NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
केजरीवाल कहीं भाजपा की तरह का एक और राजनीतिक जाल तो नहीं!
विधानसभा में ऐलान किया कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनने के बाद दिल्ली के बुजुर्गों को राम मंदिर के दर्शन कराने ले जाएंगे.
आज का कार्टून
12 Mar 2021
कार्टून

सत्ता के संघर्ष को राजनीति कहते हैं। यहां पर सत्ता का मतलब विचार से लिया जाता है। यानी वह कौन से विचार होंगे जिनके मुताबिक समाज चलेगा। इन विचारों की व्याख्या हमारा संविधान करता है। लेकिन भाजपा वैसे विचार अपनाकर लोगों के बीच गोलबंदी करती हैं, जो संविधान सम्मत नहीं होते है। जिनके केंद्र में धार्मिक पहचान शामिल है। हिंदुत्व का भावुक, सतही और उन्मादी गुणगान कर लोगों की गोलबंदी शामिल है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सत्ता के इस स्वरूप को चुनौती नहीं दे रहे बल्कि इसे अपनाने की तरफ बढ़ रहे हैं। इस साल का बजट पेश करते हुए अरविंद केजरीवाल ने यह भी ऐलान किया कि वह दिल्ली के बुजुर्गों को अयोध्या की यात्रा करवाएंगे।

 सबसे कमजोर लोगों की मदद करना ही सरकार का काम होता है। लेकिन यह भी जरूरी है कि सरकार मदद के तौर पर लोगो के सामने किस तरह का मदद पेश कर रही है। क्या संविधान में यह कहीं भी लिखा हुआ है कि भारत की चुनी हुई सरकार लोगों को जन कल्याण का दुहाई देते हुए उन्हें धार्मिक स्थल तक पहुंचाने का काम करेगी? अगर यह नहीं लिखा हुआ है संविधान ऐसे विचारों को सरकारों को अपनाने इजाजत नहीं देता है तो इसका मतलब है कि विपक्ष के तौर पर अरविंद केजरीवाल सत्ता को चुनौती नहीं दे रहे बल्कि सत्ता के खेमे में ही शामिल हो रहे हैं।

cartoon click
Irfan ka cartoon
cartoon
AAP
BJP
Arvind Kejriwal

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

कार्टून क्लिक: उनकी ‘शाखा’, उनके ‘पौधे’

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'


बाकी खबरें

  • Press Council of India
    भाषा
    प्रेस काउंसिल ऑफ़ इंडिया में मनाया गया राष्ट्रीय प्रेस दिवस 
    16 Nov 2021
    आज ही के दिन 16 नवंबर, 1966 में प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया का गठन किया गया था, जिसके अवसर पर पत्रकारिता दिवस मनाया जाता है।
  • Benipatti
    पुष्यमित्र
    पत्रकार हत्याकांड- कैसे मेडिकल माफिया का अड्डा बन गया छोटा सा कस्बा बेनीपट्टी?
    16 Nov 2021
    इन दिनों उत्तर बिहार के कई ज़िलों में पत्रकार अविनाश झा उर्फ बुद्धिनाथ झा की जघन्य हत्या के विरोध में आंदोलन हो रहे हैं। पुलिस ने हत्या के आरोपी छह लोगों को गिरफ्तार भी किया है, इनमें से तीन का संबंध…
  • V.P. Singh, Chandrashekhar, Sonia Gandhi aur Main
    सतीश भारतीय
    प्रधानमंत्री वीपी सिंह के जीवन के रहस्यों को खोलती पत्रकार संतोष भारतीय की किताब!
    16 Nov 2021
    वीपी सिंह की राजनैतिक यात्रा को लेखक-पत्रकार संतोष भारतीय ने काफी नजदीक से परखा था। वीपी सिंह के राजनीतिक जीवन पर संतोष भारतीय ने "वी. पी. सिंह, चंद्रशेखर, सोनिया गाँधी और मैं" नाम से एक किताब लिखी…
  • Lakhimpur Violence
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    लखीमपुर हिंसा: अजय मिश्रा की बर्ख़ास्तगी और गिरफ़्तारी की मांग को लेकर पीलीभीत में ‘न्याय महापंचायत’
    16 Nov 2021
    बुधवार को लखीमपुर खीरी मामले में सर्वोच्च न्यायालय में की जा रही सुनवाई का ज़िक्र करते हुए किसान नेताओं का आरोप था कि घटना के प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों को दर्ज किये बग़ैर मामले की न्यायसंगत जांच हो…
  • MANNU AND SUDHA
    सुधा अरोड़ा
    'मन्नू दी' आप अकेले सफ़र पर निकल गईं: मन्नू भंडारी के नाम सुधा अरोड़ा का पत्र
    16 Nov 2021
    मन्नू भंडारी के बेहद करीब रहीं प्रख्यात लेखिका सुधा अरोड़ा, 'मन्नू दी' के निधन से बेहद आहत हैं। एक खुले पत्र के माध्यम से उन्होंने अपनी भावनाएं और यादें साझा कीं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License