NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
खोरी गांव विस्थापन संकट : घरों को तोड़ने की कार्रवाई शुरू, निवासियों ने जंतर मंतर पर किया प्रदर्शन
फरीदाबाद के खोरी गांव में भारी पुलिस बल के साथ प्रशासन ने बृहस्पतिवार को घरों को तोडने की कार्रवाई शुरू कर दी। जबकि दूसरी तरफ़ बृहस्पतिवार को  ही गांव को तोड़ने के फैसले के खिलाफ़ खोरी गांव से प्रदर्शन करने दिल्ली पहुंचे 5000-6000 लोगों को दिल्ली पुलिस द्वारा डिटेन कर लिया गया था।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
09 Jul 2021
खोरी गांव विस्थापन संकट : घरों को तोड़ने की कार्रवाई शुरू, निवासियों ने जंतर मंतर पर किया प्रदर्शन

फरीदाबाद के खोरी गांव में भारी पुलिस बल के साथ प्रशासन ने बृहस्पतिवार को घरों को तोड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी। जबकि दूसरी तरफ़ बृहस्पतिवार को  ही गांव को तोड़ने के फैसले के खिलाफ़ खोरी गांव से प्रदर्शन करने दिल्ली पहुंचे 5000-6000 लोगों को दिल्ली पुलिस द्वारा डिटेन कर लिया गया था। हालांकि बाद में सबको रिहा कर दिया गया।  खोरी गांव को 6 हफ्ते के अन्दर-अन्दर तोड़ने का फैसला सुप्रीम कोर्ट ने 7 जून को सुनाया, जिसमें 10000 से भी ज्यादा परिवार व लगभग 1 लाख 40 हज़ार लोग दशकों से रह रहे थे। गरीब तबके से वास्ता रखने वाले यहां के लोग तब से ही लगातर इस फ़ैसले के खिलाफ़ संघर्ष कर रहे हैं।

निगमायुक्त डा. गरिमा मित्तल ने बताया कि 19 जुलाई तक उन्हें उच्चतम न्यायालय में तोडफ़ोड़ की सूची पेश करनी है और प्रशासन उससे पूर्व ही यहां अवैध निर्माण हटा देगा। उन्होंने बताया कि लोगों ने उनसे आज का दिन मांगा था जो उन्हें दिया गया और कुछ मकानों को तोडा गया है। उन्होंने कहा कि लोगों की मदद भी की जा रही है और उन्हें यहां से हटने के लिए वाहन इत्यादि की व्यवस्था भी की जा रही है।

खोरी मजदूर आवास संघर्ष समिति ने दावा किया कि  "हर रोज गांव के लोगों को पुलिस उठा कर पुलिस स्टेशन में ले जा कर पीटती है और अनगिनत मुकद्दमों में फंसा रही है। गांव के लोगों का पानी, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं की सप्लाई एकदम बंद कर दी गई है। इस तरह बिल्कुल अमानवीय व्यवहार प्रशासन की तरफ से बढ़ रहा है। गांव में बहुत मौतें सिर्फ पानी न मिलने की वजह से हुई हैं। ये सब के चलते 10 से भी ज्यादा लोगों ने आत्महत्या कर ली है।"

बयाना में समिति ने कहा है  "इतनी बढ़ी संख्या में लोगों को बेघर करने के लिए ये दलील दी जा रही है कि यह वन विभाग के अधिकार के अंदर आ रही अरावली की जमीन है, जिसपर इन लोगों की अवैध रिहायश है। जबकि इसके साथ ही 400 एकड़ जमीन रामदेव को दी जा रही है, बक्सवाहा जंगल में हीरा खदान के लिए 2 लाख पेड़ काटने का फैसला लिया जा रहा है। इसके अलावा कई और भी ऐसे फैसले लिए जा रहे हैं जो हमारे देश के लोगों और पर्यावरण को ताक पर रखते हुए, साम्राज्यवादी बाहरी कंपनियों को देश के संसाधन और संपदा लुटाने वाले हैं। दूसरी तरफ इस देश के लोगों से ही यहां की जमीन पर रहने का अधिकार छीना जा रहा है। क्या यही न्याय है? यही देश का विकास है? अगर ये न्याय नहीं है तो इसके खिलाफ़ इकट्ठा हो रहे लोग कैसे ग़लत हैं?"

खोरी गांव आवास संघर्ष समिति की मांगे इस प्रकार हैं-  

1.देश की जमीन बाहरी कंपनियों को बेचने के बजाय वहां के लोगों को उस पर रहने का अधिकार दिया जाए।

2. खोरी को तोड़ने के फ़ैसले पर विचार करके लोगों के पक्ष में फैसला वापिस लिया जाए।

3. तोड़े गए घरों के लिए उचित मुआवजा दिया जाए और इस दौरान लोगों के आत्महत्या किए जाने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को सजा दी जाए।

4. तुरंत खोरी में अमानवीय तरह से बन्द कि गई बिजली, पानी और बुनियादी चीजों को सप्लाई बहाल किया जाए।

5. 7 जून को सुप्रीम कोर्ट ने फरीदाबाद नगर निगम (एमसीएफ) को "वन भूमि पर अतिक्रमण हटाने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने का निर्देश दिया।" ऐसा  करने के लिए, नागरिक निकाय को छह सप्ताह का समय दिया गया था।

खोरी गांव के निवासी, जिनमें से अधिकांश पिछले 20 से 25 वर्षों से इस क्षेत्र में रह रहे हैं, उन्हें इस बात का अफसोस है कि उनपर सीधा हमला किया जा रहा है।  महामारी और भीषण गर्मी  में  उन्हें बेघर किया जा रहा है, दूसरी तरफ यहां रहने वाले मज़दूर परिवार माहमारी के कारण एक साल से अधिक से  लगे  प्रतिबंधो की वजह से पहले ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं।  मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को निर्धारित की गई है।

पिछले हफ्ते, 30 जून को निवासियों ने  बेदखली के विरोध में एक महापंचायत बुलाई थी, जिन्हें फरीदाबाद पुलिस ने धारा 144 का हवाला देते हुए रोक दिया था।  जब इसका विरोध स्थानीय लोगों ने किया तो पुलिस ने उनपर बर्बर लाठी चार्च कर दिया था। 

Khori village
Supreme Court
Khori Demolition
Faridabad
Haryana
delhi police
Jantar Mantar

Related Stories

हिसारः फसल के नुक़सान के मुआवज़े को लेकर किसानों का धरना

लंबे संघर्ष के बाद आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायक को मिला ग्रेच्युटी का हक़, यूनियन ने बताया ऐतिहासिक निर्णय

मुस्लिम विरोधी हिंसा के ख़िलाफ़ अमन का संदेश देने के लिए एकजुट हुए दिल्ली के नागरिक

हड़ताल के कारण हरियाणा में सार्वजनिक बस सेवा ठप, पंजाब में बैंक सेवाएं प्रभावित

हरियाणा: आंगनबाड़ी कर्मियों का विधानसभा मार्च, पुलिस ने किया बलप्रयोग, कई जगह पुलिस और कार्यकर्ता हुए आमने-सामने

दिल्ली दंगों के दो साल: इंसाफ़ के लिए भटकते पीड़ित, तारीख़ पर मिलती तारीख़

हरियाणा : आंगनवाड़ी कर्मचारियों की हड़ताल 3 महीने से जारी, संगठनों ने सरकार से की बातचीत शुरू करने की मांग

केंद्र सरकार को अपना वायदा याद दिलाने के लिए देशभर में सड़कों पर उतरे किसान

हरियाणा: आंगनवाड़ी कर्मचारियों के आंदोलन के 50 दिन पूरे

हरियाणा की 20,000 हड़ताली आंगनवाड़ी कार्यकर्ता करनाल में करेंगी रैली


बाकी खबरें

  • iran
    शिरीष खरे
    ईरान के नए जनसंख्या क़ानून पर क्यों हो रहा है विवाद, कैसे महिला अधिकारों को करेगा प्रभावित?
    21 Feb 2022
    ईरान का नया जनसंख्या कानून अपनी एक आधुनिक समस्या के कारण सुर्खियों में है, जिसके खिलाफ अब ईरान ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के कुछ मानवाधिकार संगठन आवाज उठा रहे हैं।
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 16,051 नए मामले, 206 मरीज़ों की मौत
    21 Feb 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.47 फ़ीसदी यानी 2 लाख 2 हज़ार 131 हो गयी है।
  • education
    निवेदिता सरकार, अनुनीता मित्रा
    शिक्षा बजट: डिजिटल डिवाइड से शिक्षा तक पहुँच, उसकी गुणवत्ता दूभर
    21 Feb 2022
    बहुत सारी योजनाएं हैं, लेकिन शिक्षा क्षेत्र के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता उसकी खुद की विरोधाभासी नीतियों और वित्तीय सहायता की कमी से बुरी तरह प्रभावित हैं।
  • Modi
    सुबोध वर्मा
    यूपी चुनाव : कैसे यूपी की 'डबल इंजन’ सरकार ने केंद्रीय योजनाओं को पटरी से उतारा 
    21 Feb 2022
    महामारी के वर्षों में भी, योगी आदित्यनाथ की सरकार प्रमुख केंद्रीय योजनाओं को पूरी तरह से लागू नहीं कर पाई। 
  • ayodhya
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    अयोध्या में कम्युनिस्ट... अरे, क्या कह रहे हैं भाईसाहब!
    21 Feb 2022
    यह बात किसी सामान्य व्यक्ति को भी हैरान कर सकती है कि भारतीय दक्षिणपंथ के तूफ़ान का एपीसेंटर बन चुके अयोध्या में वामपंथी कहां से आ गए ? लेकिन यह सच है…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License