NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
लालू प्रसाद को ज़मानत मिली, जेल से बाहर आने का रास्ता साफ़
लालू प्रसाद अभी दिल्ली के एम्स में न्यायिक हिरासत में भर्ती हैं। उनके सोमवार को रिहा हो जाने की संभावना है। उन्हें चारा घोटाले के अन्य तीन मामलों में पहले ही ज़मानत मिल चुकी है।
भाषा
17 Apr 2021
लालू प्रसाद को ज़मानत मिली, जेल से बाहर आने का रास्ता साफ़

रांची: झारखंड उच्च न्यायालय ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव को करोड़ों रुपये के चारा घोटाले में दुमका कोषागार से गबन के मामले में शनिवार को करीब चालीस माह बाद जमानत दे दी।

अदालत ने उन्हें दस लाख रुपये जुर्माने की राशि जमा करने, विदेश नहीं जाने और मोबाइल नंबर नहीं बदलने की शर्त के साथ एक-एक लाख रुपये के दो निजी मुचलकों पर जमानत दी है। उनका अभी दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विग्यान संस्थान में न्यायिक हिरासत में इलाज चल रहा है।

न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने केन्द्रीय जांच ब्यूरो के विरोध को दरकिनार करते हुए लालू प्रसाद को जमानत दे दी।

लालू देवघर कोषागार से लगभग 89 लाख रुपये की राशि के गबन के आरोप में यहां सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा 23 दिसंबर 2017 को दोषी ठहराये जाने के बाद से जेल में थे।

सोमवार को सीबीआई की विशेष अदालत में जमानत बांड, निजी मुचलके आदि की प्रक्रिया पूरी कर लेने पर उनके रिहा हो जाने की संभावना है क्योंकि चारा घोटाले के अन्य तीन मामलों में उन्हें पहले ही जमानत मिल चुकी है। लालू के स्थानीय अधिवक्ता देवर्षि मंडल ने कहा कि लालू की रिहाई के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई सोमवार को सीबीआई अदालत खुलने पर पूरी कर लिये जाने की संभावना है।

अदालत में शनिवार को सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से केन्द्र सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता राजीव सिन्हा ने लालू प्रसाद को फिलहाल जमानत देने का यह कह कर विरोध किया कि दुमका कोषागार मामले में उन्हें 14 वर्ष की जेल की सजा सुनायी है लिहाजा जमानत के लिए आधी सजा पूरी करने का आधार तभी माना जायेगा जब लालू इस मामले में न्यायिक हिरासत में सात वर्ष की अवधि पूरी कर लेंगे।

लालू की ओर से दिल्ली से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने सीबीआई की दलील का विरोध किया और कहा कि 19 फरवरी को उच्च न्यायालय ने स्वयं माना था कि लालू को जमानत देने के लिए सिर्फ एक माह, 17 दिनों की न्यायिक हिरासत की अवधि और पूरी करनी है। सिब्बल ने कहा कि लालू ने दुमका मामले में तय सात वर्ष की कैद की सजा की आधी अवधि छह अप्रैल को ही पूरी कर ली है।

पीठ ने यह भी कहा कि 19 फरवरी के आदेश को सीबीआई ने उच्चतम न्यायालय में चुनौती भी नहीं दी है लिहाजा अब तक की परंपरा के अनुसार चारा घोटाले के किसी मामले में सजा की आधी अवधि न्यायिक हिरासत में पूरी कर लेने के चलते लालू को दुमका कोषागार से गबन के मामले में जमानत दी जाती है। न्यायालय ने आदेश में लालू की 73 वर्ष की उम्र एवं उनकी बीमारियों का भी जिक्र किया है।

अदालत ने उन्हें जमानत के लिए दुमका मामले में जुर्माने की साठ लाख रुपये की राशि में से दस लाख रुपये की रकम निचली अदालत में जमा करवाने और एक-एक लाख रुपये के दो निजी मुचलके देने के भी निर्देश दिये।

लालू को निचली अदालत में अपना पासपोर्ट भी जमा करना होगा और जमानत की अवधि में वह बिना अनुमति के विदेश यात्रा नहीं कर सकेंगे। लालू इस दौरान न तो अपना पता बदल सकेंगे और न ही मोबाइल फोन नंबर बदल सकेंगे।

लालू को चाईबासा के दो मामलों में और देवघर कोषागार से गबन के मामले में पहले ही जमानत मिल चुकी है लिहाजा इस मामले में जमानत मिलने के बाद वह न्यायिक हिरासत से छूट सकेंगे।

इससे पूर्व 19 फरवरी को दुमका मामले में ही सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने लालू की याचिका इस आधार पर खारिज कर दी थी कि उन्होंने इस मामले में उन्हें मिली सजा की आधी अवधि अभी पूरी नहीं की थी।

इससे पूर्व निमोनिया की शिकायत पर बेहतर इलाज के लिए उन्हें 23 जनवरी को रांची स्थित राजेन्द्र आयुर्विग्यान संस्थान (रिम्स) से एयर एंबुलेंस से एम्स ले जाया गया था।

Jharkhand
jharkhand high court
Lalu Prashad Yadav
Rashtriya Janata Dal
Lalu Yadav bail

Related Stories

सीबीआई ने लालू प्रसाद यादव के ख़िलाफ़ नया मामला दर्ज किया, कई जगह छापे मारे

झारखंड: बोर्ड एग्जाम की 70 कॉपी प्रतिदिन चेक करने का आदेश, अध्यापकों ने किया विरोध

झारखंड : नफ़रत और कॉर्पोरेट संस्कृति के विरुद्ध लेखक-कलाकारों का सम्मलेन! 

झारखंड की खान सचिव पूजा सिंघल जेल भेजी गयीं

सवर्णों के साथ मिलकर मलाई खाने की चाहत बहुजनों की राजनीति को खत्म कर देगी

झारखंडः आईएएस पूजा सिंघल के ठिकानों पर छापेमारी दूसरे दिन भी जारी, क़रीबी सीए के घर से 19.31 करोड़ कैश बरामद

खबरों के आगे-पीछे: अंदरुनी कलह तो भाजपा में भी कम नहीं

तेजप्रताप यादव की “स्टाइल ऑफ पॉलिटिक्स” महज मज़ाक नहीं...

आदिवासियों के विकास के लिए अलग धर्म संहिता की ज़रूरत- जनगणना के पहले जनजातीय नेता

‘मैं कोई मूक दर्शक नहीं हूँ’, फ़ादर स्टैन स्वामी लिखित पुस्तक का हुआ लोकार्पण


बाकी खबरें

  • singhu border
    रौनक छाबड़ा
    सिंघु बॉर्डर पर बरामद हुई क्षत-विक्षत लाश पर संयुक्त किसान मोर्चा ने मामले की जांच व दोषियों को सज़ा की मांग की
    16 Oct 2021
    सोशल मीडिया पर शुक्रवार की सुबह से ही सिंघु बॉर्डर के पास औंधे पड़े एक पुलिस बैरिकेड से बंधे एक मृत व्यक्ति की वीडियो और तस्वीरें सामने आने लगीं, जहाँ पर किसान पिछले नवंबर से ही शांतिपूर्ण ढंग से कृषि…
  • Cooking Gas
    सुबोध वर्मा
    हम महज़ एक साल में एलपीजी सिलेंडर के लिए 300 रुपये से ज़्यादा का भुगतान कर रहे हैं !
    16 Oct 2021
    पेट्रोल और डीज़ल की क़ीमतों में भी उछाल इसलिए आया है क्योंकि मोदी सरकार ने बतौर टैक्स 3.73 लाख करोड़ रुपये से भी ज़्यादा की ज़बरदस्त कमाई की है।
  • protest
    अनीश आर एम
    अमेरिका ने मनाया पहला आधिकारिक इंडिजेनस पीपल्स-डे
    15 Oct 2021
    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इंडिजेनस पीपल्स-डे को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देने के लिए एक घोषणा पर दस्तखत किए, जिसे कई लोग एक प्रतीकात्मक संकेत मान रहे हैं।
  • drug
    अजय कुमार
    चर्चा 5 ग्राम कोकेन पर होनी चाहिए या 30 हज़ार करोड़ के नशीले पदार्थ के कारोबार पर?
    15 Oct 2021
    भारत में तकरीबन 30 हजार करोड़ का नशीले पदार्थ का कारोबार है। इसे छोड़कर महज 5 ग्राम कोकेन के सेवन पर चर्चा हो रही है। इसका क्या मतलब है? क्या भारत नशीले पदार्थों के कारोबार पर नकेल कसने को लेकर गंभीर…
  • exam
    शुभेन्द्र
    रचनात्मकता और कल्पनाशीलता बनाम ‘बहुविकल्पीय प्रश्न’ आधारित परीक्षा 
    15 Oct 2021
    निष्पक्षता बनाए रखने, परिणाम जल्दी घोषित करने, तकनीकी के उपयोग करने आदि के तर्क दे देकर कुछ वर्ष से लगभग सभी परीक्षाओं का प्रारूप बहुविकल्पीय प्रश्नों का ही कर दिया गया है। एकरूपता के उन्माद में इस…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License