NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
लिथुआनिया के समाजवादी नेता अल्गिरदास पैलेकिस रिहा
लिथुआनिया की सरकार ने अक्टूबर 2018 से विपक्षी नेता और वामपंथी एफआरओएनटीएस पार्टी के संस्थापक अल्गिरदास को "अभियोजकों का अपहरण करने के इरादे" और रूसी जासूस होने का आरोप लगाते हुए जेल में बंद कर रखा था।
पीपल्स डिस्पैच
07 Apr 2020
Aligirdas Paleckis
रसोफोबिक लिथुआनियाई सरकार और दक्षिणपंथी समाजवादियों को निशाना बना रहे हैं।

लिथुआनिया के समाजवादी नेता और पूर्व राजनयिक अल्गिरदास पैलेकिस को सोमवार 6 अप्रैल को अदालत के आदेश के बाद जेल से रिहा कर दिया गया है। अदालत ने हिरासत में ज़्यादा सख्ती नहीं बरतने का भी आदेश दिया था। इस फैसले के बाद उन्हें सिऔलिआई रिमांड सेंटर से रिहा कर दिया गया लेकिन अगले छह महीनों तक घर में ही रहना होगा।

उन्हें लिथुआनिया के अधिकारियों द्वारा अक्टूबर 2018 से "अभियोजकों के अपहरण करने के इरादे" और रूसी जासूस होने के आरोपों को लेकर हिरासत में रखा गया है।

सोमवार को रिमांड सेंटर से उनकी रिहाई के बाद; अल्गिरदास पैलेकिस ने LRT.lt को बताया कि "मुझे विश्वास है कि मैं अपना बचाव करूंगा"।

यह बताया गया है कि पैलेकिस को हिरासत में रखे जाने के बाद से उन्हें अपनी पत्नी को छोड़कर किसी से भी मिलने की अनुमति नहीं दी गई है और वह भी सिर्फ एक बार।

अल्गिरदास सोशलिस्ट पार्टी एफआरओएनटीएएस के संस्थापक है जो दक्षिणपंथी ताकतों और लिथुआनियाई सरकार द्वारा अपने विचार को लेकर शिकार हुए हैं क्योंकि उनके लेखन ने 1991 के सोवियत विरोधी प्रदर्शनों के दौरान सैकड़ों लिथुआनियाई लोगों की मौत के मामले में भाड़े के दक्षिणपंथी सैनिकों की भूमिका को उजागर किया था।

इससे पहले, लिथुआनिया के सोशलिस्ट पीपुल्स फ्रंट ने पैलेकिस के लिए बुनियादी कानूनी अधिकार सुनिश्चित करने और देश में समाजवादियों के सरकार-प्रायोजित शिकार की निंदा करने के लिए एक ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है।

इस वर्ष मार्च महीने में एक चौंका देने वाले फैसले में लिथुआनियाई अधिकारियों ने समाजवादी नेता गिएद्रियस ग्रैबॉस्कस को उनकी मानसिक संतुलन साबित करने के लिए मनोरोग संबंधी जांच कराने की मांग की है। गिएद्रियस ग्रैबॉस्कस नाज़ियों के गुणगान के खिलाफ और उनके अपराधों के बारे में जागरूकता फैलाने वाले अभियानों में सक्रिय रहे हैं।

साभार :पीपल्स डिस्पैच

Aligirdas Paleckis
Lithuania
FRONTS Party
International news

Related Stories

दुनिया भर की: कोलंबिया में पहली बार वामपंथी राष्ट्रपति बनने की संभावना

अमेरिका में महिलाओं के हक़ पर हमला, गर्भपात अधिकार छीनने की तैयारी, उधर Energy War में घिरी दुनिया

रूस-यूक्रैन संघर्षः जंग ही चाहते हैं जंगखोर और श्रीलंका में विरोध हुआ धारदार

दुनिया भर की: सोमालिया पर मानवीय संवेदनाओं की अकाल मौत

कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा

दुनिया भर की: जर्मनी में ‘ट्रैफिक लाइट गठबंधन’ के हाथों में शासन की कमान

ईरान हो या इज़रायल, क्या भारत का दांव उल्टा?

दुनिया भर की : नेतन्याहू के जानेभर से इज़रायल भला नहीं बन जाएगा

थाईलैंड : "राजशाही के अपमान" को लेकर प्रदर्शनकारियों पर मुक़दमा शुरू

लीबिया में अंतरिम सरकार के लिए उम्मीदवारों की घोषणा का यूएन ने स्वागत किया


बाकी खबरें

  • नीलांजन मुखोपाध्याय
    यूपी: योगी 2.0 में उच्च-जाति के मंत्रियों का दबदबा, दलितों-पिछड़ों और महिलाओं की जगह ख़ानापूर्ति..
    02 Apr 2022
    52 मंत्रियों में से 21 सवर्ण मंत्री हैं, जिनमें से 13 ब्राह्मण या राजपूत हैं।
  • अजय तोमर
    कर्नाटक: मलूर में दो-तरफा पलायन बन रही है मज़दूरों की बेबसी की वजह
    02 Apr 2022
    भारी संख्या में दिहाड़ी मज़दूरों का पलायन देश भर में श्रम के अवसरों की स्थिति को दर्शाता है।
  • प्रेम कुमार
    सीबीआई पर खड़े होते सवालों के लिए कौन ज़िम्मेदार? कैसे बचेगी CBI की साख? 
    02 Apr 2022
    सवाल यह है कि क्या खुद सीबीआई अपनी साख बचा सकती है? क्या सीबीआई की गिरती साख के लिए केवल सीबीआई ही जिम्मेदार है? संवैधानिक संस्था का कवच नहीं होने की वजह से सीबीआई काम नहीं कर पाती।
  • पीपल्स डिस्पैच
    लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया
    02 Apr 2022
    इज़रायल के क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों में और विदेशों में रिफ़्यूजियों की तरह रहने वाले फ़िलिस्तीनी लोग लैंड डे मनाते हैं। यह दिन इज़रायली क़ब्ज़े के ख़िलाफ़ साझे संघर्ष और वापसी के अधिकार की ओर प्रतिबद्धता का…
  • मोहम्मद सज्जाद, मोहम्मद ज़ीशान अहमद
    भारत को अपने पहले मुस्लिम न्यायविद को क्यों याद करना चाहिए 
    02 Apr 2022
    औपनिवेशिक काल में एक उच्च न्यायालय के पहले मुस्लिम न्यायाधीश, सैयद महमूद का पेशेवराना सलूक आज की भारतीय न्यायपालिका में गिरते मानकों के लिए एक काउंटरपॉइंट देता है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License