NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
दक्षिण अफ़्रीका के ट्रेड यूनियनिस्ट के हत्यारों की अब तक नहीं हुई गिरफ़्तारी
मालीबोंग्वे मडाजो जिन्होंने पांच खनन कंपनियों के 7,000 कर्मचारियों के हड़ताल का नेतृत्व किया था उनकी श्रम विवाद के बीच कमीशन फॉर कॉन्सिलिएशन, मेडिएशन एंड अर्बिट्रेशन (सीसीएमए) के दरवाज़े पर सरेआम हत्या कर दी गई थी।
पीपल्स डिस्पैच
23 Aug 2021
दक्षिण अफ़्रीका के ट्रेड यूनियनिस्ट के हत्यारों की अब तक नहीं हुई गिरफ़्तारी

नेशनल यूनियन ऑफ मेटलवर्कर्स ऑफ साउथ अफ्रीका (एनयूएमएसए) के एक आयोजक मालीबोंग्वे मडाज़ो की सरेआम हत्या के तीन दिन बाद भी दक्षिण अफ्रीकी पुलिस ने अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं की है जिससे देश में यूनियनों में काफी नाराजगी है।

पिछले महीने दुनिया के दूसरे सबसे बड़े प्लैटिनम उत्पादक इम्पाला प्लैटिनम होल्डिंग्स लिमिटेड (इम्प्लाट्स) से अनुबंधित रस्टेनबर्ग शहर की पांच खनन कंपनियों में 7,000 कर्मचारियों के हड़ताल का नेतृत्व मडाजो ने किया था। वे एनयूएमएसए के एक प्रमुख नेता थे।

इन कंपनियों से चल रहे श्रम विवाद के बीच उन्हें 19 अगस्त को कमीशन फॉर कॉन्सिलिएशन, मेडिएशन एंड अर्बिट्रेशन (सीसीएमए) के बाहर गोली मार दी गई थी। सबसे अधिक सदस्यता का दावा करने वाले एनयूएमएसए ने एनयूएमएसए को मान्यता देने से इनकार करने पर पांच कंपनियों को इस श्रम विवाद समाधान निकाय में शामिल किया था।

एनयूएमएसए का आरोप है कि ये ठेकेदार कंपनियां इसके बजाय एसोसिएशन ऑफ माइनवर्कर्स एंड कंस्ट्रक्शन यूनियन (एएमसीयू) के साथ तीन साल का समझौता की मांग कर रही हैं और अधिकांश कर्मचारियों को इसके लिए बाध्य करती हैं भले ही उनका कथित रूप से एएमसीयू द्वारा प्रतिनिधित्व नहीं किया जाता है।

19 अगस्त को गोलीबारी से पहले सीसीएमए यह स्थापित करने के लिए एनयूएमएसए के सदस्यता प्रपत्रों को सत्यापित करने की प्रक्रिया में लगा था कि क्या यूनियन के पास पांच कंपनियों में से एक कंपनी न्यूरॉक द्वारा मान्यता देने के लिए पर्याप्त संख्या में सदस्य हैं या नहीं। बैठक में ब्रेक के दौरान सीसीएमए कार्यालय पर हुए हमले में मडाजो की मौत हो गई।

एक सूत्र के अनुसार जो लोग मडाजो के साथ मौजूद थे और उनकी जान बचाने के लिए समय पर छिपाने में कामयाब रहे थे उन्होंने कहा कि चेहरे को काले कपड़ों से ढ़के दो हत्यारे मडाजो और हस्ताक्षर करने वाले अन्य एनयूएमएसए सदस्यों के पीछे छिप गए और 10 से अधिक गोलियां चलाईं।

गोली लगने के बाद जमीन पर गिरे मडाजो की कई गोलियां लगने से मौत हो गई। एक अन्य एनयूएमएसए सदस्य और साथ खड़े एक अन्य व्यक्ति जो गोली लगने से गंभीर रुप से घायल गो गए थे उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस हमले के बाद एनयूएमएसए और ट्रिपल एम के बीच अगले कॉन्सिलिएशन सेशन तक के लिए स्थगित करना पड़ा।

सरकार के स्वामित्व वाली साउथ अफ्रीका ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (एसएबीसी) की रिपोर्ट के अनुसार एनयूएमएसए और एएमसीयू के सदस्यों के बीच झड़प के बीच गोलीबारी हुई। कई स्थानीय मीडिया संगठनों ने इस रिपोर्ट को प्रकाशित किया है।

हालांकि वह सूत्र जो एनयूएमएसए के सदस्य हैं उन्होंने इससे इनकार किया और कहा कि एएमसीयू के सदस्य उस स्थल पर मौजूद नहीं थे।

South Africa
CCMA
National Union of Metalworkers of South Africa
NUMSA

Related Stories

गुटनिरपेक्षता आर्थिक रूप से कम विकसित देशों की एक फ़ौरी ज़रूरत

श्रमिक संघों ने दक्षिण अफ्रीकी डेयरी दिग्गज पर पेट्रोल बम हमले करवाने और धमकाने के आरोप लगाये

कोविड-19 : दक्षिण अफ़्रीका ने बनाया अपना कोरोना वायरस टीका

ट्रिप्स छूट प्रस्ताव: पेटेंट एकाधिकार पर चर्चा से कन्नी काटते बिग फार्मा

दक्षिण अफ़्रीका ने इज़रायल को पर्यवेक्षक का दर्जा देने वाले अफ़्रीकी संघ की आलोचना की

स्वाज़ीलैंड में लोकतंत्र-समर्थक शक्तियों पर कार्रवाई जारी

दक्षिण अफ़्रीकी अदालत ने सऊदी अरब और यूएई को हथियारों के निर्यात के परमिट की न्यायिक समीक्षा का आदेश दिया

दक्षिण अफ़्रीकी एयरवेज़ की सहायक कंपनियों ने कर्मियों को वेतन नहीं दिया, यूनियन ने की ऑडिट की मांग

दक्षिण अफ्रीकाः आर्सेलर प्लांट में तीन श्रमिकों की मौत पर यूनियनों ने जांच की मांग की

दक्षिण अफ़्रीका : मैकस्टील में श्रमिकों की छंटनी के ख़िलाफ़ हड़ताल तीसरे दिन भी जारी


बाकी खबरें

  • अजय कुमार
    शहरों की बसावट पर सोचेंगे तो बुल्डोज़र सरकार की लोककल्याण विरोधी मंशा पर चलाने का मन करेगा!
    25 Apr 2022
    दिल्ली में 1797 अवैध कॉलोनियां हैं। इसमें सैनिक फार्म, छतरपुर, वसंत कुंज, सैदुलाजब जैसे 69 ऐसे इलाके भी हैं, जो अवैध हैं, जहां अच्छी खासी रसूखदार और अमीर लोगों की आबादी रहती है। क्या सरकार इन पर…
  • रश्मि सहगल
    RTI क़ानून, हिंदू-राष्ट्र और मनरेगा पर क्या कहती हैं अरुणा रॉय? 
    25 Apr 2022
    “मौजूदा सरकार संसद के ज़रिये ज़बरदस्त संशोधन करते हुए RTI क़ानून पर सीधा हमला करने में सफल रही है। इससे यह क़ानून कमज़ोर हुआ है।”
  • मुकुंद झा
    जहांगीरपुरी: दोनों समुदायों ने निकाली तिरंगा यात्रा, दिया शांति और सौहार्द का संदेश!
    25 Apr 2022
    “आज हम यही विश्वास पुनः दिलाने निकले हैं कि हम फिर से ईद और नवरात्रे, दीवाली, होली और मोहर्रम एक साथ मनाएंगे।"
  • रवि शंकर दुबे
    कांग्रेस और प्रशांत किशोर... क्या सोचते हैं राजनीति के जानकार?
    25 Apr 2022
    कांग्रेस को उसकी पुरानी पहचान दिलाने के लिए प्रशांत किशोर को पार्टी में कोई पद दिया जा सकता है। इसको लेकर एक्सपर्ट्स क्या सोचते हैं।
  • विजय विनीत
    ब्लैक राइस की खेती से तबाह चंदौली के किसानों के ज़ख़्म पर बार-बार क्यों नमक छिड़क रहे मोदी?
    25 Apr 2022
    "चंदौली के किसान डबल इंजन की सरकार के "वोकल फॉर लोकल" के नारे में फंसकर बर्बाद हो गए। अब तो यही लगता है कि हमारे पीएम सिर्फ झूठ बोलते हैं। हम बर्बाद हो चुके हैं और वो दुनिया भर में हमारी खुशहाली का…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License