NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
आंदोलन
उत्पीड़न
भारत
राजनीति
हाथरस की पीड़िता के परिवार से मिला वाम दलों का प्रतिनिधिमंडल, न्यायिक जांच की मांग की
माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने साफ कहा कि वे यहां केवल सहानुभूति जताने नहीं आए हैं बल्कि ये कहने आए हैं कि वे पीड़ित परिवार के साथ हैं और इंसाफ़ के लिए संघर्ष करेंगे।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
06 Oct 2020
वाम दल
हाथरस में गैंगरेप पीड़िता के परिवार से मिलता हुआ वाम दलों का प्रतिनिधिमंडल। फोटो : सीपीएम के ट्विटर हैंडल से साभार

देश की प्रमुख वामपंथी पार्टियों भारत की कम्युनिस्ट पार्टी- मार्क्सवादी (माकपा/CPM) और भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा/CPI) के एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के हाथरस जाकर सामूहिक बलात्कार की पीड़िता के परिवार से मुलाकात की और न्यायिक जांच की मांग की।

इस प्रतिनिधिमंडल में माकपा महासचिव सीताराम येचुरी, भाकपा महासचिव डी राजा, माकपा पोलितब्यूरो की सदस्य बृंदा करात, भाकपा की राष्ट्रीय सचिव अमरजीत कौर, माकपा की उत्तर प्रदेश इकाई के सचिव हीरालाल यादव और भाकपा की उत्तर प्रदेश इकाई के सचिव गिरीश शर्मा शामिल थे।

येचुरी ने कहा, ‘‘हमें सामूहिक बलात्कार की इस घटना के बारे में जानकारी दी गई और यह भी बताया गया कि लड़की का देर रात परिवार की सहमति के बिना अंतिम संस्कार कर दिया गया।’’

उन्होंने कहा कि इस मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि वे यहां केवल सहानुभूति जताने नहीं आए हैं बल्कि ये कहने आए हैं कि वे पीड़ित परिवार के साथ हैं और इंसाफ़ के लिए संघर्ष करेंगे।

Comrade @SitaramYechury speaks after meeting the family of the Dalit girl who was gangraped and killed in #Hathras. pic.twitter.com/Sa6uRyRbSR

— CPI (M) (@cpimspeak) October 6, 2020

बृंदा करात ने कहा कि परिवार ने उन्हें बताया कि वे इस माहौल में खुद को बहुत असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने ये भी बताया कि वे सीबीआई जांच की बात से बहुत ज़्यादा खुश नहीं हैं। बृंदा ने कहा कि कोर्ट की निगरानी में जांच होनी चाहिए। परिवार की रक्षा के लिए होना चाहिए। उन्होंने इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रवैये की भी आलोचना की। बृंदा के अनुसार मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने आज तक नहीं कहा कि ये अपराध हुआ, ग़लत हुआ और हम लड़की के साथ हैं।

Brinda Karat at #Hathras after speaking with the mother of the Dalit girl who was gangraped and killed. pic.twitter.com/Bf965N7kKA

— CPI (M) (@cpimspeak) October 6, 2020

इसे पढ़ें : हाथरस मामले में सरकार और प्रशासन का दोहरा रवैया क्यों दिखाई पड़ता है?

image

गौरतलब है कि 14 सितम्बर को हाथरस में चार युवकों ने 19 वर्षीय एक दलित युवती से कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया था। गत मंगलवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में पीड़िता की मौत हो गई, जिसके बाद मंगलवार देर रात उसके शव का दाह-संस्कार कर दिया गया।

परिवार का कहना है कि पीड़िता का अंतिम संस्कार रात के समय जबरन कर दिया गया। हालांकि, प्रशासन ने कहा है कि परिवार की सहमति से अंतिम संस्कार किया गया।

उप्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने राज्यपाल को लिखा पत्र, योगी सरकार को बर्खास्त करने की मांग

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता राम गोविंद चौधरी ने मंगलवार को राज्यपाल को पत्र लिखकर लोकतंत्र और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए योगी सरकार को बर्खास्त करने की संस्तुति केंद्र सरकार को भेजने तथा हाथरस कांड की जांच किसी सेवारत न्यायाधीश की देखरेख में कराने की मांग की है।

समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता चौधरी ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की गलत नीतियों के कारण उत्तर प्रदेश में महिलाओं व बच्चियों के अपहरण तथा बलात्कार जैसे अपराध निरन्तर बढ़ रहे हैं। राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़े इसकी पुष्टि कर रहे हैं। हर 15 मिनट में बलात्कार की एक घटना हो रही है।

उन्होंने एनसीआरबी की वर्ष 2019 के रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि देश भर में भारतीय दंड संहिता के तहत पंजीकृत अपराध में 10.09 फीसदी अपराध उत्तर प्रदेश में हुए हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में वर्ष 2018 में 5,85,157 और वर्ष 2019 में 6,28,578 आपराधिक वारदात दर्ज की गई। यह पूरे देश में दर्ज अपराधों का 12.2 फीसदी है। इस तरह उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर आ गया है।

चौधरी ने हाथरस कांड की चर्चा करते हुए कहा कि इस मामले में पुलिस और प्रशासन का रवैया अत्यंत शर्मनाक रहा है। उन्होंने इस मामले की जांच किसी सेवारत न्यायाधीश की देखरेख में कराने की मांग की।

उन्होंने कहा कि हाथरस के साथ ही सूबे के विभिन्न हिस्सों में हुई छेड़छाड़ व बलात्कार की घटनाओं से प्रदेश की बदनामी हुई है जबकि राज्य की भाजपा सरकार अपनी असफलताओं को बर्बरतापूर्ण तरीके से छिपा रही है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Hathras
Hathras Rape case
left parties
CPM
CPI
Sitaram yechury
Vrinda Karat
Yogi Adityanath
BJP
UP police

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

चंदौली पहुंचे अखिलेश, बोले- निशा यादव का क़त्ल करने वाले ख़ाकी वालों पर कब चलेगा बुलडोज़र?

चंदौली: कोतवाल पर युवती का क़त्ल कर सुसाइड केस बनाने का आरोप

प्रयागराज में फिर एक ही परिवार के पांच लोगों की नृशंस हत्या, दो साल की बच्ची को भी मौत के घाट उतारा

रुड़की से ग्राउंड रिपोर्ट : डाडा जलालपुर में अभी भी तनाव, कई मुस्लिम परिवारों ने किया पलायन

हिमाचल प्रदेश के ऊना में 'धर्म संसद', यति नरसिंहानंद सहित हरिद्वार धर्म संसद के मुख्य आरोपी शामिल 

प्रयागराज: घर में सोते समय माता-पिता के साथ तीन बेटियों की निर्मम हत्या!

ग़ाज़ीपुर; मस्जिद पर भगवा झंडा लहराने का मामला: एक नाबालिग गिरफ़्तार, मुस्लिम समाज में डर

लखीमपुर हिंसा:आशीष मिश्रा की जमानत रद्द करने के लिए एसआईटी की रिपोर्ट पर न्यायालय ने उप्र सरकार से मांगा जवाब


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,568 नए मामले, 97 मरीज़ों की मौत 
    15 Mar 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.08 फ़ीसदी यानी 33 हज़ार 917 हो गयी है।
  • tree
    श्रुति एमडी
    तमिलनाडु के चाय बागान श्रमिकों को अच्छी चाय का एक प्याला भी मयस्सर नहीं
    15 Mar 2022
    मामूली वेतन, वन्यजीवों के हमलों, ख़राब स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य कारणों ने बड़ी संख्या में चाय बागान श्रमिकों को काम छोड़ने और मैदानी इलाक़ों में पलायन करने पर मजबूर कर दिया है।
  • नतालिया मार्क्वेस
    अमेरिका में रूस विरोधी उन्माद: किसका हित सध रहा है?
    15 Mar 2022
    संयुक्त राज्य अमेरिका का अपनी कार्रवाइयों के सिलसिले में सहमति बनाने को लेकर युद्ध उन्माद की आड़ में चालू पूर्वाग्रहों को बढ़ाने का एक लंबा इतिहास रहा है।
  • डॉ. राजू पाण्डेय
    डिजिटल फाइनेंस: कैशलेस होती दुनिया में बढ़ते फ़्रॉड, मुश्किलें भी आसानी भी..
    15 Mar 2022
    हर साल 15 मार्च के दिन विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष कंज़्यूमर इंटरनेशनल के 100 देशों में फैले हुए 200 कंज़्यूमर समूहों ने "फेयर डिजिटल फाइनेंस" को विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस की थीम…
  •  Scheme Workers
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्यों आंदोलन की राह पर हैं स्कीम वर्कर्स?
    14 Mar 2022
    हज़ारों की संख्या में स्कीम वर्कर्स 15 मार्च यानि कल संसद मार्च करेंगी। आखिर क्यों हैं वे आंदोलनरत ? जानने के लिए न्यूज़क्लिक ने बात की AR Sindhu से।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License