NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
किसान आंदोलन: एक और किसान ने किया आत्महत्या का प्रयास, रोहतक के पीजीआईएमएस में भर्ती
इस प्रदर्शन में अभीतक 30 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, इसमें कई किसान सड़क दुर्घटना तो कई भीषण ठंड की चपेट में आने से अपनी जिंदगी खो बैठे हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
22 Dec 2020
cartoon click

पिछले 26 दिनों से केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ किसान दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस प्रदर्शन में अभीतक 30 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, इसमें कई किसान सड़क दुर्घटना तो कई भीषण ठंड की चपेट में आने से अपनी जिंदगी खो बैठे हैं। लेकिन सरकार को शायद इनकी मौत से कोई फ़र्क पड़ता नहीं दिख रहा है क्योंकि किसी भी मंत्री या बीजेपी नेता ने इन किसानों के प्रति अपनी संवेदना जाहिर नहीं की। सरकार के इस रवैये से नाराज़ किसान अपनी जान की बाजी लगा रहे है इस बीच सोमवार को खबर आई कि प्रदर्शन कर रहे पंजाब के 65 वर्षीय एक किसान ने  दिल्ली के सिंघु बॉर्डर के पास कथित रूप से किसी ज़हरीले पदार्थ का सेवन कर खुदकुशी का प्रयास किया। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि पंजाब के तरण तारण के रहने वाले निरंजन सिंह को रोहतक के पीजीआईएमएस में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर बताई जाती है।

आत्महत्या की कोशिश से पहले किसान ने एक पत्र भी छोड़ा जिसका पुलिस सत्यापन कर रही है।

आत्महत्या के प्रयास की वजह के बारे में पूछे जाने पर अधिकारी ने कहा, ‘‘हम उनका बयान दर्ज करने की प्रक्रिया में हैं।’’

इससे पहले पिछले सप्ताह ही सिंघु सीमा के पास सिख उपदेशक संत राम सिंह ने कथित तौर पर खुदकुशी कर ली थी।

राम सिंह ने सुसाइड नोट भी छोड़ा था। उसमें उन्होंने लिखा, “किसानों का दुख देखा है। अपने हक के लिए सड़कों पर उन्हें देखकर मुझे दुख हुआ है। सरकार इन्हें न्याय नहीं दे रही है जो कि जुल्म है जो जुल्म करता है वह पापी है जुल्म सहना भी पाप है किसी ने किसानों के हक के लिए तो किसी ने जुल्म के खिलाफ कुछ किया है। किसी ने पुरस्कार वापस करके अपना गुस्सा जताया है किसानों के हक के लिए, सरकारी जुल्म के गुस्से के बीच सेवादार आत्मदाह करता है यह जुल्म के खिलाफ आवाज है यह किसानों के हक के लिए आवाज है। वाहे गुरु जी का खालसा, वाहे गुरुजी की फतेह।”

केंद्र के नये कृषि कानूनों के खिलाफ किसान करीब चार सप्ताह से सिंघु बॉर्डर समेत दिल्ली की अनेक सीमाओं पर डेरा डाले हैं।  

(समचार एजेंसी भषा इनपुट के साथ) 

farmers protest
farmers protest update
Farm bills 2020
ROHTAK
farmer attempted suicide
cartoon click
Irfan ka cartoon

Related Stories

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

यूपी चुनाव: किसान-आंदोलन के गढ़ से चली परिवर्तन की पछुआ बयार

किसानों ने 2021 में जो उम्मीद जगाई है, आशा है 2022 में वे इसे नयी ऊंचाई पर ले जाएंगे

ऐतिहासिक किसान विरोध में महिला किसानों की भागीदारी और भारत में महिलाओं का सवाल

पंजाब : किसानों को सीएम चन्नी ने दिया आश्वासन, आंदोलन पर 24 दिसंबर को फ़ैसला

लखीमपुर कांड की पूरी कहानी: नहीं छुप सका किसानों को रौंदने का सच- ''ये हत्या की साज़िश थी'’

इतवार की कविता : 'ईश्वर को किसान होना चाहिये...

किसान आंदोलन@378 : कब, क्या और कैसे… पूरे 13 महीने का ब्योरा

जीत कर घर लौट रहा है किसान !

किसान आंदोलन की ऐतिहासिक जीत , 11 को छोड़ेंगे मोर्चा


बाकी खबरें

  • EVM
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव: इस बार किसकी सरकार?
    09 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश में सात चरणों के मतदान संपन्न होने के बाद अब नतीजों का इंतज़ार है, देखना दिलचस्प होगा कि ईवीएम से क्या रिजल्ट निकलता है।
  • moderna
    ऋचा चिंतन
    पेटेंट्स, मुनाफे और हिस्सेदारी की लड़ाई – मोडेरना की महामारी की कहानी
    09 Mar 2022
    दक्षिण अफ्रीका में पेटेंट्स के लिए मोडेरना की अर्जी लगाने की पहल उसके इस प्रतिज्ञा का सम्मान करने के इरादे पर सवालिया निशान खड़े कर देती है कि महामारी के दौरान उसके द्वारा पेटेंट्स को लागू नहीं किया…
  • nirbhaya fund
    भारत डोगरा
    निर्भया फंड: प्राथमिकता में चूक या स्मृति में विचलन?
    09 Mar 2022
    महिलाओं की सुरक्षा के लिए संसाधनों की तत्काल आवश्यकता है, लेकिन धूमधाम से लॉंच किए गए निर्भया फंड का उपयोग कम ही किया गया है। क्या सरकार महिलाओं की फिक्र करना भूल गई या बस उनकी उपेक्षा कर दी?
  • डेविड हट
    यूक्रेन विवाद : आख़िर दक्षिणपूर्व एशिया की ख़ामोश प्रतिक्रिया की वजह क्या है?
    09 Mar 2022
    रूस की संयुक्त राष्ट्र में निंदा करने के अलावा, दक्षिणपूर्वी एशियाई देशों में से ज़्यादातर ने यूक्रेन पर रूस के हमले पर बहुत ही कमज़ोर और सतही प्रतिक्रिया दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा दूसरों…
  • evm
    विजय विनीत
    यूपी चुनाव: नतीजों के पहले EVM को लेकर बनारस में बवाल, लोगों को 'लोकतंत्र के अपहरण' का डर
    09 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश में ईवीएम के रख-रखाव, प्रबंधन और चुनाव आयोग के अफसरों को लेकर कई गंभीर सवाल उठे हैं। उंगली गोदी मीडिया पर भी उठी है। बनारस में मोदी के रोड शो में जमकर भीड़ दिखाई गई, जबकि ज्यादा भीड़ सपा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License