NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
फ़िलिस्तीन में 15 साल बाद विधायी और राष्ट्रपति चुनाव
राष्ट्रीय एकता हासिल करने की उम्मीद के साथ प्रतिद्वंद्वी फ़िलिस्तीनी गुटों के बीच वर्षों की बातचीत के बाद इन चुनावों को लेकर घोषणा हुई।
पीपल्स डिस्पैच
18 Jan 2021
फ़िलिस्तीन में 15 साल बाद विधायी aऔर राष्ट्रपति चुनाव

फ़िलिस्तीन जल्द ही 2006 के बाद पहली बार राष्ट्रीय चुनावों का गवाह बनेगा। वेस्ट बैंक, गाजा, और पूर्वी यरुशलम सहित कब्जे वाले सभी फिलिस्तीनी क्षेत्रों में होने वाले विधायी चुनाव इस वर्ष के 22 मई को होने वाले हैं और राष्ट्रपति का चुनाव 31 जुलाई को होना निर्धारित है।

फिलिस्तीनी केंद्रीय चुनाव आयोग के अध्यक्ष हन्ना नासिर ने राष्ट्रपति अब्बास के आदेश के एक दिन बाद शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए कहा कि 18 साल से अधिक उम्र के लगभग 2 मिलियन फिलिस्तीनी आगामी चुनावों में वोट देने के पात्र हैं।

चुनाव आयोग के अनुसार ये चुनाव 'चुनाव कानून' में कई नए संशोधनों के साथ होने वाला ऐसा पहला चुनाव होगा जिसमें केवल राजनीतिक दलें ही लड़ने के लिए पात्र हैं। यह पिछले नियमों के विपरीत होगा जिसमें जिला तथा राजनीतिक दलों का प्रतिनिधित्व करते हुए उम्मीदवार चुनाव लड़ते थे। इन चुनावों में 132-सदस्यीय राष्ट्रीय संसद में महिला उम्मीदवारों के लिए 25 प्रतिशत सीट कोटा आरक्षित होगा।

विभिन्न फिलिस्तीनी राजनीतिक गुट मिस्र की राजधानी काहिरा में अगले सप्ताह चुनावों के संबंध में इंट्रा-पैलेस्टिनियन टॉक में भाग लेने के लिए बैठक करेंगे। ये विशेष रूप से पश्चिम बैंक और गाजा में एक साथ चुनाव कराने के महत्वपूर्ण मुद्दे को लेकर चर्चा करेंगे जो क्रमशः फतह केप्रभुत्व वाले फिलिस्तीनी प्राधिकरण (पीए) और फिलिस्तीनी प्रतिरोध समूह के प्रतिद्वंद्वी प्रशासन द्वारा शासित है।

मतदाता पंजीकरण 10 फरवरी 2021 से शुरू होगा और पांच दिनों तक चलेगा।

फिलिस्तीन में चुनाव कराने के लिए सभी प्रकार की अस्थायी बाधाओं और संभावित बाधाओं के बावजूद चुनावों को लेकर हुई घोषणा का स्वागत किया गया और इस फैसले को महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय समर्थन देते हुए यूरोपीय संघ और ओआईसी (ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन) के साथ सभी क्षेत्रों से व्यापक सकारात्मक और सहायक प्रतिक्रिया मिली।

स्थानीय तौर पर अक्सर लड़ने वाला प्रतिद्वंद्वी फतह और हमास पार्टियों ने भी इस घोषणा का स्वागत किया। इसका स्वागत करते हुए हमास ने एक बयान में कहा, "फिलिस्तीनी लोगों के हित को प्राप्त करने में इन चुनावों की सफलता को देखने की काफी इच्छा है।" इसके अलावा, पीएफएलपी (पॉपुलर फ्रंट फॉर द लिबरेशन ऑफ पैलेस्टाइन) के सहायक महासचिव तलत नाजी ने राष्ट्रपति अब्बास को फोन पर बात करते हुए चुनावों कराने के लिए आदेश देने को लेकर उन्हें धन्यवाद दिया और राष्ट्रपति के सभी फैसलों के लिए समर्थन व्यक्त किया जिसका उद्देश्य फिलिस्तीन में राष्ट्रीय एकता हासिल करने में मदद करना है।

Palestine
Presidential Elections
Mahmoud Abbas

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

चिली की नई संविधान सभा में मज़दूरों और मज़दूरों के हक़ों को प्राथमिकता..

समय है कि चार्ल्स कोच अपने जलवायु दुष्प्रचार अभियान के बारे में साक्ष्य प्रस्तुत करें

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार

इज़राइल, फ़लस्तीन के बीच नए सिरे से हिंसा भड़कने की आशंका : संयुक्त राष्ट्र दूत


बाकी खबरें

  • अजय कुमार
    रिपोर्टर्स कलेक्टिव का खुलासा: कैसे उद्योगपतियों के फ़ायदे के लिए RBI के काम में हस्तक्षेप करती रही सरकार, बढ़ती गई महंगाई 
    07 Apr 2022
    द रिपोर्टर्स कलेक्टिव के पत्रकार सोमेश झा ने सूचना के अधिकार के तहत हासिल दस्तावेज़ों की छानबीन कर यह पता लगाया है कि कैसे रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया की स्वायत्तता को खत्म किया गया। कैसे रिज़र्व बैंक ऑफ़…
  • विजय विनीत
    सारनाथ के धमेक स्तूप की पूजा-प्रार्थना रोके जाने से पुरातत्व विभाग और बौद्ध धर्मावलंबियों में बढ़ा विवाद
    07 Apr 2022
    "अधीक्षण पुरातत्वविद अबिनाश मोहंती ने धमेक स्तूप की पूजा-ध्यान को धंधा बना लिया है। सख़्ती सिर्फ़ उन लोगों के साथ की जाती है जो सुविधा शुल्क नहीं देते। इनके दुर्व्यवहार से तंग आकर ताइवान, चीन, जापान,…
  • मनु मौदगिल
    भारतीय कैंपस के होस्टलों में ट्रांसजेंडर छात्रों के लिए अब भी जगह नहीं
    07 Apr 2022
    जेंडर स्पेसिफिक छात्रावास की ग़ैरमौजूदगी का मतलब ट्रांसजेंडर छात्रों को आवास सुविधाओं से वंचित कर दिया जाना होता है, और इस वजह से उनमें से कई छात्र कॉलेज छोड़ने के लिए मजबूर हो जाते हैं।
  • सोमा मारला
    ईंधन की क़ीमतों में बढ़ोतरी से ग़रीबों पर बोझ न डालें, अमीरों पर लगाएं टैक्स
    07 Apr 2022
    केंद्र सरकार ग़रीबों पर टैक्स लगाकर अमीरों से वसूले जाने वाले टैक्स में कटौती कर रही है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    डीएपी और एनपीके खाद महंगी हुई, माकपा ने बताया मोदी सरकार का एक और किसान विरोधी फ़ैसला
    07 Apr 2022
    "कभी कभी तो लगता है जैसे यह सरकार किसानों से किसान आंदोलन का बदला ले रही हो।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License