NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
आंदोलन
उत्पीड़न
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
लखीमपुर खीरी अपडेट: किसानों के साथ विपक्षी दलों ने खोला मोर्चा, हड़बड़ी में सरकार 
लखीमपुर खीरी की ओर जाने वाले विपक्षी नेताओं को ज़िले में पहुंचने से पहले ही हिरासत में लिया जा रहा है, भाजपा सरकार ने न केवल ज़िले का इंटरनेट बंद कर दिया है बल्कि पूरे ज़िले में धारा 144 भी लगा दी है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
04 Oct 2021
Lakhimpur Kheri Update
लखीमपुर खीरी में मारे गए किसानों के शवों के साथ इंसाफ़ की मांग करते परिवारजन और अन्य किसान। फोटो: किसान एकता मोर्चा के ट्विटर हैंडल से।

लखीमपुर खीरी में हुई शर्मनाक घटना के बाद अब विपक्षी दलों ने भी किसानों का साथ देने के लिए मोर्चा शुरू कर दिया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी रात में ही लखीमपुर खीरी के लिए निकल गईं। लेकिन रास्ते में ही सीतापुर पर उन्हें हिरासत में ले लिया गया। ऐसे ही अखिलेश यादव जो लखीमपुर आना चाहते थे उन्हें भी लखनऊ से नहीं निकलने दिया गया। आप नेता संजय सिंह को भी हिरासत में ले लिया गया है, वहीं किसान नेता राकेश टिकैत ने सरकार को खुली चेतावनी दी है कि अब हर जिला मुख्यालय पर किसान प्रदर्शन के लिए तैयार हैं। यूपी की भाजपा सरकार ने न केवल जिले का इंटरनेट बंद कर दिया है बल्कि पूरे जिले में धारा 144 भी लगा दी है।

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत के बाद पूरे प्रदेशभर में रोष है, विपक्षी दलों ने भी किसानों का साथ देने के लिए मोर्चा शुरू कर दिया है।

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा की बर्खास्तगी और उनके बेटे के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार करने की मांग की है।

लखीमपुर खीरी में हुई इस हिंसा के मामले में पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज की हैं। अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी ने बताया कि इस मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के पुत्र आशीष मिश्रा सहित कई अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया हैं।

उन्होंने कहा कि अभी प्राथमिकी की प्रति उपलब्ध नहीं हुई है इसलिये किन-किन धाराओं में मामला दर्ज हुआ है इस बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।

उधर लखीमपुर खीरी में मौजूद अपर पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने बताया, “मैं घटनास्थल पर ही हूं। इस मामले में दोनों पक्षों की तरफ से एफआईआर हुई हैं। अभी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नही है क्योंकि यहां इंटरनेट व्यवस्था काम नहीं कर रही हैं, शीघ्र ही मीडिया को विस्तृत जानकारी उपलब्ध करायी जायेंगी।’’

कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने बताया कि प्रियंका गांधी और कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा समेत कुछ वरिष्ठ नेता लखीमपुर खीरी जा रहे थे। तभी तड़के करीब पांच बजे रास्ते में ही उन्हें सीतापुर में हिरासत में ले लिया गया।

इस दौरान की आईं वीडियोज में भी देखा जा सकता है कि पुलिसकर्मियों ने प्रियंका और हुड्डा के साथ धक्का-मुक्की भी की, प्रियंका पुलिसकर्मियों से पूछ रही हैं कि वे उन्हें गिरफ्तारी वारंट दिखाएं और आखिर किस आधार पर उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है। 

योगी सरकार के अंत की शुरुआत है ये..! https://t.co/mXTm3bevAz

— डॉ.पंकज श्रीवास्तव (@PankajSDr) October 4, 2021

समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव लखीमपुर खीरी जाने से रोके जाने के विरोध में धरने पर बैठ गए, सपा प्रमुख को सोमवार सुबह लखीमपुर खीरी के लिए निकलना था लेकिन तड़के ही उनके घर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। अखिलेश जब लखीमपुर खीरी में रविवार को हुई हिंसा में मारे गए किसानों के परिजन से मुलाकात के लिए जाने के वास्ते घर से बाहर निकले तो पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद अखिलेश सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।

लखीमपुर खीरी जा रहे माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष जी को दंभी सरकार के आदेश पर पुलिस द्वारा रोका गया।

जो समाजवादी जहां हैं वहीं पर धरने पर बैठ जाएं। pic.twitter.com/388phYwVJm

— Samajwadi Party (@samajwadiparty) October 4, 2021

उधर, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र ने पुलिस प्रशासन पर उन्हें लखीमपुर खीरी जाने से रोकने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि प्रशासन ने उन्हें नोटिस थमाया है जिसमें कहा गया है कि कानून व्यवस्था की स्थिति के मद्देनजर वह लखीमपुर खीरी नहीं जा सकते। लिहाजा उन्होंने सोमवार को वहां जाने का इरादा छोड़ दिया है।

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह को भी देर रात लखीमपुर खीरी जाने से रोक दिया गया है।

वहीं टिकैत ने सोमवार तड़के संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि सरकार से उनकी मांग है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त किया जाए और किसानों पर गाड़ी चढ़ाकर उनकी हत्या करने के आरोप में मिश्रा के बेटे आशीष के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया जाए। टिकैत देर रात लखीमपुर खीरी पहुंचे।

उन्होंने सरकार से इस घटना में मारे गए किसानों के परिजन को अनुग्रह राशि के तौर पर एक-एक करोड़ रुपये तथा आश्रितों को सरकारी नौकरी देने की मांग भी की।

टिकैत ने कहा कि ये मांगे पूरी होने के बाद ही मृत किसानों का दाह संस्कार किया जाएगा।

संवाददाता सम्मेलन में मौजूद अन्य किसानों ने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के बेटे ने किसानों को गोली भी मारी है।

टिकैत ने कहा है कि हर जिले की तहसील और मुख्यालयों में किसान प्रदर्शन के लिए तैयार हैं, अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के दौरे को लेकर किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान रविवार को लखीमपुर खीरी जिले के तिकोनिया इलाके में भड़की हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई है।

यह घटना तिकोनिया-बनबीरपुर मार्ग पर हुई है। बताया जा रहा है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और खीरी से सांसद अजय कुमार मिश्रा के बेटे की कार से कुचलने के कारण प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई, इसके बाद भड़के किसानों ने भी दोनों वाहनों में आग लगा दी। इस घटना में चार किसानों तथा वाहनों पर सवार चार अन्य लोगों की मौत हो गई।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Lakhimpur Kheri Update
SB
BSP
Lakhimpur Kheri
farmers protest
Attack on Farmers
Union Minister Ashish Mishra
kisan andolan
Indian Farmers Union
Samyukt Kisan Morcha
rakesh tikait
UP police
Yogi Adityanath

Related Stories

चंदौली पहुंचे अखिलेश, बोले- निशा यादव का क़त्ल करने वाले ख़ाकी वालों पर कब चलेगा बुलडोज़र?

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

चंदौली: कोतवाल पर युवती का क़त्ल कर सुसाइड केस बनाने का आरोप

प्रयागराज में फिर एक ही परिवार के पांच लोगों की नृशंस हत्या, दो साल की बच्ची को भी मौत के घाट उतारा

प्रयागराज: घर में सोते समय माता-पिता के साथ तीन बेटियों की निर्मम हत्या!

उत्तर प्रदेश: योगी के "रामराज्य" में पुलिस पर थाने में दलित औरतों और बच्चियों को निर्वस्त्र कर पीटेने का आरोप

कौन हैं ओवैसी पर गोली चलाने वाले दोनों युवक?, भाजपा के कई नेताओं संग तस्वीर वायरल

यूपी: बुलंदशहर मामले में फिर पुलिस पर उठे सवाल, मामला दबाने का लगा आरोप!

भारत में हर दिन क्यों बढ़ रही हैं ‘मॉब लिंचिंग’ की घटनाएं, इसके पीछे क्या है कारण?

पीएम को काले झंडे दिखाने वाली महिला पर फ़ायरिंग- किसने भेजे थे बदमाश?


बाकी खबरें

  • putin
    अब्दुल रहमान
    मिन्स्क समझौते और रूस-यूक्रेन संकट में उनकी भूमिका 
    24 Feb 2022
    अति-राष्ट्रवादियों और रूसोफोब्स के दबाव में, यूक्रेन में एक के बाद एक आने वाली सरकारें डोनबास क्षेत्र में रूसी बोलने वाली बड़ी आबादी की शिकायतों को दूर करने में विफल रही हैं। इसके साथ ही, वह इस…
  • russia ukrain
    अजय कुमार
    यूक्रेन की बर्बादी का कारण रूस नहीं अमेरिका है!
    24 Feb 2022
    तमाम आशंकाओं के बाद रूस ने यूक्रेन पर हमला करते हुए युद्ध की शुरुआत कर दी है। इस युद्ध के लिए कौन ज़िम्मेदार है? कौन से कारण इसके पीछे हैं? आइए इसे समझते हैं। 
  • up elections
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    उत्तर प्रदेश चुनाव: ज़मीन का मालिकाना हक़ पाने के लिए जूझ रहे वनटांगिया मतदाता अब भी मुख्यधारा से कोसों दूर
    24 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश में चल रहे विधानसभा चुनाव के छठे चरण का मतदान इस इलाक़े में होना है। ज़मीन के मालिकाना हक़, बेरोज़गारी और महंगाई इस क्षेत्र के कुछ अहम चुनावी मुद्दे हैं।
  • ayodhya
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    यूपी चुनाव: अयोध्यावादियों के विरुद्ध फिर खड़े हैं अयोध्यावासी
    24 Feb 2022
    अयोध्या में पांचवे दौर में 27 फरवरी को मतदान होना है। लंबे समय बाद यहां अयोध्यावादी और अयोध्यावासी का विभाजन साफ तौर पर दिख रहा है और धर्म केंद्रित विकास की जगह आजीविका केंद्रित विकास की मांग हो रही…
  • mali
    पवन कुलकर्णी
    माली से फ़्रांसीसी सैनिकों की वापसी साम्राज्यवाद के ख़िलाफ़ ऐतिहासिक जीत है
    24 Feb 2022
    माली से फ़्रांसीसी सैनिकों को हटाने की मांग करने वाले बड़े पैमाने के जन-आंदोलनों का उभार 2020 से जारी है। इन आंदोलनों की पृष्ठभूमि में, माली की संक्रमणकालीन सरकार ने फ़्रांस के खिलाफ़ लगातार विद्रोही…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License