानियों से परिचित हुए हैं। यह लेख उस लेखक की एक छोटी सी कहानी है जिसके बारे…
  • budget
    संतोष वर्मा, अनिशा अनुस्तूपा
    ग्रामीण विकास का बजट क्या उम्मीदों पर खरा उतरेगा?
    09 Feb 2022
    कोविड-19 महामारी से पैदा हुए ग्रामीण संकट को कम करने के लिए ख़र्च में वृद्धि होनी चाहिए थी, लेकिन महामारी के बाद के बजट में प्रचलित प्रवृत्ति इस अपेक्षा के मामले में खरा नहीं उतरती है
  • Election
    एम.ओबैद
    यूपी चुनावः प्रचार और भाषणों में स्थानीय मुद्दों को नहीं मिल रही जगह, भाजपा वोटर भी नाराज़
    09 Feb 2022
    ऐसे बहुत से स्थानीय मुद्दे हैं जिनको लेकर लोग नाराज हैं इनमें चाहे रोजगार की कमी का मामला हो, उद्योग की अनदेखी करने का या सड़क, बिजली, पानी, महिला सुरक्षा, शिक्षा का मामला हो। इन मुद्दों पर चर्चा…
  • Shatha Odeh
    शिरीन ओदेह
    शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है
    09 Feb 2022
    हेल्थ वर्क कमिटीज़ की निदेशक शता ओदेह जुलाई 2021 से ही जेल में हैं और जेल में रहने के दौरान उन्हें कोविड-19 से भी गुज़रना पड़ा। उनका यह मामला इज़राइल के भेदभावपूर्ण नीतियों की आलोचना करने वाली सभी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License