NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
वायु सेना केंद्र पर ड्रोन हमले के पीछे लश्कर का हाथ होने का संदेह: डीजीपी
जम्मू कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह का कहना है कि इस बात की पूरी संभावना है कि मानवरहित वायुयान (ड्रोन) सीमापार से उड़कर आए हों और अपने काम को अंजाम देने के बाद लौट गये हों।
भाषा
29 Jun 2021
वायु सेना केंद्र पर ड्रोन हमले के पीछे लश्कर का हाथ होने का संदेह: डीजीपी

जम्मू/नयी दिल्ली: जम्मू में रविवार तड़के भारतीय वायु सेना के केंद्र पर ड्रोन हमले के पीछे प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का हाथ होने का संदेह है और संकेत मिले हैं कि ड्रोन सीमापार से आये। एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने मंगलवार को यह बात कही।

जम्मू कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने ‘पीटीआई भाषा’ से कहा कि हमले के पीछे पाकिस्तान के प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का हाथ होने का संदेह है।

जम्मू हवाईअड्डे के परिसर में स्थित वायु सेना के स्टेशन पर रविवार को दो ड्रोनों से विस्फोटक सामग्री गिराई गयी जिससे दो कर्मी घायल हो गये। माना जा रहा है कि विस्फोटक में आरडीएक्स समेत अलग-अलग विस्फोटक सामग्री मिलाई गयी। मामले की जांच मंगलवार को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) को सौंप दी गयी।

गृह मंत्रालय ने भारतीय वायु सेना के स्टेशन पर अपनी तरह के पहले आतंकवादी हमले की जांच एनआईए को सौंपने का फैसला लिया।

हालात और जांच पर नजर रख रहे 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी सिंह ने कहा कि इस बात की पूरी संभावना है कि मानवरहित वायुयान (ड्रोन) सीमापार से उड़कर आए हों और अपने काम को अंजाम देने के बाद लौट गये हों।

सिंह ने कहा, ‘‘हम अभी मामले की जांच कर रहे हैं और हमें जो भी जानकारी मिलती है उसे अन्य सुरक्षा एजेंसियों को मुहैया कराएंगे।’’

पुलिस ने जम्मू और पड़ोस के इलाकों में सिलसिलेवार छापे मारे लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं जुटा पाई। डीजीपी ने कहा कि ड्रोन के सीमापार से आने का संदेह है लेकिन हम अभी जांच कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पुलिस ने महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को आतंकवादी संगठनों से नये खतरे के बारे में अवगत करा दिया है। सभी एहतियाती कदम उठाये गये हैं।

सिंह ने कहा कि जनता को जम्मू कश्मीर में ड्रोनों का अनधिकृत इस्तेमाल नहीं करने के संबंध में आम चेतावनी जारी कर दी गयी है। ऐसा होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कश्मीर में प्रमुख केन्द्रों के पास बढ़ाई गई सुरक्षा

श्रीनगर: पूरे कश्मीर में ड्रोन हमलों की आशंका के बीच प्रमुख केन्द्रों के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक विजय कुमार ने पत्रकारों से कहा, ‘‘ सोमवार को ‘चिनार कोर’ के जनरल ऑफिसर कमांडिंग के नेतृत्व में एक बैठक हुई, जिसमें मैं शामिल हुआ था। प्रमुख केन्द्रों और नियंत्रण रेखा के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।’’

ड्रोन हमलों की आशंका के बीच सुरक्षा बल द्वारा उठाए कदमों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने यह जवाब दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘ कल से एक दिन पहले सेना, केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), वायुसेना और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) सहित सभी सुरक्षा बलों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक हुई थी। हमने तैयारी की है... यह एक गंभीर खतरा है, जिससे तकनीकी रूप से निपटा जाएगा। हमने इस संदर्भ में तैनाती की है। सामरिक महत्व को देखते हुए इससे जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा नहीं की जा सकती।’’

कुमार ने कहा कि पुलिस ने शहर में में आज सुबह एक ड्रोन पकड़ा और मामले में प्राथमिकी भी दर्ज की गई है। ‘‘ हम इस संबंध में कार्रवाई कर रहे हैं।’’

Jammu drone attack
Jammu airbase
Jammu and Kashmir

Related Stories

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

कश्मीर में हिंसा का नया दौर, शासकीय नीति की विफलता

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

कश्मीरी पंडितों के लिए पीएम जॉब पैकेज में कोई सुरक्षित आवास, पदोन्नति नहीं 

यासीन मलिक को उम्रक़ैद : कश्मीरियों का अलगाव और बढ़ेगा

आतंकवाद के वित्तपोषण मामले में कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक को उम्रक़ैद

जम्मू में आप ने मचाई हलचल, लेकिन कश्मीर उसके लिए अब भी चुनौती

जम्मू-कश्मीर परिसीमन से नाराज़गी, प्रशांत की राजनीतिक आकांक्षा, चंदौली मे दमन


बाकी खबरें

  • बी. सिवरामन
    खाद्य मुद्रास्फीति संकट को और बढ़ाएगा रूस-यूक्रेन युद्ध
    04 Apr 2022
    सिर्फ़ भारत में ही नहीं, खाद्य मुद्रास्फीति अब वैश्विक मुद्दा है। यह बीजिंग रिव्यू के ताजा अंक की कवर स्टोरी है। संयोग से वह कुछ दिन पहले न्यूयॉर्क टाइम्स की भी एक प्रमुख कहानी बन गई।
  • राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: सांप्रदायिकता का विकास क्या विकास नहीं है!
    04 Apr 2022
    वो नेहरू-गांधियों वाला पुराना इंडिया था, जिसमें सांप्रदायिकता को तरक्की का और खासतौर पर आधुनिक उद्योग-धंधों की तरक्की का, दुश्मन माना जाता था। पर अब और नहीं। नये इंडिया में ऐसे अंधविश्वास नहीं चलते।
  • विजय विनीत
    ग्राउंड रिपोर्ट: किसानों के सामने ही ख़ाक हो गई उनकी मेहनत, उनकी फसलें, प्रशासन से नहीं मिल पाई पर्याप्त मदद
    04 Apr 2022
    "हमारी ज़िंदगी ही खेती है। जब खेती बर्बाद होती है तो हमारी समूची ज़िंदगी तबाह हो जाती है। सिर्फ़ एक ज़िंदगी नहीं, समूचा परिवार तबाह हो जाता है। पक चुकी गेहूं की फसल की मडाई की तैयारी चल रही थी। आग लगी…
  • भाषा
    इमरान खान के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव खारिज किए जाने पर सुनवाई करेगा उच्चतम न्यायालय
    04 Apr 2022
    पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने देश के प्रधानमंत्री इमरान खान की सिफारिश पर नेशनल असेंबली (एनए) को भंग कर दिया है। इससे कुछ ही देर पहले नेशनल असेंबली के उपाध्यक्ष कासिम सूरी ने प्रधानमंत्री के…
  • शिरीष खरे
    कोविड-19 टीकाकरण : एक साल बाद भी भ्रांतियां और भय क्यों?
    04 Apr 2022
    महाराष्ट्र के पिलखाना जैसे गांवों में टीकाकरण के तहत 'हर-घर दस्तक' के बावजूद गिने-चुने लोगों ने ही कोविड का टीका लगवाया। सवाल है कि कोविड रोधी टीकाकरण अभियान के एक साल बाद भी यह स्थिति क्यों?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License