NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
भारत
राजनीति
केरल : कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण क़ैदियों को मिलेगी राहत
जेल प्रशासन के महानिदेशक ने कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के मद्देनजर जेलों में कैदियों के बीच संक्रमण फैलने के खतरे को ध्यान में रखते हुए यह प्रस्ताव रखा है जिससे जेलों में भीड़ को कम किया जा सके।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
06 May 2021
केरल : कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण कैदियों को मिलेगी राहत

तिरुवनंतपुरम/दिल्ली: केरल में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में हो रही अप्रत्याशित वृद्धि के मद्देनजर राज्य सरकार ने जेलों में भीड़ को कम करने के लिए कुछ खास कैदियों को दो सप्ताह के लिए पैरोल देने का फैसला लिया है। हालाँकि इसी तरह की मांग देश के अन्य राज्यों में भी उठ रही है।  महारष्ट्र , दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई जेलों में कैदियों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है।  इसको देखते हुए कई  सामजिक कार्यकर्ता जेल में बंद राजनैतिक बंदियों को रिहा करने की मांग उठा रहे है जबकि दिल्ली में उच्चतम न्यायालय के समक्ष भी यह मामला विचारधीन है।  

केरल आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक इस संबंध में आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत राज्य के मुख्य सचिव के नेतृत्व में एक राज्यस्तरीय कार्यकारी समिति का गठन किया गया जिसने जेल एवं सुधार सेवा के महानिदेशक के अनुरोध के बाद यह फैसला लिया है।

केरल के गृह विभाग की ओर से जारी किए गए एक आदेश के मुताबिक जेल प्रशासन के महानिदेशक ने कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के मद्देनजर जेलों में कैदियों के बीच संक्रमण फैलने के खतरे को ध्यान में रखते हुए यह प्रस्ताव रखा है जिससे जेलों में भीड़ को कम किया जा सके और कैदियों के बीच शारीरिक दूरी के नियम का पालन कराया जा सके।

समिति ने यह फैसला किया है कि जो कैदी पैरोल के लिए पात्र होंगे और जो कैदी पैरोल पर बाहर जाना चाहते हैं उन्हें यह सुविधा दी जायेगी।

केरल जेल सुधार सेवा प्रबंधन नियम 2014 के नियम के अंतर्गत आने वाले कैदियों को पैरोल की सुविधा नहीं दी जायेगी।

इस समय केरल के तीन केन्द्रीय कारागार समेत कुल 54 जेलों में छह हजार से अधिक कैदी हैं।

कोविड-19 के दौरान कैदियों की रिहाई को लेकर एचपीसी की हुई बैठक

कोविड-19 का प्रसार रोकने के उद्देश्य से जेलों में कैदियों की संख्या कम करने के लिए उच्चतम न्यायालय के आदेश पर गठित एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की जेलों से कैदियों की रिहाई पर विचार करने के वास्ते 4 मई शाम में एक बैठक हुई।

यह जानकारी राष्ट्रीय राजधानी में तीन जेलों में कैदियों की संख्या कम करने के लिए गैर-जघन्य अपराधों में शामिल कैदियों की जमानत या पैरोल पर अस्थायी रिहाई के अनुरोध वाली तीन याचिकाओं की सुनवाई के दौरान डीएसएलएसए (दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण) के सदस्य सचिव कंवल जीत अरोड़ा द्वारा मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की एक पीठ के समक्ष दी गई।

यह जानकारी मुहैया कराये जाने के मद्देनजर अदालत ने मामले को 13 मई को अगली सुनवायी के लिए सूचीबद्ध किया।

सुनवायी के दौरान जेल विभाग की ओर से पेश दिल्ली सरकार के स्थायी अधिवक्ता संतोष के त्रिपाठी ने पीठ को बताया कि जेलों में कई सौ कोविड-19 मामलों को देखते हुए 890 दोषियों को पैरोल पर रिहा करने पर विचार करने के लिए एक प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है।

जेल महानिदेशक ने कहा है, ‘‘यह जेल विभाग द्वारा प्रस्तावित किया गया है कि कोविड-19 की ताजा लहर को देखते हुए सरकार जेलों में भीड़ कम करने के लिए पात्र दोषियों को कैदियों की सुरक्षा के हित में आपातकालीन पैरोल देने पर विचार कर सकती है। तदनुसार, जेल विभाग ने 26 अप्रैल को दिल्ली सरकार को एक पत्र लिखा है जिसमें प्रस्ताव दिया गया है कि 890 दोषियों को जिन्हें पहले ही आपातकालीन पैरोल दी गई थी और जिन्होंने उसकी समाप्ति के बाद आत्मसमर्पण किया था, जिनके खिलाफ कोई प्रतिकूल रिपोर्ट नहीं है, उन्हें तुरंत आठ सप्ताह का आपातकालीन पैरोल दिया जा सकता है।’’

यह भी कहा गया है कि जेल विभाग ने कैदियों के बीच कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए सरकार की सलाह के अनुसार सभी रोकथाम उपाय किए हैं, लेकिन सावधानियों और रोकथाम उपायों के बावजूद जेलों में कोरोना वायरस के मामले सामने आ रहे हैं।

हलफनामे के अनुसार, 27 अप्रैल की स्थिति के अनुसार 260 कैदी और 114 जेल कर्मचारी कोविड-19 संक्रमित थे।

विभाग ने यह भी कहा है कि विचाराधीन कैदियों (यूटीपी) के संबंध में यह भी एक सुझाव दिया गया है कि जिनके खिलाफ ऐसे मामले जिनमें अपराधों के लिए 7 साल या उससे कम की सजा का प्रावधान है तो उन्हें जमानत या अंतरिम जमानत पर रिहा किया जाना चाहिए क्योंकि कोविड-19 की नई लहर "पिछले साल की तुलना में बहुत ताकतवर है।’’

Kerala
COVID-19
Coronavirus
prisoners

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • Mothers and Fathers March
    पीपल्स डिस्पैच
    तख़्तापलट का विरोध करने वाले सूडानी युवाओं के साथ मज़बूती से खड़ा है "मदर्स एंड फ़ादर्स मार्च"
    28 Feb 2022
    पूरे सूडान से बुज़ुर्ग लोगों ने सैन्य शासन का विरोध करने वाले युवाओं के समर्थन में सड़कों पर जुलूस निकाले। इस बीच प्रतिरोधक समितियां जल्द ही देश में एक संयुक्त राजनीतिक दृष्टिकोण का ऐलान करने वाली हैं।
  • गौरव गुलमोहर
    यूपी चुनाव: क्या भाजपा के लिए मुश्किल खड़ी कर सकते हैं सिटिंग विधायक?
    28 Feb 2022
    'यदि भाजपा यूपी में कम अंतर से चुनाव हारती है तो उसमें एक प्रमुख कारण काम न करने वाले सिटिंग विधायकों का टिकट न काटना होगा।'
  • manipur
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मणिपुर में पहले चरण का चुनाव, 5 ज़िलों की 38 सीटों के लिए 67 फ़ीसदी से ज़्यादा मतदान
    28 Feb 2022
    मणिपुर विधानसभा के लिए आज पहले चरण का मतदान संपन्न हो गया। मतदान का समय केवल शाम 4 बजे तक ही था। अपराह्न तीन बजे तक औसतन 67.53 फ़ीसदी मतदान हुआ। अंतिम आंकड़ों का इंतज़ार है।
  • jharkhand
    अनिल अंशुमन
    झारखंड : फिर ज़ोर पकड़ने लगी है ‘स्थानीयता नीति’ बनाने की मांग : भाजपा ने किया विरोध
    28 Feb 2022
    हेमंत सोरेन सरकार को राज्य में होने वाली सरकारी नियुक्तियों के लिए घोषित विसंगतिपूर्ण नियोजन नीति को छात्रों-युवाओं के विरोध के बाद वापस लेना पड़ा है। लेकिन मामला यहीं थम नहीं रहा है।
  • Sergey Lavrov
    भाषा
    यूक्रेन की सेना के हथियार डालने के बाद रूस ‘किसी भी क्षण’ बातचीत के लिए तैयार: लावरोव
    28 Feb 2022
    लावरोव ने यह भी कहा कि रूस के सैन्य अभियान का उद्देश्य यूक्रेन का ‘‘विसैन्यीकरण और नाजी विचारधारा से’’ मुक्त कराना है और कोई भी उस पर कब्जा नहीं करने वाला है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License