NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
लेडी हार्डिंग: एक तरफ फूल बरसाकर सम्मान, दूसरी तरफ़ नौकरी से निकालने का फ़रमान
राजधानी दिल्ली स्थित ‘लेडी हार्डिंग अस्पताल व मेडिकल कॉलेज’ में कोरोना संकट के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर काम करनेवाले स्वास्थ्य कर्मचारियों को नौकरी से निकालने से आक्रोशित कर्मचारियों अस्पताल के गेट पर प्रदर्शन किया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
31 Jul 2020
लेडी हार्डिंग

दिल्ली : कोरोना संकट के दौरान सबसे बहादुरी से लड़ने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार, गैरकानूनी रूप से वेतन में कटौती, काम से निकालना और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराना इत्यादि जैसी कई बाते सामने आ रही हैं। मोदी सरकार ने कर्मचारियों के ऊपर फूल ज़रूर बरसाये, पर उनके वेतन, सुरक्षा, नौकरी की गारंटी इत्यादि जैसी बातों के लिए कुछ भी नहीं किया। लेडी हार्डिंग अस्पताल व मेडिकल कॉलेज के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों ने काम से निकाले जाने के खिलाफ 30 जुलाई को अस्पताल गेट पर कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया।

इस प्रदर्शन का नेतृत्व आल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ़ ट्रेड यूनियंस (ऐक्टू ) के दिल्ली राज्य सचिव, सूर्य प्रकाश ने किया, जिसमें कई कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। इससे पहले केंद्र सरकार के अधीन आने वाले राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भी ठेका कर्मचारी वेतन न मिलने के कारण विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं।

राजधानी दिल्ली स्थित ‘लेडी हार्डिग मेडिकल कॉलेज’ में कोरोना संकट के दौरान ठेका कर्मचारियों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ ऐक्टू ने उठाई आवाज़ – अस्पताल के गेट पर कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन। @drharshvardhan @PMOIndia @DrHVoffice @cpimlliberation @htdelhi @TOIDelhi @JagranNews pic.twitter.com/6oMukjRPkf

— AICCTU Delhi (@AICCTU_tweets) July 30, 2020

गौरतलब है कि तमाम दावों के बावजूद सरकार कोरोना से लड़ने में पूरी तरह असफल साबित हुई है – न तो कोरोना संक्रमण का रोकथाम हो पाई है और न ही स्वास्थ्य कर्मचारियों को उनके अधिकार मिल रहे हैं। लेडी हार्डिंग अस्पताल व मेडिकल कॉलेज केंद्र सरकार के अधीन है, बावजूद इसके इन कर्मचारियों की समस्याओं पर केंद्र सरकार ने ध्यान नहीं दिया। देशभर में स्वास्थ्य कर्मचारी लगातर ‘पीपीई’ और अन्य सुरक्षा उपकरणों की कमी की शिकायत कर रहे हैं। ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहाँ कर्मचारियों, विशेषकर कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे कर्मचारियों को ठीक से वेतन तक नहीं दिया जा रहा है। दिल्ली और आसपास के कुछ अस्पतालों में तो डॉक्टरों को भी वेतन का भुगतान समय से नहीं हो पा रहा है।

ठेका कर्मचारी से नौकरी पर रखने के नाम पर अवैध वसूली!

लेडी हार्डिंग अस्पताल के ठेका कर्मचारी, वही कार्यरत परमानेंट कर्मचारियों के जितना ही काम करते हैं परन्तु उनका वेतन पक्के कर्मचारियों के मुकाबले काफी कम है। हर बार कॉन्ट्रैक्ट बदलने के वक़्त इन कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों से नौकरी पर रखने के नाम पर अवैध वसूली भी की जाती है। इस तरह का भ्रष्टाचार ठेकेदार और सरकारी अफसरों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। पीड़ित कर्मचारियों में से कुछ से 15,000 रुपये तक की अवैध वसूली की गई है। पिछले दिनों कई कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को अस्पताल प्रबंधन और ठेकेदार ने नौकरी से निकालने की बात कही है – जिससे कोरोना के खिलाफ ‘फ्रंटलाइन वर्कर्स’ कहे जानेवाले स्वास्थ्य कर्मचारी काफी परेशान हैं।

मंगलवार, 28 जुलाई को जब प्रबंधन ने कथिततौर पर कई कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का मौखिक आदेश दिया तब अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ गुस्सा बढ़ गया।

ऐसे ही एक कर्मचारी कविता विनोद है जिनकी उम्र 35 वर्ष है इन्हे भी नौकरी से निकाल दिया गया है। इस आदेश के बाद उन्होंने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा था कि कर्मचारियों को फरवरी के महीने में धमकी दी गई और साथ ही नौकरी के लिए पैसों की मांग की गई मैंने 15,000 रुपये का भुगतान किया था। ऐसा न करने पर नौकरी से निकालने की बात कही गई। पांच महीने के भीतर फिर से इसी तरह की मांग की जा रही है। अब मैं उन्हें पैसे कहाँ से दूंगा? ” 

विनोद 2015 से लेडी हार्डिंग में मल्टी-टास्किंग स्टाफ के रूप कार्यरत हैं, जो रोगी देखभाल कामों में लगे हुए थे और मेडिकल वार्डों को साफ सुथार बनाए रखते थे, जिनमें COVID-19 संक्रमित मरीज भी शामिल थे, जिसे वह "रेड ज़ोन " कहते है ।

कर्मचारियों का कहना है कि “इन सभी दिनों (कोरोना काल) में, हमने छुट्टियों के बिना, दिन में आठ घंटे से अधिक काम किया। हमने मुश्किल समय में भी अपने कर्तव्यों का पालन किया, यह आशा करते हुए कि भविष्य में ऐसी कोई भी अवैध माँग नहीं की जाएगी।"

image

यूनियन के माध्यम से इन कर्मचारियों ने दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाज़ा भी खटखटाया है। इसके साथ ही ऐक्टू स्वास्थ्य और परिवार कल्याण (MoHFW) को इस पुरे मामले पर 26 जुलाई को एक पत्र लिखा था। जिसमे उन्होंने बतया कि केंद्रीय स्वस्थ्य मंत्रालय के अधीन अस्पतालों में कर्मचारियों का किस तरह शोषण किया जा रहा है।

इसके साथ ही कर्मचारियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी आवाज़ उठाई। अधिकारियों को पत्र लिखने के बाद 26 जुलाई को ऐक्टू ने अपने ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट किया। जिसमें कर्मचारी बता रहे है कि उन्हें वेतन नहीं मिला है। इसके साथ ही उसमें लिखा है कि "फूल बरसाने से FOOL बनाने तक की कथा - एक ओर तो केंद्र की सरकार फूल बरसाकर 'कोरोना वारियर्स' के सम्मान और उत्साहवर्धन की बात कर रही है, दूसरी ओर केंद्र सरकार के अपने संस्थान- लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, नई दिल्ली में ठेका कर्मचारियों को वेतन तक नही मिल रहा।"

फूल बरसाने से FOOL बनाने तक की कथा - एक ओर तो केंद्र की सरकार फूल बरसाकर 'कोरोना वारियर्स' के सम्मान और उत्साहवर्धन की बात कर रही है, दूसरी ओर केंद्र सरकार के अपने संस्थान- लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, नई दिल्ली में ठेका कर्मचारियों को वेतन तक नही मिल रहा। @PMOIndia pic.twitter.com/54hnkIG1nv

— AICCTU Delhi (@AICCTU_tweets) July 27, 2020

प्रदर्शन में मौजूद ऐक्टू के दिल्ली राज्य सचिव सूर्य प्रकाश ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन और केंद्र सरकार को कर्मचारियों की स्थिति से अवगत कराने के बावजूद दोनों ने कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया। अस्पताल प्रबंधन ने जिन कर्मचारियों से कोरोना संकट के दौर में काम करवाया उनको सरासर गैर कानूनी तरीके से निकाल रही है।

आगे उन्होंने कहा कि "आसमान से फूल बरसाने की सच्चाई आज सबके सामने है – मोदी सरकार द्वारा लगातार श्रम कानूनों को कमजोर किए जाने और ठेकेदारी को बढ़ावा देने के चलते आज देश की राजधानी में कर्मचारियों की बहुत बुरी स्थिति है। स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ ऐसा बर्ताव सरकार के मजदूर विरोधी रवैये को साफ़ तौर पर प्रकट करता है।"

ऐक्टू ने कहा कि सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के प्रति उदासीनता बहुत ही चिंताजनक हैं, इससे न सिर्फ कर्मचारियों का नुकसान है बल्कि कोरोना से परेशान आम जनता को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। ऐक्टू ने कहा कि वो इन कर्मचारियों के अधिकारों के लिए लगातार संघर्षरत रहेगी।

न्यूज़क्लिक ने लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के डिप्टी डायरेक्टर (एडमिनिस्ट्रेशन) सोनू कुमार को इस पूरी घटना पर कई बार फोन किया और ईमेल के माध्यम से सचिव, MoHFW से संपर्क करने की भी कोशिश की परन्तु अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। अगर इस मामले में कोई जबाबा आएगा तो खबर को अपडेट किया जाएगा।

तीसरे पक्ष के ठेकेदार, जय बालाजी सिक्योरिटी सर्विसेज के एक पर्यवेक्षक, जिनके तहत 2016 के बाद से 275 मल्टी टास्किंग स्टॉफ को काम पर रखा गया था, ने पुष्टि की कि कुछ कर्मचारियों को अनुबंध अवधि के बाद काम छोड़ने के लिए कहा गया है, क्योंकि कंपनी का कार्यकाल समाप्त होने वाला है।

ठेकेदार ने पुष्टि कि "कर्मचारियों को मई महीने के लिए इन कर्मचारियों का वेतन इस माह जुलाई में भुगतान किया गया है, जबकि जून का वेतन अभी भी नहीं दिया गया है क्योंकि हमें एटेंडेंस रिकॉर्ड भेजने में अस्पताल प्रबंधन ने देरी की थी। " जबकि उन्होंने कर्मचारियों से पैसे वसूली पर कोई ज़बाब नहीं दिया।

Lady Hardinge
Corona warriors
Healthcare workers
Health workers
All India Central Council of Trade Unions
AICCTU
Coronavirus
COVID-19
BJP
modi sarkar 2.O

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • modi
    अनिल जैन
    खरी-खरी: मोदी बोलते वक्त भूल जाते हैं कि वे प्रधानमंत्री भी हैं!
    22 Feb 2022
    दरअसल प्रधानमंत्री के ये निम्न स्तरीय बयान एक तरह से उनकी बौखलाहट की झलक दिखा रहे हैं। उन्हें एहसास हो गया है कि पांचों राज्यों में जनता उनकी पार्टी को बुरी तरह नकार रही है।
  • Rajasthan
    सोनिया यादव
    राजस्थान: अलग कृषि बजट किसानों के संघर्ष की जीत है या फिर चुनावी हथियार?
    22 Feb 2022
    किसानों पर कर्ज़ का बढ़ता बोझ और उसकी वसूली के लिए बैंकों का नोटिस, जमीनों की नीलामी इस वक्त राज्य में एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। ऐसे में गहलोत सरकार 2023 केे विधानसभा चुनावों को देखते हुए कोई जोखिम…
  • up elections
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव, चौथा चरण: केंद्रीय मंत्री समेत दांव पर कई नेताओं की प्रतिष्ठा
    22 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश चुनाव के चौथे चरण में 624 प्रत्याशियों का भाग्य तय होगा, साथ ही भारतीय जनता पार्टी समेत समाजवादी पार्टी की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। एक ओर जहां भाजपा अपना पुराना प्रदर्शन दोहराना चाहेगी,…
  • uttar pradesh
    एम.ओबैद
    यूपी चुनाव : योगी काल में नहीं थमा 'इलाज के अभाव में मौत' का सिलसिला
    22 Feb 2022
    पिछले साल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने योगी सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि "वर्तमान में प्रदेश में चिकित्सा सुविधा बेहद नाज़ुक और कमज़ोर है। यह आम दिनों में भी जनता की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त…
  • covid
    टी ललिता
    महामारी के मद्देनजर कामगार वर्ग की ज़रूरतों के अनुरूप शहरों की योजना में बदलाव की आवश्यकता  
    22 Feb 2022
    दूसरे कोविड-19 लहर के दौरान सरकार के कुप्रबंधन ने शहरी नियोजन की खामियों को उजागर करके रख दिया है, जिसने हमेशा ही श्रमिकों की जरूरतों की अनदेखी की है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License