NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
लीबियाई गुट ने तेल परिसरों के लिए संयुक्त सुरक्षा पर समझौता किया, अगले सप्ताह शांति समझौते के राजनीतिक पहलुओं पर होगी चर्चा
लीबिया में शांति और स्थिरता को लेकर वार्ता जारी है। ये वार्ता जेनेवा में अक्टूबर महीने में हुए युद्धरत पक्षों के बीच युद्धविराम समझौते के बाद शुरू हुआ।
पीपल्स डिस्पैच
17 Nov 2020
लीबिया

लीबिया में युद्ध को समाप्त करने और उत्तरी अफ्रीका में तेल समृद्ध देश में शांति और स्थिरता लाने के लिए समानांतर सैनिक और राजनीतिक वार्ता जारी थी। ये वार्ता देश के तेल परिसरों की रक्षा के लिए सैन्य बलों के बीच एक प्रमुख समझौते पर समाप्त हुआ जबकि राजनीतिक वार्ता को एक हफ्ते के लिए टाल दिया गया है। कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये प्रक्रिया सोमवार 16 नवंबर को हुई। 24 नवंबर 2021 को निर्धारित आम चुनावों के मद्देनजर अंतरिम चरण में देश में सत्ता संभालने के लिए ट्रांजिशनल सरकार बनाने में विफल रहने के बाद राजनीतिक वार्ता को निलंबित किया गया।

नेशनल ऑयल कॉर्पोरेशन (एनओसी) के प्रमुख मुस्तफा सानल्ला ने सोमवार को लीबिया के शहर ब्रेगा में संयुक्त रूप से आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि लीबिया की तेल परिसरों की रक्षा के लिए एक संयुक्त सुरक्षा बल का गठन किया जाएगा। नए सुरक्षा बल में औद्योगिक सुरक्षा बल, लीबिया की सेना साथ ही पूरी तरह से नवगठित सुरक्षा बल के कर्मी शामिल होंगे और इसमें नागरिक और सैन्य कर्मी दोनों शामिल होंगे। सानल्ला ने यह भी कहा कि नया फोर्स एनओसी के दायरे में आएगा।

लीबिया में संयुक्त राष्ट्र के अंतरिम दूत स्टेफनी विलियम्स ने मिलिट्री विंग के बीच इस समझौते का स्वागत करते हुए एक संक्षिप्त बयान में कहा कि "आज इस ऐतिहासिक स्थान पर इस ऐतिहासिक क्षण में हमने पेट्रोलियम परिसरों के गार्ड को एकजुट करने के लिए एक प्रक्रिया शुरू की।" उन्होंने आगे कहा कि यूएन देश की संप्रभुता के मद्देनज़र लीबिया के तेल उत्पादन में योगदान देने वाली सभी विभिन्न तेल कंपनियों का समर्थन करता है।

इस बीच ट्यूनीशिया की राजधानी ट्यूनिस में पिछले हफ्ते की जा रही राजनीतिक वार्ता को निलंबित कर दिया गया है और अगले सप्ताह फिर से शुरू किया जाएगा। विलियम्स ने कहा कि लीबियन पॉलिटिकल डायलॉग फोरम के शीर्षक वाली ये वार्ता संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में हो रही थी और "भावी प्राधिकरण के लिए चयन तंत्र पर सहमति के लिए एक सप्ताह में एक वर्चुअल बैठक में फिर होगा।" संभावित चुनावों की ओर अग्रसर ट्रांजिशन फेज के लिए अंतरिम सरकार पर सहमति के लिए वार्ता की विफलता की ओर संकेत करते हुए उन्होंने आगे कहा कि "किसी भी नाम पर चर्चा नहीं की गई थी।"

libya
oil complexes
National Oil Corporation
NOC

Related Stories

अफ़्रीकी देश अपनी मुद्रायें यूरोप से क्यों छपवाते हैं

लीबिया में युद्ध समाप्त करने और दिसंबर में चुनावों की रूपरेखा को अंतिम रूप देने को बातचीत फिर शुरू

लीबिया पर शांति सम्मेलन में देश से सभी विदेशी सैनिकों को तत्काल वापस लेने का आह्वान

लीबिया की अंतरिम सरकार ने तुर्की को देश से अपनी सेना वापस लेने के लिए कहा

बिना दस्तावेज़ वाले प्रावसियों को ले जा रही नाव के लीबिया तट के पास डूबने से 11 लोगों की मौत

लीबिया की संसद ने अंतरिम यूनिटी सरकार को मंज़ूरी दी

लीबिया की संसद ने संयुक्त राष्ट्र समर्थित अंतरिम सरकार के भविष्य पर बैठक की

लीबिया में अंतरिम सरकार के लिए उम्मीदवारों की घोषणा का यूएन ने स्वागत किया

संयुक्त राष्ट्र ने लीबिया से सभी विदेशी सैनिकों की तत्काल वापसी की मांग की

लीबिया में संयुक्त राष्ट्र प्रायोजित शांति वार्ता का दूसरा दौर वर्चुअल रूप में शुरू हुआ


बाकी खबरें

  • Sudan
    पवन कुलकर्णी
    कड़ी कार्रवाई के बावजूद सूडान में सैन्य तख़्तापलट का विरोध जारी
    18 Jan 2022
    सुरक्षा बलों की ओर से बढ़ती हिंसा के बावजूद अमेरिका और उसके क्षेत्रीय और पश्चिमी सहयोगियों के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र भी बातचीत का आह्वान करते रहे हैं। हालांकि, सड़कों पर "कोई बातचीत नहीं, कोई समझौता…
  • CSTO
    एम. के. भद्रकुमार
    कज़ाख़िस्तान में पूरा हुआ CSTO का मिशन 
    18 Jan 2022
    रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बुधवार को क्रेमलिन में रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु के साथ कज़ाख़िस्तान मिशन के बारे में कलेक्टिव सिक्योरिटी ट्रीट ऑर्गनाइजेशन की “वर्किंग मीटिंग” के बाद दी गई चेतावनी…
  • election rally
    रवि शंकर दुबे
    क्या सिर्फ़ विपक्षियों के लिए हैं कोरोना गाइडलाइन? बीजेपी के जुलूस चुनाव आयोग की नज़रो से दूर क्यों?
    18 Jan 2022
    कोरोना गाइडलाइंस के परवाह न करते हुए हर राजनीतिक दल अपनी-अपनी तरह से प्रचार में जुटे हैं, ऐसे में विपक्षी पार्टियों पर कई मामले दर्ज किए जा चुके हैं लेकिन बीजेपी के चुनावी जुलूसों पर अब भी कोई बड़ी…
  • Rohit vemula
    फ़र्रह शकेब
    स्मृति शेष: रोहित वेमूला की “संस्थागत हत्या” के 6 वर्ष बाद क्या कुछ बदला है
    18 Jan 2022
    दलित उत्पीड़न की घटनायें हमारे सामान्य जीवन में इतनी सामान्य हो गयी हैं कि हम और हमारी सामूहिक चेतना इसकी आदी हो चुकी है। लेकिन इन्हीं के दरमियान बीच-बीच में बज़ाहिर कुछ सामान्य सी घटनाओं के प्रतिरोध…
  • bank
    प्रभात पटनायक
    पूंजीवाद के अंतर्गत वित्तीय बाज़ारों के लिए बैंक का निजीकरण हितकर नहीं
    18 Jan 2022
    बैंकों का सरकारी स्वामित्व न केवल संस्थागत ऋण की व्यापक पहुंच प्रदान करता है बल्कि पूंजीवाद की वित्तीय प्रणाली की स्थिरता के लिए भी आवश्यक है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License