NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
श्रद्धांजलि: एक साथ बुझ गए कई सितारे
दिग्गज कथक गुरु बिरजू महाराज, प्रसिद्ध पर्यावरणविद् एम के प्रसाद, जाने-माने गीतकार एलेप्पी रंगनाथ और प्रख्यात रंगमंच कलाकार शाओली मित्रा लगभग एक साथ हमारी दुनिया को अलविदा कह गए।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
17 Jan 2022
Birju Maharaj

इतवार और सोमवार को देश ने अपने कई सितारों को लगभग एक साथ खो दिया। कथक गुरु बिरजू महाराज, पर्यावरणविद् एम के प्रसाद ने सोमवार और गीतकार एलेप्पी रंगनाथ व रंगमंच कलाकार शाओली मित्रा ने इतवार को अंतिम सांस ली।

प्रख्यात कथक नर्तक बिरजू महाराज का सोमवार तड़के दिल्ली में अपने घर पर निधन हो गया। उनकी पोती ने यह जानकारी दी।

महाराज जी के नाम से विख्यात, बिरजू महाराज अगले महीने 84 साल के होने वाले थे। उन्होंने कथक को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई।

रागिनी महाराज ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि बिरजू महाराज के निधन के वक्त उनके आस-पास परिवार के लोग तथा उनके शिष्य मौजूद थे। वे रात के भोजन के बाद अंताक्षरी खेल रहे थे, जब महाराज को अचानक कुछ परेशानी होने लगी।

भारत के प्रख्यात कलाकारों में से एक, कथक नर्तक गुर्दे की बीमारी से पीड़ित थे और ‘डायलिसिस’ पर थे।

उनकी पोती ने बताया कि संभवत: महाराज की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई।

रागिनी महाराज ने कहा, ‘‘ हम उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन हम उन्हें बचा नहीं पाए।’’

कमल हासन ने बिरजू महाराज को श्रद्धांजलि दी

चेन्नई: अभिनेता एवं राजनेता कमल हासन ने बिरजू महाराज के निधन पर शोक जताया। हासन ने कहा कि उन्होंने कथक सम्राट से बहुत कुछ सीखा।

पंडित बिरजू महाराज को ‘अद्वितीय’ करार देते हुए हासन ने ट्विटर पर लिखा कि उन्होंने कथक सम्राट को कई वर्षों तक ‘एकलव्य’ की तरह ‘दूर से देखते हुए’ उनसे काफी कुछ सीखा। अभिनेता ने कहा कि ‘विश्वरूपम’ के निर्माण के दौरान उन्हें पंडित बिरजू महाराज के करीब रहने का मौका मिला और इस दौरान भी उन्होंने कथक सम्राट से बहुत सी चीजें सीखीं।

हासन ने कहा ‘‘पंडित बिरजू महाराज ने अपना जीवन नृत्य और संगीत को समर्पित कर दिया। उनके निधन से कला जगत को गंभीर क्षति हुई है। ’’

प्रसिद्ध पर्यावरणविद् एम के प्रसाद का निधन

कोच्चि: केरल की साइलेंट वैली में सदाबहार उष्णकटिबंधीय वर्षा वनों को विनाश से बचाने के लिए ऐतिहासिक जमीनी स्तर के आंदोलन में अग्रणी रहे प्रसिद्ध पर्यावरणविद् प्रोफेसर एम के प्रसाद का सोमवार सुबह यहां निधन हो गया। वह 89 वर्ष के थे। उनके सहयोगियों ने ये जानकारी दी।

उनके सहयोगियों के मुताबिक कोविड संबंधी जटिलताओं के बाद उपचार के लिये एक निजी अस्पताल में भर्ती प्रसाद ने वहीं अंतिम सांस ली।

प्रसाद 1970 के दशक में पलक्कड जिले में ‘साइलेंट वैली’ में एक जल विद्युत परियोजना स्थापित करने के राज्य सरकार के कदम के खिलाफ राष्ट्रीय आंदोलन के पीछे एक मार्गदर्शक शक्ति थे।

पारिस्थितिकी विशेषज्ञों के अथक दबाव के आगे झुकते हुए सरकार को इस परियोजना को छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने पर्यावरण आंदोलनों के नेता के रूप में प्रसाद के योगदान को याद करते हुए उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।

पूर्व पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने भी प्रसाद के निधन पर शोक व्यक्त किया।

जाने-माने गीतकार एलेप्पी रंगनाथ का निधन

कोट्टायम: जाने-माने गीतकार और निर्देशक एलेप्पी रंगनाथ का रविवार देर रात निधन हो गया। पारिवारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। वह 73 वर्ष के थे।

रंगनाथ का यहां मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कोविड-19 का इलाज चल रहा था।

उन्होंने 42 नाटकों और 25 नृत्य नाटकों का निर्देशन किया। रंगनाथ ने 19 साल की उम्र में कांजीरापल्ली पीपुल्स आर्ट्स क्लब के एक नाटक के लिए संगीत तैयार किया था। उन्होंने 1973 में आई फिल्म 'जीसस' के गीत होसन्ना के लिए पहली बार संगीत तैयार किया था।

रंगनाथ ने हाल में बाइबिल के छंदों पर आधारित कर्नाटक संगीत में रचित 10 कीर्तन गीत लिखे। उन्होंने भगवान अयप्पा के कई भक्ति गीत भी लिखे थे और इस वर्ष का हरिवारसनम पुरस्कार प्राप्त किया था।

प्रख्यात रंगमंच कलाकार शाओली मित्रा का निधन

कोलकाता: प्रख्यात रंगमंच कलाकार शाओली मित्रा का रविवार को दक्षिण कोलकाता स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। वह 73 वर्ष की थीं। मित्रा हृदय संबंधी बीमारियों से ग्रस्त थीं।

रंगमंच कलाकार और मित्रा की करीबी मित्र अर्पिता घोष ने बताया कि शाओली मित्रा ने रविवार अपराह्न तीन बजकर 40 मिनट पर अंतिम सांस ली और बाद में श्रीति शवदाह गृह में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

घोष ने बताया कि मित्रा हृदय संबंधी बीमारियों से ग्रस्त थीं और उन्होंने अस्पताल में भर्ती होने से इनकार कर दिया था। उन्होंने बताया कि रविवार को मित्रा की तबीयत काफी बिगड़ गई थी।

शाओली मित्रा को 2009 में पद्मश्री से नवाजा गया था। उन्हें संगीत नाटक अकादमी समेत अन्य पुरस्कार प्राप्त हुए थे।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Kathak dancer Birju Maharaj
MK Prasad
Alleppy Ranganath
Shaoli Mitra

Related Stories


बाकी खबरें

  • yogi
    अजय कुमार
    योगी सरकार का काम सांप्रदायिकता का ज़हर फैलाना है या नौजवानों को बेरोज़गार रखना?
    25 Dec 2021
    उत्तर प्रदेश का चुनावी माहौल हिंदू-मुस्लिम धार पर बर्बाद करने की कोशिश की जा रही है। तो आइए इस नफ़रत के माहौल को काटते हुए उत्तर प्रदेश की बेरोज़गारी पर बात करते हैं।
  • manipur
    शशि शेखर
    मणिपुर : ड्रग्स का कनेक्शन, भाजपा और इलेक्शन
    25 Dec 2021
    मणिपुर में ड्रग कार्टेल और भाजपा नेताओं की उसमे संलिप्तता की कई खबरें आ चुकी हैं। टेररिस्ट संगठन से लिंक के आरोपी, थोनाजाम श्याम कुमार सिंह, 2017 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ते हैं। विधायकी की…
  • up
    सत्येन्द्र सार्थक
    यूपी चुनाव 2022: पूर्वांचल में इस बार नहीं हैं 2017 वाले हालात
    25 Dec 2021
    पूर्वांचल ख़ासकर गोरखपुर में सभी प्रमुख पार्टियां अपनी जीत का दावा कर रही हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में गोरखपुर ज़िले की 9 सीटों में से 8 पर भाजपा ने जीत हासिल की थी, लेकिन जानकारों का मानना है कि…
  • bhasha singh
    भाषा सिंह
    बात बोलेगी : दरअसल, वे गृह युद्ध में झोंकना चाहते हैं देश को
    24 Dec 2021
    हरिद्वार में 17 से 19 दिसंबर 2021 तक चली बैठक को धर्म संसद का नाम देने वाले वे सारे उन्मादी मारने-काटने की बात करने वाले, ख़ुद को स्वामी और साध्वी कहलाने वाले शख़्स दरअसल समाज को उग्र हिंदु राष्ट्र के…
  • hisab kitab
    न्यूज़क्लिक टीम
    उत्तर प्रदेश में क्यों पनपती है सांप्रदायिक राजनीति
    24 Dec 2021
    उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले वहां सांप्रदायिक राजनीति की शुरुआत फिर से हो गयी है। सवाल यह है कि उप्र में नफ़रत फैलाना इतना आसान क्यों है? इसके पीछे छिपी है देश में पिछले दस सालों से बढ़ती बेरोज़गारी
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License