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राजनीति

LIVE ब्लॉग: आज और कल दो दिन हड़ताल है

देश के औद्योगिक श्रमिक, कर्मचारी, किसान और खेतिहर मज़दूर 'सेव पीपुल, सेव नेशन' के नारे के साथ आज से दो दिन की आम हड़ताल पर हैं।
28 Mar 2022

12 सूत्री मांग पत्र के लिए मज़दूर और किसान कई सालों से संघर्ष करते रहे हैं। पिछले दो सालों में महामारी और इससे निपटने के लिए मोदी सरकार की ओर से उठाये गये ग़लत क़दमों के चलते कामकाजी लोगों के जीवन स्तर में और भी गिरावट देखी गयी है। इसलिए, इस मांग पत्र में संघर्षरत परिवारों को तत्काल वित्तीय सहायता के प्रावधान किये जाने जैसे नये मुद्दों को भी शामिल किया गया है।

Live blog

क्यों है हड़ताल, क्या हैं मांगें?

10:19 IST, Mar 28

1. चार श्रम क़ानूनों और ज़रूरी रक्षा सेवा अधिनियम (EDSA) को रद्द किया जाये

2. संयुक्त किसान मोर्चा की मांगों वाले 6 सूत्री घोषणापत्र को स्वीकार किया जाये

3. सभी तरह के निजीकरण से तौबा किया जाये और नेशनल मॉनेटाइजेशन पाइपलाइल प्रोग्राम (NMPP) को ख़त्म किया जाये

4. आयकर भुगतान के दायरे के बाहर के परिवारों को प्रति माह 7,500 रुपये की आय सहायता प्रदान की जाये

5. मनरेगा के लिए आवंटन बढ़ाया जाये और शहरी क्षेत्रों में रोज़गार गारंटी कार्यक्रम का विस्तार किया जाये

6. सभी अनौपचारिक क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा प्रदान किया जाये

7. आंगनवाड़ी, आशा, मिड डे मिल और दूसरी योजना में लगे कार्यकर्ताओं के लिए वैधानिक न्यूनतम पारिश्रमिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान किया जाये

8. महामारी के बीच लोगों की सेवा करने वाले अग्रिम पंक्ति के कामगारों को पूर्ण सुरक्षा और बीमा के दायरे में लाया जाये

9. अर्थव्यवस्था के पुनरुत्थान और उसे पुनर्जीवित करने के लिए अमीरों से ज़्यादा टैक्स वसूलते हुए संसाधन जुटाकर कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य अहम सार्वजनिक सेवाओं में सार्वजनिक निवेश बढ़ाये जायें

10. पेट्रोलियम उत्पादों पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क को पर्याप्त रूप से कम किया जाये और मूल्य वृद्धि को रोकने के लिए ठोस क़दम उठाये जायें

11. सभी ठेका श्रमिकों और योजना श्रमिकों को नियमित किया जाये, और सभी के लिए समान काम के लिए समान वेतन को सुनिश्चित किया जाये

12. नयी पेंशन योजना (NPS) को रद्द किया जाये और पुरानी योजना को बहाल किया जाये; कर्मचारी पेंशन योजना के तहत न्यूनतम पेंशन में इज़ाफ़ा किया जाये

सिंगरेनी कूरियर कंपनी में आम हड़ताल शुरू, तेलंगाना के गोदावरीखानी में खाली खदानें

10:47 IST, Mar 28

citu

विजाग स्टील प्लांट में 100 प्रतिशत हड़ताल जारी

10:55 IST, Mar 28

steel plant

साहिबाबाद: ठेका मज़दूरी के ख़िलाफ़ मज़दूरों ने दिया देशव्यापी हड़ताल को समर्थन

11:13 IST, Mar 28

देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में दिल्ली एनसीआर स्थिति साहिबाबाद में स्थिति दी इंडियोर प्रा लि के मज़दूरों ने काम बंद कर गेट पर धरना दिया । इस दौरान संजय, जो यहां 17 सालो से काम कर रहे हैं, ने न्यूज़क्लिक को बताया कि कंपनी में मजदूरों का शोषण अपने चरम पर है। लगातार स्थाई कर्मचारियों को हटाकर ठेका मज़दूर रखे जा रहे हैं। जबकि लेबर कोर्ट के आदेश के बाद भी कोरोनाकाल के दौरान का छह महीने का वेतन नअभी तक नहीं दिया है।

strike

देशव्यापी हड़ताल में महिलाओं ने भी दी भागीदारी

11:13 IST, Mar 28

देशव्यापी हड़ताल में महिला मजदूरों ने भी भाग लिया। साहिबाद औद्दौगिक क्षेत्र में हड़ताल में शामिल महिलाओं ने बताया कैसे उनके साथ भेदभाव किया जाता है। महिला मजदूर नीलम ने बताया कि देश की आजादी के इतने साल बाद भी उन्हें समान काम का समाना वेतन नहीं दिया जाता है। महिलाएं 12 घंटे काम करती हैं, लेकिन उन्हें केवल 5 से 6 हज़ार वेतन मिलता है। इसके साथ ही महिला मजदूरों के बाकी अधिकार भी नहीं दिए जाते हैं, न तो बच्चों के लिए क्रेच की व्यवस्था है और न ही गर्भ के दौरान भी उन्हें छुट्टी नहीं दी जाती है। वहीं मौजूद रेणु ने मालिकों और ठेकदारों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके साथ बदसलूकी की जाती है और विरोध करने पर उन्हें काम से हटाने की धमकी दी जाती है।

women

झिलमिल औद्दोगिक क्षेत्र में मजदूरों ने गेटबंदी कर जुलूस निकाला

12:42 IST, Mar 28

देशव्यापी हड़ताल पूर्वी दिल्ली में झिलमिल औद्दोगिक क्षेत्र में मजदूरों ने शुरआती गेटबंदी के बाद जनरल मोड़ पर एकत्र होकर एक जुलूस निकाला और सभी ने सरकार से मजदूर विरोधी लेबर कोड को रद्द करने की मांग की। इस क्षेत्र में 13 मज़दूर यूनियन ने एक संयुक्त मंच जमाना पार संयुक्त ट्रेड यूनियन मंच बनाया है। जिसके बैनर तले आज हड़ताल करने का प्रयास किया गया। 

संयुक्त मंच के नेता उमेश दुबे ने बताया कि ये सरकार लगातार मजदूरों के हकों पर हमला कर रही है। इससे मजदूरों में भारी गुस्सा है और इसलिए बड़ी तादाद में मजदूर इस हड़ताल में शामिल हुए हैं।

सीटू पूर्वी दिल्ली के सचिव पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि, "ये सरकार को चेतावनी देने के लिए दो दिन की हड़ताल की गई है। जैसे ये सरकार ने कृषि कानूनों को वापस लिया है ऐसे ही इन्हें लेबर कोड भी वापस लेना होगा।"

rally

हरियाणा रोडवेज़ कर्मचारियों ने हड़ताल में की जमकर भागीदारी

12:42 IST, Mar 28

हरियाणा रोडवेज़ कर्मचारी तड़के सुबह से ही हड़ताल को सफल बनाने के लिए गेट बंद करके बैठ गए थे। बड़ी संख्या में बस ड्राईवर और कंडक्टर इस हड़ताल में शामिल हुए।

haryana

हड़ताल के समर्थन में कलकत्ता में सड़क जाम किया गया

12:47 IST, Mar 28

kolkata

दिल्ली: मदर डेयरी कर्मचारी भी हड़ताल के समर्थन में सड़क पर उतरे

12:49 IST, Mar 28

mother dairy

केरल में दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के तहत लगभग सभी संस्थान बंद रहे

13:47 IST, Mar 28

राज्य द्वारा संचालित केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की बसें सड़कों से नदारत रहीं, जबकि टैक्सी, ऑटो-रिक्शा और निजी बसें भी राज्यभर में नजर नहीं आईं। ट्रक और लॉरी सहित वाणिज्यिक वाहनों के संचालकों ने भी हड़ताल के प्रति एकजुटता व्यक्त की है।

बिजली कर्मचारियों ने पूरे देश में सभी जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन किया

13:47 IST, Mar 28

बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों की राष्ट्रीय समन्वय समिति (एनसीसीओईईई) के आह्वान पर देश भर के बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों ने दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल/कार्य का बहिष्कार आज से शुरू किया जो 29 मार्च को भी जारी रहेगा। बिजली कर्मचारियों ने पूरे देश में सभी जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन किया। 

ऑल इंडिया पॉवर एंजिनीयर फ़ेडरेशन (एआईपीईएफ) के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने कहा कि एनसीसीओईईई के आह्वान पर देश भर के बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों ने आज से दो दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी है जो केंद्र सरकार की निजीकरण नीतियों के खिलाफ 29 मार्च को भी जारी रहेगी।

देश भर के सभी जिला मुख्यालयों पर हड़ताल बिजली कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन किया. मुंबई, चेन्नई, लखनऊ, हैदराबाद, कोलकाता, भोपाल, विजयवाड़ा, त्रिवेंद्रम, बेंगलुरु, वडोदरा, पटना, भुवनेश्वर, पटियाला, देहरादून में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए। 

शैलेंद्र दुबे ने कहा कि बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों की मुख्य मांगें हैं - बिजली (संशोधन) विधेयक 2021 को वापस लें, केरल में केएसईबी लिमिटेड और हिमाचल प्रदेश में एचपीएसईबी लिमिटेड की तरह, एसईबी के अनबंडलिंग के बाद भर्ती किए गए सभी बिजली कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करें।

उन्होंने माँग करी कि तेलंगाना सरकार जैसे सभी आउटसोर्स बिजली कर्मचारियों को नियमित करें। शलेंद्र दुबे ने कहा कि एनसीसीओईईई ने चंडीगढ़ के लाभ कमाने वाले बिजली विभाग के निजीकरण का कड़ा विरोध किया है।

 

सरकार की नीतियों के विरोध में रैली निकालते कर्मचारी

13:51 IST, Mar 28

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राष्ट्रव्यापी हड़ताल केसमर्थन में हिमाचल के कई जिलों में प्रदर्शन

13:52 IST, Mar 28

केंद्रीय ट्रेड यूनियनों व राष्ट्रीय फेडरेशनों के आह्वान पर सीटू,इंटक,एटक,केंद्रीय कर्मचारियों के संयुक्त समन्वय समिति,बीमा,बैंक,बीएसएनएल,डाक कर्मियों,एजी ऑफिस,विभिन्न कायक्षेत्रों में कार्यरत मजदूरों व केंद्रीय कर्मचारियों ने मजदूरों के कानूनों को खत्म करके चार लेबर कोड बनाने,सार्वजनिक क्षेत्र के विनिवेश व निजीकरण,ओल्ड पेंशन स्कीम बहाली,आउटसोर्स नीति बनाने,स्कीम वर्करज़ को नियमित सरकारी कर्मचारी घोषित करने,मनरेगा मजदूरों को दो सौ दिन का रोज़गार देने व साढ़े तीन सौ रुपये दिहाड़ी लागू करने,करुणामूलक रोज़गार देने,छठे वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर करने,मजदूरों का न्यूनतम वेतन 21 हज़ार रुपये घोषित करने,पेट्रोल,डीज़ल,रसोई गैस व खाद्य वस्तुओं की भारी महंगाई पर रोक लगाने,सरकारी सेवाओं के निजीकरण,मोटर व्हीकल एक्ट में मालिक व मजदूर विरोधी संशोधनों व नेशनल मोनेटाइजेशन पाइप लाइन आदि मुद्दों पर प्रदेशव्यापी हड़ताल की।

इस दौरान हज़ारों मजदूर मोदी सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतरे। हड़ताल को ट्रेड यूनियनों व केंद्रीय फेडरेशनों के अलावा हिमाचल किसान सभा,जनवादी महिला समिति,दलित शोषण मुक्ति मंच,डीवाईएफआई व एसएफआई जैसे जनवादी संगठनों ने समर्थन दिया।

राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दौरान चंबा, तीसा, चुवाड़ी, धर्मशाला, हमीरपुर, ऊना, बिलासपुर, मंडी, सरकाघाट, जॉगिंदरंगर, बाली चौकी, कुल्लू, आणी, सैंज, नाहन, परवाणु, शिलाई, शिमला, ठियोग,रामपुर, रोहड़ू,कुमारसैन,निरमंड व टापरी आदि में मजदूरों द्वारा प्रदर्शन किए गए। 

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देशव्यापी हड़ताल में दिल्ली के असंगठित क्षेत्र और निर्माण मज़दूरों ने भी भाग लिया

14:54 IST, Mar 28

देशव्यापी हड़ताल में दिल्ली के असंगठित क्षेत्र और  निर्माण मज़दूरों ने भी भाग लिया। इसी के तहत उत्तर पूर्व दिल्ली के सोनिया विहार में इलाके में निर्माण मज़दूरों ने काम का बहिष्कार किया और क्षेत्र में जुलूस निकाला। इस दौरान सीटू के पूर्वी दिल्ली के कोषाध्यक्ष फूलकांत मिश्रा ने बताया कि कैसे लगातार सरकार असंगठित क्षेत्र के मजदूरों पर हमला कर रही है। कई महीनों से निर्माण मज़दूरों के रजिस्ट्रेशन बहुत ही धीमी गति से हो रहा है। दूसरा सरकार ने ऑनलाइन व्यव्स्था बनाई है जिससे गरीब मजदूरों को काफी समस्या का समाना करना पड़ रहा है। क्योंकि अधिकतर मज़दूर अनपढ़ या कम पढ़ा लिखा है।

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दिल्ली जल बोर्ड के कर्मचारी भी देशव्यापी हड़ताल में पूर्णरूप से शामिल हुए

14:54 IST, Mar 28

दिल्ली जल बोर्ड के कर्मचारी भी देशव्यापी हड़ताल में पूर्णरूप से शामिल हुए। सैकड़ों की संख्या में जल बोर्ड के कर्मचारी जल बोर्ड के मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया । यूनियन के नेता विक्रम ने कहा ये सरकार (दिल्ली सरकार) इस वादे पर आई थी की वो सभी ठेका कर्मियों को पक्का करेगी लेकिन किया कुछ नही बल्कि वो पूरे जल बोर्ड  को ही निजी हाथों में देने की तैयारी कर रही है।

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एलआईसी कर्मचारियों का केंद्र सरकार द्वारा एलआईसी के निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन

17:04 IST, Mar 28

वाराणसी में भी एलआईसी कर्मचारियों ने केंद्र सरकार की एलआईसी के निजीकरण के लिए आईपीओ का सहारा लेने की नीति के खिलाफ प्रदर्शन किया और देशव्यापी हड़ताल में हिसा लिया।

lic

All India General Strike
Essential Defence Services Act
Labour Codes
NPS
OPS
National Monetisation Pipeline
Privatisation
disinvestment
Employees' Pension Scheme
Lakhimpur Kheri
MSP
Anganwadi Workers
ASHA
scheme workers
minimum wage

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