NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कानून
घटना-दुर्घटना
विधानसभा चुनाव
भारत
राजनीति
मध्य प्रदेश : खरगोन हिंसा के एक महीने बाद नीमच में दो समुदायों के बीच टकराव
टकराव की यह घटना तब हुई, जब एक भीड़ ने एक मस्जिद को आग लगा दी, और इससे कुछ घंटे पहले ही कई शताब्दी पुरानी दरगाह की दीवार पर हनुमान की मूर्ति स्थापित कर दी गई थी।
काशिफ़ काकवी
18 May 2022
buldozer

भोपाल: मध्यप्रदेश पुलिस के मुताबिक़ नीमच में वक़्फ बोर्ड की ज़मीन पर कई शताब्दियों पहले बनाई गई दरगाह पर भीड़ ने हनुमान की मूर्ति स्थापित कर दी, इसके बाद एक मस्जिद में आग लगा दी, जिसके चलते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और दो समुदाय एक-दूसरे के सामने आ गए।

पुलिस के मुताबिक़, एक दक्षिणपंथी समूह ने करीब़ पंद्रह दिन पहले हनुमान की मूर्ति को दरगाह के पास स्थापित किया था। सोमवार दोपहर को दरगाह के सरकारी ज़मीन पर अतिक्रमण का आरोप लगाते हुए भीड़ ने मूर्ति को दरगाह की दीवार पर स्थापित कर दिया। मस्जिद की प्रबंधन समिति ने इस चीज का विरोध किया और दोनों समूहों के बीच गरमा-गरम बहस हो गई।

तनावपूर्ण स्थिति को ख़त्म करने के लिए पुलिस ने दोनों समुदायों को पुलिस कंट्रोल रूम बुलाया। इस बीच शाम साढ़े सात बजे, सरदरा मोहल्ला के पास कुछ असामाजिक तत्वों के समूहों ने पथराव कर दिया, जिसके बाद पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल करना पड़ा।

जब स्थिति बदतर होती गई, तो अतिरिक्त जिलाधीश नेहा मीणा ने नीमच थाना क्षेत्र में धारा 144 (पांच या ज़्यादा लोगों के समूह के इकट्ठे होने पर प्रतिबंध) लगा दी। मस्जिद की देखरेख करने वालों में शामिल जुबैन निशा घटना की चश्मदीद हैं, उन्होंने बताया कि जब हिंदू भीड़ मस्जिद की दीवार पर भगवान हनुमान की मूर्ति रख रही थी, तब वहां पुलिस मौजूद थी।

उन्होंने कहा, "भीड़ ने ना केवल मूर्ति की स्थापना की, बल्कि पुलिस की मौजूदगी में मुस्लिम कॉलोनियों में पत्थरों से हमला किया और दरगाह से 700 मीटर दूर स्थित मदनी मस्ज़िद में आग लगा दी।"

वह कहती हैं, "जो भी लोग मूर्ति की स्थापना और तोड़-फोड़ करने के लिए आए थे, वे अनजान थे।"

कुछ वीडियो में भी एक उत्तेजित भीड़ दिखाई दे रही है, जो पुरानी कचहरी क्षेत्र में स्थित मदनी मस्जिद के सामने जय श्री राम और "जब क**** का**** जाएंगे" जैसे नारे लगा रही थी और आरोप है कि बाद में इसी भीड़ ने मस्जिद में आग लगा दी।

नीमच में दरगाह को निशाना बनाने की यह कोई अकेली घटना नहीं है। 3 अक्टूबर को भोपाल से 450 किलोमीटर दूर नीमच जिले में एक दरगाह में करीब़ दो दर्जन नकाबपोशों ने बमों का इस्तेमाल कर तोड़फोड़ की और इसकी देखरेख करने वाले खादिम नूर शाह व दो श्रद्धालुओं की धर्म परिवर्तन के शक में बुरे तरीके से पिटाई कर दी।

घटना के 6 महीने बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जब से 20 मार्च 2020 को कांग्रेस सरकार को गिराने के बाद से बीजेपी सत्ता में आई है, मध्य प्रदेश में त्योहारों के दौरान सांप्रदायिक दंगों की लहर देखी गई है। खरगोन में 10 अप्रैल 2022 को राम नवमी जुलूस के दौरान सांप्रदायिक हिंसा हुई थी।

इसी तरह की घटना खरगोन से 60 किलोमीटर दूर बड़वानी जिले के सेंधवा प्रखंड में हुई थी। इसके अलावा जबलपुर, दार, इंदौर, उज्जैन, मंदसौर, बुरहानपुर व अन्य शहरों में भी सांप्रदायिक तनाव हाल में बना है।

घटना के बारे में बात करते हुए नीमच के एसपी सूरज कुमार ने कहा, "जैसे ही हमें दोपहर को दरगाह के पास मूर्ति स्थापित करने के बारे में जानकारी मिली, हम तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। स्थिति को विस्फोटक होने से रोकने के लिए हमने अल्पसंख्यक समुदायों के सदस्यों को घटनास्थल पर इकट्ठा होने के बजाए, कंट्रोल रूम में बैठने और अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए कहा गया।"

जब दोपहर में स्थिति पर नियंत्रण भी पा लिया गया था, तभी दरगाह से 700 मीटर दूर स्थित मस्ज़िद में आग देखी गई। वह कहते हैं, "मस्जिद में रखे कुछ उपकरणों जैसे-कूलर में आग लगा दी गई। तुरंत अग्निशमन गाड़ियों को वहां पहुंचाया गया और भड़कती आग को नियंत्रण में लाया गया।"

नीमच पुलिस के मुताबिक़ आईपीसी की धारा 452, 323, 435, 147, 148, 149 और 295 के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। एसपी ने न्यूजक्लिक को बताया कि अब तक 9 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, उन्होंने यह भी बताया कि घटना में एक पुलिस अधिकारी को घुटने में चोट लगी है, जबकि रंगरेज मुहल्ले के रहने वाले 23 साल के यूनुस खान घायल हुए थे, जिसके बाद उन्हें उदयपुर इलाज के लिए भेजा गया है।

एसपी ने कहा, "हम निजी और सरकारी कैमरों से असामाजिक तत्वों को पकड़ने के लिए सीसीटीवी फुटेज देख रहे हैं। अब तक हमें घायलों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। हम जिला अस्पताल और सभी पुलिस थानों में घायलों से संबंधित रिपोर्ट आने की संभावना पर नज़र बनाए हुए हैं।"

एसपी कुमार ने बताया कि घटना के बाद कानून-व्यवस्था बनाने के लिए दोनों ही धार्मिक जगहों पर फिलहाल आवाजाही रोक दी गई है।

उन्होंने आगे कहा कि आरोपियों की पहचान के बाद उनकी अवैध संपत्तियों को गिराया जाएगा और जांच के बाद लगातार आपराधिक कामों में शामिल होने वाले लोगों के खिलाफ़ एनएसए लगाया जाएगा।

घटना पर मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने स्थिति को नियंत्रण में ना कर पाने में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने ट्विटर पर शांति की अपील भी की। 

घटना पर कटाक्ष करते हुए एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट करते हुए लिखा, "सर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, क्या आपकी सरकार एक मस्जिद और दरगाह में तोड़फोड़ करने वाले आरोपियों को गिरफ़्तार करेगी? हम जानते हैं कि बुलडोजर सिर्फ़ निर्दोष मुस्लिमों के खिलाफ़ ही इस्तेमाल किए जाएंगे।"

इस लेख को मूल अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें।

https://www.newsclick.in/MP-Almost-Month-After-Khargone-Riot-Clash-Broke-Neemuch

 

Bhopal
Khargone
MP
Communal riots
Hindu
mosques

Related Stories


बाकी खबरें

  • custodial death
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    उत्तर प्रदेश: पुलिस की ज़्यादती का एक और मामला, सफ़ाईकर्मी की पुलिस हिरासत में मौत
    22 Oct 2021
    घटना से वाल्मीकि समाज ग़ुस्से में है। दलित कार्यकर्ताओं समेत बड़ी संख्या में लोग पोस्टमार्टम स्थल पर इकट्ठा हो गए और संबंधित पुलिस कर्मियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की।
  • jail
    सोनिया यादव
    प्रिवेंटिव डिटेंशन क्या क़ानून के नाम पर भरपूर मनमानियां करने का ज़रिया है?
    22 Oct 2021
    एहतियातन हिरासत को लेकर देश के 100 रिटायर्ड प्रशासनिक अधिकारियों ने केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू को एक खुली चिट्ठी लिखी है। चिट्ठी में कहा गया है कि इस अधिसूचना को जारी करने में 43 वर्षों की…
  • cartoon
    आज का कार्टून
    100 करोड़ वैक्सीन डोज आंकड़े के सिवाय और कुछ भी नहीं!
    22 Oct 2021
    100 करोड़ वैक्सीन डोज महज आंकड़ा है। अगर देश के सामर्थ्य का प्रतिबिंब होता तो अब तक 100 करोड़ लोगों को दोनों डोज मुफ्त में आसानी से लग चुका होता।
  • jammu
    अबास राथर
    जम्मू-कश्मीर: सुस्त प्रशासन का लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बाधा डालना जारी
    22 Oct 2021
    जिला विकास परिषद (डीडीसी) के चुनावों के लगभग नौ महीने बीत चुके हैं, लेकिन नौकरशाही और निर्वाचित प्रतिनिधियों के बीच कामकाजी संगति नहीं बन सकी है। यह होने की बजाय, हम केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन को…
  • Refugees
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    अगर सभी शरणार्थी एक देश में रह रहे होते, तो वह देश दुनिया का 17वाँ सबसे बड़ा देश होता
    22 Oct 2021
    अकेले संयुक्त राष्ट्र की गणना के हिसाब से, इस समय लगभग 8.3 करोड़ लोग विस्थापित हैं, और यदि ये सभी विस्थापित एक ही स्थान पर रहें तो वे आपस में मिलकर दुनिया का 17वाँ सबसे अधिक आबादी वाला देश बन जाएँगे।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License