NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
तेंदुलकर से ख़फ़ा केरलवासियों ने शारापोवा से माफ़ी मांगी, कहा- आप सही थीं
शारापोवा ने 2015 में एक इंटरव्यू में कहा था कि वह तेंदुलकर को नहीं जानतीं। इसके बाद भारतीय प्रशंसकों ने उनकी काफी आलोचना की थी।
भाषा
05 Feb 2021
सचिन और शारापोवा
Image courtesy: Hindustan

तिरूवनंतपुरम, पांच फरवरी किसानों के प्रदर्शन को लेकर सचिन तेंदुलकर के ट्वीट से खफा कई केरलवासियों ने टेनिस स्टार मारिया शारापोवा के सोशल मीडिया अकाउंट पर माफी मांगी है जो 2015 में एक इंटरव्यू में इस चैम्पियन क्रिकेटर को नहीं जानने के कारण आलोचना का शिकार हुईं थीं।

अधिकांश ने जहां दुनिया की पूर्व नंबर एक खिलाड़ी से माफी मांगी है तो कुछ ने उन्हें केरल आने का न्यौता भी दिया है ।

एक ने मलयालम में लिखा ,‘‘शारापोवा आप सचिन के मामले में सही थी। उसमें ऐसा गुण नहीं है कि आप उसे जानें।’’

टेनिस स्टार ने बुधवार को ट्वीट किया था, ‘‘ कोई और भी वर्षों तक भम्रित रहा?’’ उनके इसके ट्वीट के बाद वर्ष 2015 की तरह ही उनके ट्विटर और फेसबुक पेज पर मलयालम में टिप्पणी की बाढ़ आ गई।

तेंदुलकर समेत कई क्रिकेट सितारों और फिल्मी हस्तियों ने कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन के समर्थन में वैश्विक हस्तियों के उतरने के खिलाफ सरकार का समर्थन किया था ।

तेंदुलकर ने लिखा था ,‘‘ भारत की सम्प्रभुता से समझौता नहीं किया जा सकता । विदेशी ताकतें दर्शक हो सकती हैं लेकिन प्रतिभागी नहीं। भारत को भारतीय जानते हैं और वे ही भारत के लिये फैसला लेंगे। एक देश के रूप में एकजुट होने की जरूरत है।’’

शारापोवा ने 2015 में एक इंटरव्यू में कहा था कि वह तेंदुलकर को नहीं जानतीं। इसके बाद भारतीय प्रशंसकों ने उनकी काफी आलोचना की थी।

रूसी खिलाड़ी की आलोचना करने को लेकर खेद प्रकट करते नजर आ रहे हैं।

अधिकतर संदेशों में पिछली आलोचनात्मक टिप्पणी के लिए खेद जताया जा रहा है और तेंदुलकर की आलोचना की जा रही है। वहीं, कुछ लोग शरापोवा को कोरोना वायरस महामारी कम होने पर ‘भगवान के अपने देश’ केरल की यात्रा करने और मशहूर त्रिशूर पूरम में शामिल होने का भी न्योता भी दे रहे हैं।

मलयालम एवं अन्य दक्षिण भारतीय भाषाओं में सैकड़ों यूजर ने संदेश लिखा, ‘‘ शारापोवा आप सचिन के बारे में सही थीं। वह उस स्तर के व्यक्ति नहीं हैं, जिसे आप जानें।’’

Sachin Tendulkar
Maria Sharapova
Kerala
twitter

Related Stories

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

खबरों के आगे-पीछे: अंदरुनी कलह तो भाजपा में भी कम नहीं

ज़मानत मिलने के बाद विधायक जिग्नेश मेवानी एक अन्य मामले में फिर गिरफ़्तार

सीपीआईएम पार्टी कांग्रेस में स्टालिन ने कहा, 'एंटी फ़ेडरल दृष्टिकोण का विरोध करने के लिए दक्षिणी राज्यों का साथ आना ज़रूरी'

सीताराम येचुरी फिर से चुने गए माकपा के महासचिव

केरल में दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के तहत लगभग सभी संस्थान बंद रहे

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 7,554 नए मामले, 223 मरीज़ों की मौत

केरल : वीज़िंजम में 320 मछुआरे परिवारों का पुनर्वास किया गया

किसी मुख्यमंत्री के लिए दो राज्यों की तुलना करना उचित नहीं है : विजयन

खोज ख़बर: हिजाब विवाद हो या नफ़रती भाषण, सब कुछ चुनाव के लिए कब तक


बाकी खबरें

  • tourism sector
    भाषा
    कोरोना के बाद से पर्यटन क्षेत्र में 2.15 करोड़ लोगों को रोज़गार का नुकसान हुआ : सरकार
    15 Mar 2022
    पर्यटन मंत्री ने बताया कि सरकार ने पर्यटन पर महामारी के प्रभावों को लेकर एक अध्ययन कराया है और इस अध्ययन के अनुसार, पहली लहर में 1.45 करोड़ लोगों को रोजगार का नुकसान उठाना पड़ा जबकि दूसरी लहर में 52…
  • election commission of India
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली नगर निगम चुनाव टाले जाने पर विपक्ष ने बीजेपी और चुनाव आयोग से किया सवाल
    15 Mar 2022
    दिल्ली चुनाव आयोग ने दिल्ली नगर निगम चुनावो को टालने का मन बना लिया है। दिल्ली चुनावो की घोषणा उत्तर प्रदेश और बाकी अन्य राज्यों के चुनावी नतीजों से पहले 9 मार्च को होनी थी लेकिन आयोग ने इसे बिल्कुल…
  • hijab
    सीमा आज़ाद
    त्वरित टिप्पणी: हिजाब पर कर्नाटक हाईकोर्ट का फ़ैसला सभी धर्मों की औरतों के ख़िलाफ़ है
    15 Mar 2022
    इस बात को दरअसल इस तरीके से पढ़ना चाहिए कि "हर धार्मिक रीति का पालन करना औरतों का अनिवार्य धर्म है। यदि वह नहीं है तभी उस रीति से औरतों को आज़ादी मिल सकती है, वरना नहीं। "
  • skm
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    एमएसपी पर फिर से राष्ट्रव्यापी आंदोलन करेगा संयुक्त किसान मोर्चा
    15 Mar 2022
    एसकेएम ने फ़ैसला लिया है कि अगले महीने 11 से 17 अप्रैल के बीच एमएसपी की क़ानूनी गारंटी सप्ताह मना कर राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरूआत की जाएगी। 
  • Karnataka High Court
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हिजाब  मामला: हिजाब इस्लाम का अभिन्न हिस्सा नहीं, कर्नाटक उच्च न्यायालय ने खारिज की याचिका
    15 Mar 2022
    अदालत ने अपना फ़ैसला सुनते हुए यह भी कहा कि शिक्षण संस्थानों में यूनिफ़ॉर्म की व्यवस्था क़ानूनी तौर पर जायज़ है और इसे संविधान के तहत दी गई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन नहीं कहा जा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License