NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
किसान आंदोलन: भारत बंद के लिए शिक्षक, छात्र, मज़दूर, व्यापरियों और नौजवान संगठनों ने भी दिया समर्थन
एसकेएम ने 26 मार्च को अपने ‘संपूर्ण भारत बंद’ के लिए रणनीति बनाने के लिए विभिन्न जन संगठनों और संघों के साथ बुधवार को मुलाकात की और साथ ही 18 मार्च से 23 मार्च तक ‘‘शहीद यादगार किसान-मजदूर पद यात्रा’’ आयोजित करने संबंधी अपनी योजना की भी घोषणा की।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
18 Mar 2021
किसान आंदोलन
Image Courtesy : ndtv

नयी दिल्ली: मोदी सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ और एमएसपी की गारंटी का कानून बनाने की मांग को लेकर दिल्ली के बॉर्डर पर चल रहा आंदोलन आज 113 वें दिन भी जारी रहा। इस बीच केन्द्र के तीन नये कृषि कानूनों के खिलाफ अपने आंदोलन को तेज करते हुए संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने 26 मार्च को अपने ‘संपूर्ण भारत बंद’ के लिए रणनीति बनाने के लिए विभिन्न जन संगठनों और संघों के साथ बुधवार को मुलाकात की। इस  बैठक में कई प्रगतिशील संगठनों ने भाग लिया।

संगठित और असंगठित क्षेत्रों के ट्रेड यूनियनों, व्यापारियों और आड़तिया संघों, श्रमिक यूनियनों सहित कृषि यूनियनों, ट्रांसपोर्टर संघों, शिक्षक संघों, युवाओं और छात्र संघों और अन्य लोगों ने बैठक में हिस्सा लिया। सभी संगठनों ने इस आंदोलन को तेज करने में लोगों को जोड़ने और दिल्ली के आसपास के धरना स्थलों में शामिल होने में हरसंभव सहयोग की अपील की।

गंगानगर किसान समिति के रंजीत राजू ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि किसान आंदोलन के चार महीने 26 मार्च को पूरे होने के मौके पर राष्ट्रव्यापी बंद के आह्वान के दौरान भी दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान 12 घंटे तक बंद रहेंगे। इसके बाद, 28 मार्च को केंद्र के तीन नये कृषि कानूनों की प्रतियों का होलिका दहन किया जाएगा।

उन्होंने बताया, ‘‘बंद सुबह छह बजे शुरू होगा और शाम छह बजे तक चलेगा और इस दौरान सभी दुकानें तथा डेयरी और सब कुछ बंद रहेगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम तीन (नये कृषि) कानूनों की प्रतियों का होलिका दहन करेंगे और उम्मीद है कि सरकार को सदबुद्धि आएगी और वह इन कानूनों को रद्द करेगी तथा एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) के लिए लिखित गारंटी देगी।’’

एक किसान नेता पुरषोत्तम शर्मा ने कहा, ‘‘हम राज्य स्तर पर भी इस तरह की बैठकें करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि बंद हर जगह हो।’’
‘सयुंक्त किसान मोर्चा’ ने संज्ञान में लिया कि धरना स्थलों के आसपास अधिक बैरिकेडिंग की जा रही है। मोर्चे ने कहा कि हम दिल्ली पुलिस के इस गैरकानूनी और तर्कहीन कार्य की निंदा करते हैं। एसकेएम मांग करता है कि पुलिस आंतरिक सड़कों सहित ऐसे बैरिकेडिंग को हटाए ताकि स्थानीय लोगों के जीवन को आसान रखा जा सके और उनकी आजीविका की रक्षा की जा सके।

ऑल इंडिया किसान सभा के नेता कृष्ण प्रसाद ने कहा कि 112 दिनों से आंदोलन का लगातार जारी रहना अपने आप में एक उपलब्धि है और अब से यह मजबूत होता जाएगा।

प्रसाद ने कहा, ‘‘न तो आपने, न ही हमने सोचा था कि हम ऐसा कर सकेंगे और लोगों ने यह प्रदर्शित किया है कि वे हमारा समर्थन कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि भारत बंद ‘‘राज्य, जिला, तहसील और ग्राम स्तर पर’’ होगा।

प्रसाद ने विद्युत संशोधन विधेयक, 2021 पेश करने के केंद्र सरकार के कदम पर भी चिंता प्रकट करते हुए दावा किया कि मौजूदा अधिनियम में कोई भी संशोधन जनवरी में किसानों से किए गए सरकार के वादों के खिलाफ होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार के साथ हुई हमारी 11 दौर की वार्ता के दौरान कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा था कि उन्होंने विद्युत विधेयक को लेकर हमारी मांगें स्वीकार कर ली हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मीडिया में यह खबर आई कि प्रदर्शनकारी किसानों की 50 प्रतिशत मांगों का समाधान हो गया है। लेकिन वे (सरकार) फिर से इस अधिनियम को पेश करने की कोशिश कर रहे हैं। यह धोखा है।’’

नेताओं ने 18 मार्च से 23 मार्च तक ‘‘शहीद यादगार किसान-मजदूर पद यात्रा’’ आयोजित करने संबंधी अपनी योजना की भी घोषणा की।

एसकेएम ने एक बयान में कहा, ‘‘23 मार्च को भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की शहादत के मद्देनजर शहीद दिवस समारोह में शामिल होने के लिए हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पंजाब के लोगों की तैयारी चल रही है।’’

‘पदयात्रा’ 18 मार्च को हरियाणा के हिसार में लाल सड़क हांसी से शुरू होगी और टीकरी बॉर्डर पहुंचेंगी, एक अन्य यात्रा पंजाब के खटकर कलां गांव से शुरू होगी और पानीपत होते हुए सिंघू बॉर्डर पहुचेंगी और तीसरी पदयात्रा मथुरा में शुरू होगी और पलवल की ओर बढ़ेगी।
जबकि कर्नाटक में 400 किलोमीटर की पदयात्रा तय मार्ग के साथ गांवों में भारी भागीदारी के साथ आगे बढ़ रही है। 23 मार्च को बेलारी में यात्रा पूरी करने के बाद, 6 अप्रैल को कर्नाटक के गांवों की इकट्ठा की जा रही मिट्टी को सिंघु बॉर्डर पर लाया जाएगा। यहां आंदोलन के शहीदों के लिए स्मारक बनाने की योजना बनाई जा रही है।

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ)

Bharat Bandh
26th March Bharat Bandh
Samyukt Kisan Morcha
farmers protest
Modi Govt
Narendra modi

Related Stories

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

दलितों पर बढ़ते अत्याचार, मोदी सरकार का न्यू नॉर्मल!

जन-संगठनों और नागरिक समाज का उभरता प्रतिरोध लोकतन्त्र के लिये शुभ है

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

आंगनवाड़ी महिलाकर्मियों ने क्यों कर रखा है आप और भाजपा की "नाक में दम”?

देशव्यापी हड़ताल: दिल्ली में भी देखने को मिला व्यापक असर

सार्वजनिक संपदा को बचाने के लिए पूर्वांचल में दूसरे दिन भी सड़क पर उतरे श्रमिक और बैंक-बीमा कर्मचारी

झारखंड: केंद्र सरकार की मज़दूर-विरोधी नीतियों और निजीकरण के ख़िलाफ़ मज़दूर-कर्मचारी सड़कों पर उतरे!


बाकी खबरें

  • covid
    संदीपन तालुकदार
    जानिए ओमिक्रॉन BA.2 सब-वैरिएंट के बारे में
    24 Feb 2022
    IISER, पुणे के प्रख्यात प्रतिरक्षाविज्ञानी सत्यजित रथ से बातचीत में उन्होंने ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट BA.2 के ख़तरों पर प्रकाश डाला है।
  • Himachal Pradesh Anganwadi workers
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हिमाचल प्रदेश: नियमित करने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरीं आंगनबाड़ी कर्मी
    24 Feb 2022
    प्रदर्शन के दौरान यूनियन का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिला व उन्हें बारह सूत्रीय मांग-पत्र सौंपा। मुख्यमंत्री ने आगामी बजट में कर्मियों की मांगों को पूर्ण करने का आश्वासन दिया। यूनियन…
  • Sulaikha Beevi
    अभिवाद
    केरल : वीज़िंजम में 320 मछुआरे परिवारों का पुनर्वास किया गया
    24 Feb 2022
    एलडीएफ़ सरकार ने मठीपुरम में मछुआरा समुदाय के लोगों के लिए 1,032 घर बनाने की योजना तैयार की है।
  • Chandigarh
    सोनिया यादव
    चंडीगढ़ के अभूतपूर्व बिजली संकट का जिम्मेदार कौन है?
    24 Feb 2022
    बिजली बोर्ड के निजीकरण का विरोध कर रहे बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान लगभग 36 से 42 घंटों तक शहर की बत्ती गुल रही। लोग अलग-अलग माध्यम से मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन प्रशासन पूरी तरह से लाचार…
  • Russia targets Ukraine
    एपी
    रूस ने यूक्रेन के वायुसेना अड्डे, वायु रक्षा परिसम्पत्तियों, सैन्य आधारभूत ढांचे को बनाया निशाना, अमेरिका-नाटो को चेताया
    24 Feb 2022
    रूस के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि सेना ने घातक हथियारों का इस्तेमाल यूक्रेन के वायुसेना अड्डे, वायु रक्षा परिसम्पत्तियों एवं अन्य सैन्य आधारभूत ढांचे को निशाना बनाने के लिये किया है। उसने आगे दावा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License