NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
किसान आंदोलन@378 : कब, क्या और कैसे… पूरे 13 महीने का ब्योरा
‘378’... ये महज़ एक संख्या नहीं बल्कि वो दिन और राते हैं, जो हमारे देश के अन्नदाताओं ने दिल्ली की सड़कों पर गुज़ारी हैं... चिलचिलाती धूप, मूसलाधार बारिश और भीषण ठंड को किसानों ने सिर्फ़ इसलिए झेला ताकि आने वाली पीढ़ियां कभी इस गर्त में ना फँसें।
रवि शंकर दुबे
10 Dec 2021
kisan andolan
फ़ोटो साभार: सोशल मीडिया

पंजाब, हरियाणा समेत पूरे देश का किसान दिल्ली में गाजीपुर और सिंघु बॉर्डर पर 13 महीने तक बैठा रहा... किसानों ने ठान लिया था कि जब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं ले लिए जाते, वो टस से मस नहीं होंगे... और हुआ भी कुछ ऐसा ही...

‘378’.... ये महज़ एक संख्या नहीं बल्कि वो दिन और राते हैं, जो हमारे देश के अन्नदाताओं ने दिल्ली की सड़कों पर गुजारी हैं... चिलचिलाती धूप, मूसलाधार बारिश और भीषण ठंड को किसानों ने सिर्फ इसलिए झेला ताकि आने वाली पीढ़ियां कभी इस गर्त में ना फंसे, जो मोदी सरकार ने तीन कृषि कानून के रूप लादने की कोशिश की। अन्नदाताओं ने ये साबित कर दिया कि अगर वो खेतों में अनाज उगा सकता है तो सड़कों पर रहकर अपने हक को भी हासिल कर सकता है, भले ही उसकी कीमत कुछ भी हो। यही कारण है कि इतने लंबे आंदोलन के बाद सरकार को तीनों विवादित कानून वापस लेने पर मजबूर होना पड़ा। किसानों की आवाज़ बुलंद होने से लेकर अपनी फतह तक, किन-किन हालात से और तारीखों से गुजरना पड़ा इसपर गौर करते हैं...

25 नवंबर, 2020- केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ बड़े स्तर पर एकजुट हुए किसान

राज्य स्तर पर सड़क बंद करना समेत छिटपुट विरोध के बाद, पंजाब और हरियाणा के किसानों ने किया 'दिल्ली चलो' का आह्वान

कोविड-19 का हवाला देते हुए दिल्ली पुलिस ने किसानों को नहीं दी राजधानी तक मार्च की परमिशन

26 नवंबर, 2020- पंजाब से दिल्ली की ओर मार्च कर रहे किसानों को अंबाला में की गई रोकने की कोशिश

सर्दी के मौसम में पुलिस ने किसानों पर की पानी की बौछारें, चलाए आंसू गैस के गोले

पुलिस ने किसानों को दिल्ली के बाहरी इलाके बुराड़ी के निरंकारी ग्राउंड में प्रदर्शन करने को कहा, मगर किसान रामलीला ग्राउंड जाने की मांग करते रहे

पुलिस के न मानने पर किसानों ने सिंघु बॉर्डर पर ही धरना शुरू कर दिया

उधर हरियाणा से आ रहे किसानों ने टिकरी बॉर्डर को बनाया अपना धरनास्थल

इसी दौरान उत्तर प्रदेश से भारतीय किसान यूनियन के राकेश टिकैत की अगुवाई में किसानों ने ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पर शुरू किया धरना

28 नवंबर, 2020- गृह मंत्री अमित शाह ने किसानों को बॉर्डर ख़ाली कर बुराड़ी ग्राउंड में प्रदर्शन करने को कहा

29 नवंबर, 2020- 'मन की बात' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने विरोधियों पर साधा निशाना

पीएम ने कहा- सभी राजनीतिक दल सिर्फ किसानों से वादा करते हैं लेकिन हम उसे पूरा करते हैं

3 दिसंबर, 2020- सरकार और किसानों के प्रतिनिधियों के बीच हुई पहली बातचीत रही बेनतीजा

5 दिसंबर, 2020- किसानों और केंद्र के बीच दूसरे दौर की बातचीत भी रही बेनतीजा

8 दिसंबर, 2020- किसानों ने मज़दूरों के साथ मिलकर किया भारत बंद का आह्वान

भारत बंद को देशभर के कई राज्यों के किसानों का मिला समर्थन

9 दिसंबर, 2020- किसान नेताओं ने तीनों विवादित कानूनों में संशोधन के केंद्र सरकार के प्रस्ताव को कर दिया खारिज

दिसंबर में ही योगेंद्र यादव की अगुवाई में दिल्ली-राजस्थान के शाहजहांपुर बॉर्डर पर बना चौथा धरनास्थल

कानूनों को निरस्त किए जाने तक आंदोलन को और तेज करने की दी चेतावनी

11 दिसंबर, 2020- भारतीय किसान संघ ने तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किया सुप्रीम कोर्ट का रुख

13 दिसंबर, 2020- केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने किसान आंदोलन के साथ जोड़ दी'टुकड़े-टुकड़े' गिरोह की बात

बीजेपी नेताओं, मेनस्ट्रीम मीडिया ने किसानों को आतंकवादी, खालिस्तानी कहना शुरू कर दिया

16 दिसंबर, 2020- सुप्रीम कोर्ट ने किसानों और सरकार के बीच बातचीत के लिए एक पैनल के गठन की कही बात

21 दिसंबर, 2020- किसानों ने सभी विरोध स्थलों पर की एक दिवसीय भूख हड़ताल

30 दिसंबर, 2020- सरकार और किसान नेताओं के बीच हुई छठे दौर की बातचीत

केंद्र ने किसानों को पराली जलाने के जुर्माने से दी छूट, बिजली संशोधन विधेयक पर जताई सहमति

4 जनवरी, 2021- सरकार और किसान नेताओं के बीच हुई सातवें दौर की बातचीत

बातचीत में कृषि कानून को खारिज करने पर नहीं तैयार हुई केंद्र सरकार

7 जनवरी, 2021- सुप्रीम कोर्ट नए कानूनों और विरोध के खिलाफ याचिकाओं पर सुनवाई के लिए हुआ तैयार, 11 जनवरी की तारीख़ दी

अटार्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने कहा- किसानों और केंद्र के बीच बातचीत ही एक रास्ता

11 जनवरी, 2021- सुप्रीम कोर्ट ने किसानों के विरोध से निपटने के लिए केंद्र को लगाई फटकार

शीर्ष अदालत ने कहा- भारत के एक पूर्व मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित की जाएगी एक समिति

12 जनवरी, 2021- सुप्रीम कोर्ट ने तीन विवादास्पद कृषि कानूनों के लागू होने पर लगा दी रोक

सभी हितधारकों को सुनने के बाद कानूनों पर सिफारिशें करने के लिए चार सदस्यीय समिति का हुआ गठन

संयुक्त किसान मोर्चा ने इस समिति के गठन और सदस्यों के चुनाव पर जताई आपत्ति और राजनीतिक समाधान की बात कही  

26 जनवरी, 2021- गणतंत्र दिवस के मौके पर कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों ने किया बड़ा प्रदर्शन

26 जनवरी को किसान संघों की ट्रैक्टर परेड के दौरान प्रदर्शनकारारियों की पुलिस से हुई भिड़ंत

सिंघु और गाजीपुर के कई प्रदर्शनकारियों ने रास्ता बदलने के कारण लालकिले की ओर घुमा दिया ट्रैक्टर

दिल्ली के आईटीओ और लाल किले के पास पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले दागे और किया लाठीचार्ज, हिंसा में हुई एक किसान की मौत

कुछ प्रदर्शनकारियों ने लालकिले पर फहरा दिया निशान साहिब का झंडा। संयुक्त किसान मोर्चे ने इस कार्रवाई से खुद को अलग किया।

28 जनवरी, 2021- यूपी के गाजीपुर में प्रशासन ने किसानों को रात में साइट खाली न करने पर दी कार्रवाई करने की चेतावनी

ग़ाज़ीपुर पर पानी रोक दिया गया

यही वो वक़्त था जब वायरल हो गई राकेश टिकैत के भावुक होने की तस्वीरें

वीडियो वायरल होते ही रातों-रात हजारों किसान पहुंच गए गाजीपुर बॉर्डर और आंदोलन और ज़्यादा मजबूत हो गया।

6 फरवरी, 2021- विरोध करने वाले किसानों ने दोपहर 12 बजे से दोपहर 3 बजे तक के लिए किया देशव्यापी 'चक्का जाम'

पंजाब और हरियाणा में कई सड़कों को किया गया बंद

8 फरवरी, 2021- संयुक्त किसान मोर्चा ने किया देशव्यापी रेल रोको' आंदोलन का आह्वान किया

5 मार्च, 2021- पंजाब विधानसभा ने किसानों के हित में पारित किया एक प्रस्ताव

पंजाब में कृषि कानूनों को बिना शर्त वापस लेने और खाद्यान्नों की एमएसपी आधारित सरकारी खरीद की मौजूदा प्रणाली को जारी रखने पर लगाई मुहर

6 मार्च, 2021- दिल्ली की सीमा पर किसान आंदोलन के पूरे हुए 100 दिन

इसी दौरान एसकेएम ने चुनाव में भाजपा हराओ का नारा दिया और पश्चिम बंगाल में सीधे तौर पर इसके लिए प्रचार भी किया। जिसका असर परिणामों में भी दिखाई दिया।

4 अप्रैल, 2021- सिंघु बॉर्डर से कुछ ट्रैक्टर ट्रालियां कटाई के मौसम से पहले पंजाब लौट गईं, किसानों ने फिर वहां बांस और शेड लगाए

27 मई, 2021- किसानों ने छह महीने के आंदोलन को याद करने के लिए मनाया 'काला दिवस'

किसानों ने जलाया केंद्र सरकार का पुतला

किसान नेताओं ने मांगे नहीं माने जाने पर2024 तक आंदोलन करने की दी चेतावनी

राकेश टिकैत ने कहा- कृषि कानूनों के निरस्त होने के बाद ही बंद करेंगे विरोध प्रदर्शन

5 जून, 2021- प्रदर्शनकारी किसानों ने कृषि कानूनों की घोषणा के पहले साल को यादगार बनाने के लिए मनाया संपूर्ण क्रांति दिवस

26 जून, 2021- किसानों ने कृषि कानूनों के खिलाफ सात महीने के विरोध को याद करने के लिए दिल्ली तक निकाला मार्च

संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि विरोध के दौरान हरियाणा, पंजाब, कर्नाटक, उत्तराखंड,मध्य प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्यों में किसानों को हिरासत में लिया गया

जुलाई अगस्त के दौरान संसद के मानसून सत्र में कृषि क़ानूनों के मुद्दे पर हुआ हंगामा

मानसून सत्र के दौरान जंतर मंतर पर किसानों ने की अपनी 'किसान संसद'

5 सितंबर, 2021- किसानों ने अपनी ताक़त दिखाते हुए यूपी के मुजफ्फरनगर में की महापंचायत।

राज्य में सत्ताधारी पार्टी भाजपा के खिलाफ प्रचार का ऐलान

हरियाणा के करनाल में तत्कालीन एसडीएम आयुष सिन्हा ने किसानों पर हमले का आदेश दिया, वीडियो हुआ वायरल 

हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने किया उनका बचाव

3 अक्टूबर, 2021- लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्रा की गाड़ी ने प्रदर्शनकारी किसानों को कुचला

इस घटना में चार किसानों समेत कुल 8 लोगों की हुई मौत

इस मामले में अजय मिश्र के बेटे आशीष मिश्र समेत 14 लोगों के खिलाफ हत्या और आपराधिक साज़िश का मामला दर्ज

एसकेएम ने संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान रोज़ाना शांतिपूर्ण ट्रैक्टर मार्च करने का किया ऐलान

19 नवंबर 2021- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरु पर्व के मौके पर टेलीविज़न पर आकर तीनों कृषि कानून वापस लेने की घोषणा की, कहा- हम किसानों को समझाने में असफल रहे

19 नवंबर, 2021- प्रधानमंत्री मोदी के कानून वापसी के बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने एमएसपी कानून, मुकदमा वापसी, शहीद किसानों के परिजनों को मुआवजा सहित छह मांगे सरकार की सामने रखीं

24 नंवबर, 2021- मोदी सरकार ने कृषि कानून को वापस लेने के लिए कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी

29 नंवबर, 2021- संसद के शीतकालीन सत्र में दोनों सदनों से कृषि कानून को वापस लेने के बिल को पास कर दिया गया

1 दिसंबर, 2021- कृषि कानून वापसी बिल पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मुहर लगा दी

4 दिसंबर, 2021- कृषि कानून के वापसी के बाद संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक,

बैठक में एमएसपी गारंटी कानून सहित तमाम मांगों को लेकर सरकार के सामने प्रस्ताव के लिए एक पांच सदस्यी कमेटी बनी, इस कमेटी ने सरकार को प्रस्ताव भेजा, पर नहीं बनी बात

8 दिसंबर, 2021- सरकार के प्रस्ताव पर एसकेएम की असहमतियों के बाद केंद्र सरकार ने भेजा नया प्रस्ताव

9 दिसंबर 2021- किसानों की सभी मांगों पर झुकी सरकार, मानी सभी मांगें

सरकार ने अपने लेटरहैड पर एमएसपी,मुआवज़ा, मुकदमा वापसी सहित सभी मांगों पर हामी भरते हुए ख़त भेजा

सरकार के नए प्रस्ताव पर पहले संयुक्त किसान मोर्चा की पांच नेताओं की कमिटी ने नई दिल्ली में बैठक की फिर सिंघु बॉर्डर पर मोर्चा की बड़ी बैठक में प्रस्ताव को मंजूर कर लिया गया

9 दिसंबर 2021- आंदोलन स्थगित करने का ऐलान

10 दिसंबर 2021- मानवाधिकार दिवस मनाते हुए सभी मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और अन्य राजनीतिक कैदियों की रिहाई की मांग, हेलीकॉप्टर हादसे में शहीद सीडीएस और अन्य सैनिकों को श्रद्धांजलि

11 दिसंबर 2021- विजय दिवस मनाते हुए घर वापसी

kisan andolan
farmers protest
New Farm Laws
MSP
Delhi Border
Nationwide Protest
SKM
rakesh tikait
Full story of farmers protest
Narendra modi
Modi government
Narendra Singh Tomar
COVID-19
LakhimpurKheri
delhi police
Arvind Kejriwal
Farmers Victory

Related Stories

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

दलितों पर बढ़ते अत्याचार, मोदी सरकार का न्यू नॉर्मल!

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

विशाखापट्टनम इस्पात संयंत्र के निजीकरण के खिलाफ़ श्रमिकों का संघर्ष जारी, 15 महीने से कर रहे प्रदर्शन

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

दिल्ली : नौकरी से निकाले गए कोरोना योद्धाओं ने किया प्रदर्शन, सरकार से कहा अपने बरसाये फूल वापस ले और उनकी नौकरी वापस दे


बाकी खबरें

  • BJP Manifesto
    रवि शंकर दुबे
    भाजपा ने जारी किया ‘संकल्प पत्र’: पुराने वादे भुलाकर नए वादों की लिस्ट पकड़ाई
    08 Feb 2022
    पहले दौर के मतदान से दो दिन पहले भाजपा ने यूपी में अपना संकल्प पत्र जारी कर दिया है। साल 2017 में जारी अपने घोषणा पत्र में किए हुए ज्यादातर वादों को पार्टी धरातल पर नहीं उतार सकी, जिनमें कुछ वादे तो…
  • postal ballot
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव: बिगड़ते राजनीतिक मौसम को भाजपा पोस्टल बैलट से संभालने के जुगाड़ में
    08 Feb 2022
    इस चुनाव में पोस्टल बैलट में बड़े पैमाने के हेर फेर को लेकर लोग आशंकित हैं। बताते हैं नजदीकी लड़ाई वाली बिहार की कई सीटों पर पोस्टल बैलट के बहाने फैसला बदल दिया गया था और अंततः NDA सरकार बनने में उसकी…
  • bonda tribe
    श्याम सुंदर
    स्पेशल रिपोर्ट: पहाड़ी बोंडा; ज़िंदगी और पहचान का द्वंद्व
    08 Feb 2022
    पहाड़ी बोंडाओं की संस्कृति, भाषा और पहचान को बचाने की चिंता में डूबे लोगों को इतिहास और अनुभव से सीखने की ज़रूरत है। भाषा वही बचती है जिसे बोलने वाले लोग बचते हैं। यह बेहद ज़रूरी है कि अगर पहाड़ी…
  • Russia China
    एम. के. भद्रकुमार
    रूस के लिए गेम चेंजर है चीन का समर्थन 
    08 Feb 2022
    वास्तव में मॉस्को के लिए जो सबसे ज्यादा मायने रखता है, वह यह कि पेइचिंग उसके विरुद्ध लगने वाले पश्चिम के कठोर प्रतिबंधों के दुष्प्रभावों को कई तरीकों से कम कर सकता है। 
  • Bihar Medicine
    एम.ओबैद
    बिहार की लचर स्वास्थ्य व्यवस्थाः मुंगेर सदर अस्पताल से 50 लाख की दवाईयां सड़ी-गली हालत में मिली
    08 Feb 2022
    मुंगेर के सदर अस्पताल में एक्सपायर दवाईयों को लेकर घोर लापरवाही सामने आई है, जहां अस्पताल परिसर के बगल में स्थित स्टोर रूम में करीब 50 लाख रूपये से अधिक की कीमत की दवा फेंकी हुई पाई गई है, जो सड़ी-…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License