NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
यूके में क्षेत्रीय चुनावों के बाद लेबर पार्टी नेतृत्व की वामपंथियों ने आलोचना की
पूरे इंग्लैंड में स्थानीय परिषदों के लिए हुए चुनावों में लेबर पार्टी के कई पार्षद हार गए वहीं कई परिषदों पर से नियंत्रण खो दिया है।
पीपल्स डिस्पैच
13 May 2021
यूके में क्षेत्रीय चुनावों के बाद लेबर पार्टी नेतृत्व की वामपंथियों ने आलोचना की

मोमेंटम और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ ब्रिटेन (CPB) सहित ब्रिटेन के वामपंथी वर्गों ने पिछले सप्ताह हुए स्थानीय चुनावों में लेबर पार्टी को मिली असफलताओं के बाद लेबर पार्टी के नेतृत्व की आलोचना की है। हार्टलेपुल के श्रमिक वर्ग बहुल वाले संसदीय क्षेत्र के लिए हुए उपचुनाव में लेबर पार्टी कंजर्वेटिव टोरीस से हार गई जहां इस कंजर्वेटिव ने पहले कभी चुनाव नहीं जीता था।

इस क्षेत्रीय चुनावों में इस कंजर्वेटिव पार्टी को इंग्लैंड भर में काफी सीटें हासिल हुईं जिसमें 13 काउंसिल इसकी पार्टी को मिले वहीं अतिरिक्त 235 पार्षद इसके हैं, जबकि लेबर ने 327 पार्षदों और आठ परिषदों के नियंत्रण को खो दिया है।

लेबर पार्टी ग्रेटर मैनचेस्टर, लंदन आदि सहित शहरों की महापौरों को सुरक्षित रखने में सक्षम रही और उसने वेस्ट यॉर्कशायर, कैम्ब्रिजशायर एंड पीटरबरो, लिवरपूल सिटी रीजन और वेस्ट ऑफ इंग्लैंड के महापौर के पद को जीत लिया है। वामपंथी नेता मार्क ड्रेकफोर्ड के नेतृत्व में लेबर पार्टी ने वेल्श संसद में अपना बहुमत बनाए रखा जबकि स्कॉटिश नेशनल पार्टी (एसएनपी) ने स्कॉटिश संसद में अपनी बढ़त बनाए रखी।

वामपंथी वर्गों ने आरोप लगाया है कि लेबर पार्टी के नेता कीर स्टार्नर ठोस नीतियों और स्थितियों को प्रदान करने में विफल रहे हैं और भविष्य के लिए उनके पास दृष्टिकोण की कमी रही। कीर स्टार्नर को जेरेमी कॉर्बिन के स्थान पर अप्रैल 2020 में लेबर पार्टी के नेता के रूप में चुने गये थे।

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ ब्रिटेन (सीपीबी) ने 6 मई के चुनाव परिणामों के प्रतिक्रिया में श्रमिक संगठनों से 'दक्षिणपंथ के झूठे व्यक्तियों' को न सुने। कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव रॉब ग्रिफिथ्स ने आरोप लगाया है कि गत गुरुवार को श्रमिक वर्ग क्षेत्र में लेबर पार्टी की हार के लिए जेरेमी कॉर्बिन की लीगेसी को दोषी ठहराया है लेकिन स्पष्ट और प्रासंगिक नीतियों के लिए कैंपेन के लिए उनके प्रमुख नेता की विफलता थी। इन नीतियों ने कई मतदाताओं को वंचित किया या निराशा में टोरीज़ या ग्रीन्स की तरफ गए।'

सीपीबी राजनीतिक समिति ने इंग्लैंड - विशेष रूप से लंदन में- और वेल्स और स्कॉटलैंड में कम्युनिस्ट उम्मीदवारों के पक्ष में बढ़े हुए वोटों का स्वागत किया। इस स्थानीय चुनावों में कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवारों ने इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और वेल्स में 13,300 से अधिक वोट हासिल किए हैं और इसके लिए इसने यूथ कम्युनिस्ट लीग (वाईसीएल) के आक्रामक अभियानों और गतिविधियों का शुक्रिया अदा किया।

 

Labour Party
UK
United kingdom
labour party uk

Related Stories

ब्रिटेन की कोर्ट ने जूलियन असांज के अमेरिका प्रत्यर्पण की अनुमति दी

युद्ध के प्रचारक क्यों बनते रहे हैं पश्चिमी लोकतांत्रिक देश?

दुनिया को गौर करना चाहिए कि बाइडेन की प्रेसीडेंसी ढलान पर है

क्यों जूलियन असांज पर अमानवीय मुक़दमा हम सबके लिए अन्याय है

यूके ने अफ़ग़ानिस्तान के नए खेल में बढ़ाया पहला क़दम

वैक्सीन को मान्यता देने में हो रही उलझन से वैश्विक हवाई यात्रा पर पड़ रहा असर

आकुस के बहाने अमेरिका चीन ही नहीं, दुनिया को डाल रहा ख़तरे में

AUKUS पर हंगामा कोई शिक्षाप्रद नज़ारा नहीं है

रिपोर्ट के मुताबिक सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की जलवायु योजनायें पेरिस समझौते के लक्ष्य को पूरा कर पाने में विफल रही हैं 

चीन ने यूएस, यूके और ऑस्ट्रेलिया के बीच त्रिपक्षीय सुरक्षा गठबंधन को "शीत युद्ध मानसिकता और वैचारिक पूर्वाग्रह" का प्रदर्शन बताया


बाकी खबरें

  • बी. सिवरामन
    खाद्य मुद्रास्फीति संकट को और बढ़ाएगा रूस-यूक्रेन युद्ध
    04 Apr 2022
    सिर्फ़ भारत में ही नहीं, खाद्य मुद्रास्फीति अब वैश्विक मुद्दा है। यह बीजिंग रिव्यू के ताजा अंक की कवर स्टोरी है। संयोग से वह कुछ दिन पहले न्यूयॉर्क टाइम्स की भी एक प्रमुख कहानी बन गई।
  • राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: सांप्रदायिकता का विकास क्या विकास नहीं है!
    04 Apr 2022
    वो नेहरू-गांधियों वाला पुराना इंडिया था, जिसमें सांप्रदायिकता को तरक्की का और खासतौर पर आधुनिक उद्योग-धंधों की तरक्की का, दुश्मन माना जाता था। पर अब और नहीं। नये इंडिया में ऐसे अंधविश्वास नहीं चलते।
  • विजय विनीत
    ग्राउंड रिपोर्ट: किसानों के सामने ही ख़ाक हो गई उनकी मेहनत, उनकी फसलें, प्रशासन से नहीं मिल पाई पर्याप्त मदद
    04 Apr 2022
    "हमारी ज़िंदगी ही खेती है। जब खेती बर्बाद होती है तो हमारी समूची ज़िंदगी तबाह हो जाती है। सिर्फ़ एक ज़िंदगी नहीं, समूचा परिवार तबाह हो जाता है। पक चुकी गेहूं की फसल की मडाई की तैयारी चल रही थी। आग लगी…
  • भाषा
    इमरान खान के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव खारिज किए जाने पर सुनवाई करेगा उच्चतम न्यायालय
    04 Apr 2022
    पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने देश के प्रधानमंत्री इमरान खान की सिफारिश पर नेशनल असेंबली (एनए) को भंग कर दिया है। इससे कुछ ही देर पहले नेशनल असेंबली के उपाध्यक्ष कासिम सूरी ने प्रधानमंत्री के…
  • शिरीष खरे
    कोविड-19 टीकाकरण : एक साल बाद भी भ्रांतियां और भय क्यों?
    04 Apr 2022
    महाराष्ट्र के पिलखाना जैसे गांवों में टीकाकरण के तहत 'हर-घर दस्तक' के बावजूद गिने-चुने लोगों ने ही कोविड का टीका लगवाया। सवाल है कि कोविड रोधी टीकाकरण अभियान के एक साल बाद भी यह स्थिति क्यों?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License