NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
वाम दलों और राजद ने सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर योगी सरकार पर निशाना साधा
''हम उत्तर प्रदेश के घटनाक्रमों को लेकर चिंता प्रकट करते हैं। उप्र में विरोध प्रदर्शन का जवाब योगी ने बहुत ही निंदनीय तरीके से दिया और कहा कि हम बदला लेंगे।''
भाषा
15 Jan 2020
CAA-NPR-NRC PROTEST UP

दिल्ली:माकपा, भाकपा और राजद ने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर बुधवार को उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा और दावा किया कि इस पूरे आंदोलन को धार्मिक रंग देने की कोशिश की गई जबकि यह संविधान बचाने के लिए किया जा रहा संघर्ष है।

सी.पी.एम.  महासचिव सीताराम येचुरी ने भाकपा, राजद और लोकतांत्रिक जनता दल एवं कुछ मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में पत्रकारों से कहा, ''हम उत्तर प्रदेश के घटनाक्रमों को लेकर चिंता प्रकट करते हैं। उप्र में विरोध प्रदर्शन का जवाब योगी ने बहुत ही निंदनीय तरीके से दिया और कहा कि हम बदला लेंगे।''

उन्होंने दावा किया कि सिर्फ भाजपा शासित राज्यों में प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई गई जिनमें 20 से ज्यादा लोगों की मौत हुई।
 येचुरी ने कहा, '' हम इस कानून को संविधान विरोधी कहते हैं क्योंकि आजादी के बाद पहली बार नागरिकता देने के लिए धर्म को आधार बनाया गया। ''

उन्होंने कहा कि संविधान की रक्षा करने के लिए संघर्ष करना सबसे बड़ी देशभक्ति है।

लखनऊ में विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए पूर्व आईपीएस अधिकारी एस आर दारापुरी ने कहा कि राज्य की पुलिस ने नियमों को ताक पर रखकर काम किया और प्रदर्शनकारियों की पिटाई की गई। उन्होंने सवाल किया कि जब उप्र पुलिस के लोग उनके साथ ऐसा व्यवहार कर सकते हैं तो आम लोगों के साथ कैसा व्यवहार करते होंगे?

सीपीआई महासचिव डी राजा, लोजद नेता शरद यादव और राजद संसद मनोज झा भी संवाददाता सम्मेलन में मौजूद थे। 
 

Uttar Pradesh CAA Protest Religious Discrimination communalism Anti CAA Protest Yogi Government
CPM
CPI
RJD
Sitaram yechury

Related Stories

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

दिल्ली: सांप्रदायिक और बुलडोजर राजनीति के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

देशव्यापी हड़ताल को मिला कलाकारों का समर्थन, इप्टा ने दिखाया सरकारी 'मकड़जाल'

भारत बंद को सफल बनाने के लिए हर वर्ग से समर्थन मिल रहा हैः सीपीआई (एम)

त्रिपुरा में भाजपा द्वारा वाम मोर्चे और मीडिया संस्थानों पर बर्बर हिंसा के ख़िलाफ़ दिल्ली में माकपा का रोष प्रदर्शन

विधानसभा में बल प्रयोग के विरोध में कल बिहार बंद, तेजस्वी ने कहा डरने वाले नहीं, लड़ाई जारी रहेगी

चक्का जाम: पंजाब, हरियाणा, राजस्थान समेत देशभर में किसानों ने दिखाई एकजुटता, दिल्ली में 50 समर्थक हिरासत में

संसद अपडेट: राज्यसभा में विपक्ष ने किसान आंदोलन पर सरकार को घेरा, लोकसभा हुई स्थगित

विपक्षी नेताओं ने सोच-समझकर प्रदर्शन स्थलों से दूर रहने का निर्णय किया: वाम नेता

8 दिसंबर के किसानों के भारत बंद को वाम दलों का समर्थन


बाकी खबरें

  • Ahmed Hasan passes away
    भाषा
    उप्र विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन का निधन; योगी, अखिलेश ने दुख जताया
    19 Feb 2022
    वह पूर्व पुलिस अधिकारी थे। बाद में समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव उन्हें राजनीति में ले आये थे। हसन सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं। वर्तमान में वह विधान परिषद सदस्य और नेता…
  • Ravish Tiwari passes away
    भाषा
    वरिष्ठ पत्रकार रवीश तिवारी का निधन, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया शोक
    19 Feb 2022
    इंडियन एक्सप्रेस के राष्ट्रीय ब्यूरो के प्रमुख रवीश तिवारी कैंसर से पीड़ित थे और पिछले करीब दो वर्षों से इस बीमारी से जूझ रहे थे।
  • police
    नाइश हसन
    योगी की पुलिस कैसे कर रही चुनाव में ग़रीबों से वसूली: एक पड़ताल
    19 Feb 2022
    सवाल यह है कि क्या मात्र विज्ञापन या भाषण स्थितियों की असलियत बयान कर सकते हैं? हमने हालिया पुलिसिया दमन की पड़ताल करनी चाही, तो ‘अमृतकाल’ में ग़रीब बस्तियों का हाल कुछ और ही दिखा।
  • Protest in Myanmar
    लव पुरी
    कैसे सैन्य शासन के विरोध ने म्यांमार को 2021 के तख़्तापलट के बाद से बदल दिया है
    19 Feb 2022
    म्यांमार में सैन्य शासन नया नहीं है, लेकिन कुछ टिप्पणीकार बाइनरी लेंस से परे म्यांमार की स्थिति को समझने का प्रयास करते हैं।
  • AFGHAN
    क्रिस्टीन लेहनेन
    तालिबान के आने के बाद अफ़ग़ान सिनेमा का भविष्य क्या है?
    19 Feb 2022
    तीन पुरस्कार विजेता महिला निर्देशकों ने अंतर्राष्ट्रीय फिल्म उद्योग से अफ़ग़ान सिनेमा को बचाने की अपील की है। आज के दौर में इन महिला फिल्मकारों का समर्थन पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।  
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License