NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
केरल :  केंद्र की टीकाकरण नीति काला बाज़ारी को बढ़ावा दे रही है, राज्य सरकार ने उच्च न्यायालय में कहा 
एक तरफ केरल विधानसभा में  सभी राज्यों को निःशुल्क टीके उपलब्ध कराने को लेकर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया।  वहीं दूसरी तरफ  केरल की वाम मोर्चे की सरकार ने उच्च न्यायालय में कहा कि केंद्र की टीकाकरण नीति काला बाजारी को बढ़ावा दे रही है।  
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
03 Jun 2021
 उच्च न्यायालय

तिरुवनंतपुरम: देशभर में केंद्र की टीकाकरण नीति को लेकर आलोचना हो रही है।  यहां तक कि उसके सहयोगी भी गाहे बगाहे इस पर सवाल उठा चुके हैं। जबकि कई राज्यों की उच्च न्यायालयों के साथ ही उच्चतम न्यायालय भी केंद्र पर इसे ले कर सवाल खड़े कर रहा है। इसी बीच  केरल विधानसभा ने बुधवार को सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर केन्द्र सरकार से सभी राज्यों को कोविड-19 के टीके निशुल्क उपलब्ध कराने की मांग की। इस तरह का प्रस्ताव पास करने वाली केरल पहली विधनसभा है।  जबकि दूसरी तरफ उच्च न्यायालय में भी केरल सरकार ने केंद्र टीकाकरण नीति को लेकर गंभीर सवाल उठाए और उसे कालाबाजारी को बढ़ावा देने वाला बताया।  

स्वास्थ्य मंत्री  ने सदन में रखा था प्रस्ताव  

राज्य में कोविड रोधी टीके की भारी कमी के बीच स्वास्थ्य, महिला एवं बाल कल्याण मंत्री वीणा जॉर्ज ने सदन में यह प्रस्ताव पेश किया। 

इस बीच, राज्य में कोविड-19 से मरने वालों की संख्या को लेकर विधानसभा में सत्ताधारी और विपक्षी विधायकों के बीच तीखी बहस भी हुई।

वाम लोकतांत्रिक मोर्चे के नेतृत्व वाली 15वीं विधानसभा के पहले सत्र में सर्वसम्मति से पारित किया गया यह दूसरा प्रस्ताव है।

पहला प्रस्ताव लक्षद्वीप के प्रशासक को वापस बुलाने से संबंधित था। इस प्रस्ताव में केंद्र सरकार से टीकों के समय पर वितरण का भी अनुरोध किया गया।

जॉर्ज ने कहा, ‘‘कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई के लिए, हमें समाज के सभी वर्गों को निःशुल्क टीके उपलब्ध कराने होंगे ताकि इस जानलेवा वायरस से उन सभी की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।’’

उन्होंने कोविड-19 के कारण बुरी तरह प्रभावित हो रही अर्थव्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि महामारी की पहली लहर ने अर्थव्यवस्था को कमजोर कर दिया था और अब हम दूसरी भयावह लहर का सामना कर रहे हैं।

केरल की स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि संक्रामक बीमारियों से निपटने के लिए सभी लोगों को नि:शुल्क टीके उपलब्ध कराना राष्ट्रीय नीति का हिस्सा है, लेकिन केन्द्र सरकार ने इसके खिलाफ कई कदम उठाए हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, ‘‘यदि हम टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाएं तो इससे अर्थव्यवस्था को उबरने में मदद मिलेगी। इस महामारी के खिलाफ जारी लड़ाई में सभी को एकजुट होना चाहिए और सार्वभौमिक टीकाकरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।’’

अपने राजनीतिक मतभेदों को दरकिनार करते हुए, सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चे और कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे के सदस्यों ने मामूली बदलावों का सुझाव देने के बाद सर्वसम्मति से इस प्रस्ताव का समर्थन किया।

विधानसभा में कांग्रेस के नेताओं ने राज्य सरकार पर कोविड-19 से मरने वालों का आंकड़ा छिपाने का आरोप लगाया, जिसको लेकर सत्तापक्ष और विपक्षी सदस्यों के बीच तीखी बहस भी हुई।

विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने कहा कि कोविड-19 के कारण मरने वाले मरीजों की गिनती करने में भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद आईसीएमआर के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया जा रहा है।

सतीशन ने कहा कि कोविड-19 से ठीक होने के बाद उससे संबंधित जटिलताओं के कारण जिन लोगों की मौत हो रही है, उसकी गिनती नहीं की जा रही है।

राज्य की स्वास्थ्य मंत्री ने विपक्ष पर वाम मोर्चे की सरकार को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कोविड-19 से मरने वालों की गिनती करने के लिए राज्य सरकार आईसीएमआर के दिशा-निर्देशों का पालन कर रही है।

केंद्र की टीकाकरण नीति काला बाजारी को बढ़ावा दे रही : केरल सरकार ने उच्च न्यायालय में कहा

केरल सरकार ने बुधवार को यहां उच्च न्यायालय में दावा किया कि केंद्र की टीकाकरण नीति काला बाजारी को 'बढ़ावा’ दे रही है।

न्यायमूर्ति ए मोहम्मद मुश्ताक और न्यायमूर्ति कौसर एडप्पागथ की पीठ के समक्ष अपनी दलीलें पेश करते हुए सरकारी वकील ने केंद्र और राज्य दोनों सरकारों के लिए टीकों की खरीद की खातिर अलग-अलग दरें तय करने के फैसले पर सवाल उठाया। पीठ राज्य में कोविड टीकों की कमी से संबंधित एक मामले की सुनवाई कर रही थी।

उन्होंने कहा कि कीमत उत्पादन लागत के आधार पर तय की जानी चाहिए।

राज्य सरकार ने निजी टीका निर्माताओं पर टीकों की बढ़ा-चढ़ाकर कीमतें वसूलने का आरोप लगाते हुए कहा कि कंपनियों को महामारी के बीच फायदा उठाने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।

सरकार ने कहा, ‘‘केंद्र सरकार कालाबाजारी को बढ़ावा दे रही है... अलग-अलग दरें क्यों तय की जा रही हैं?”

राज्य ने अदालत को यह भी सूचित किया कि वह कंपनियों से उसी कीमत पर टीके नहीं खरीद सकता, जिस दर पर निजी अस्पतालों द्वारा खरीद की जा रही है।’’

राज्य ने कहा कि निजी अस्पतालों को टीकाकरण का एकाधिकार नहीं दिया जाना चाहिए। मामले में अब अगले मंगलवार को सुनवाई होगी।

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ)

Kerala high court
keral
kerala assembly
COVID-19
Modi Govt
Narendra modi

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !


बाकी खबरें

  • बिहारः शाहजहांपुर में आशा कार्यकर्ता पर हुए हमले के विरोध और अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहारः शाहजहांपुर में आशा कार्यकर्ता पर हुए हमले के विरोध और अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन
    17 Nov 2021
    उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में आशा कार्यकर्ता पर हुए हमले समेत अन्य मांगों को लेकर पटना में बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ (ऐक्टू-गोप गुट) ने बुधवार को प्रदर्शन किया।
  • अफ़ग़ानिस्तान की ज़मीन को आतंकवाद का स्रोत नहीं बनना चाहिए : भारत, फ्रांस
    भाषा
    अफ़ग़ानिस्तान की ज़मीन को आतंकवाद का स्रोत नहीं बनना चाहिए : भारत, फ्रांस
    17 Nov 2021
    पेरिस में आतंकवाद से मुकाबला करने के विषय पर भारत-फ्रांस संयुक्त कार्य समूह की बैठक में दोनों पक्षों ने सीमा पार आतंकवादी गतिविधियों सहित आतंकवाद के सभी स्वरूपों की निंदा की और इस बुराई के ख़िलाफ़…
  • pollution
    भाषा
    टेलीविजन पर होने वाली परिचर्चाएं दूसरी चीजों से कहीं अधिक प्रदूषण फैला रही हैं: न्यायालय
    17 Nov 2021
    पीठ ने कहा, ‘‘आप (वादकारियों) किसी मुद्दे का इस्तेमाल करना चाहते हैं, हमसे टिप्पणी कराना चाहते हैं और फिर उसे विवादास्पद बनाते हैं, इसके बाद सिर्फ आरोप प्रत्यारोप ही होता है...।’’
  • sc
    भाषा
    त्रिपुरा हिंसा : सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस को बलपूर्वक कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया
    17 Nov 2021
    कोर्ट ने वकील मुकेश और अनसारुल हक़ और पत्रकार श्याम मीरा सिंह की याचिका पर अगरतला पुलिस को नोटिस जारी किया है।
  • Hindutva
    अजय गुदावर्ती
    हिंदुत्व हिंदू धर्म का प्रतिरूप है या इसके एकदम उलट?
    17 Nov 2021
    हिंदुत्व हिंदू धर्म के भेदभाव वाले पहलुओं को मजबूत बनाकर इसके समायोजित और समावेशी पहलुओं को ध्वस्त कर देता है। यह बदलाव नहीं, बल्कि एक ब्राह्मणवादी सामाजिक व्यवस्था की स्थापना का आग्रह करता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License