NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मध्यप्रदेश: हिंदुत्ववादी संगठनों की शौर्य यात्रा को लेकर तनाव, पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल
मध्यप्रदेश में कुछ हिंदुत्ववादी संगठनों ने शौर्य यात्रा के नाम पर जमकर उत्पात मचाया। जब मामला पुलिस तक पहुंचा तो पुलिस उपद्रवियों पर कार्रवाई की जगह पीड़ितों पर ही डंडा तानने लगी...
मौहम्मद अली
28 Dec 2021
RIGHT-WINGS

मध्य प्रदेश के धार में एक बार फिर तथाकथित हिंदुत्ववादी संगठनों की शौर्य यात्रा के दौरान सांप्रदायिक तनाव हो गया।

1992 में बाबरी मस्जिद शहीद करने के बाद से मध्य प्रदेश के धार जिले में विश्व हिंदू परिषद (VHP), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) समेत हिंदुत्ववादी संगठन शौर्य यात्रा निकलते हैं। जिसका आयोजन इस बार भी हिंदुत्ववादी संगठनों के द्वारा किया जा रहा था, यह यात्रा 23 दिसंबर को धार ज़िले में निकल रहीं थीं, जिसमें 5 हज़ार से अधिक लोगों की भीड़ मौजूद थीं तथा ज्यादातर लोगों के हाथों में तलवारें थीं।

शौर्य यात्रा जैसे ही मनावर में पहुंची तो भीड़ में मौजूद लोग प्रशासन द्वारा तय रूट के बजाए गांधी नगर (जो मुस्लिम बहुल इलाका हैं) में घुसने लगे। पुलिस ने लोगों को रोकने की कोशिश की, लेकिन यात्रा में मौजूद लोग पुलिस से ही भिड़ गए। इस दौरान भीड़ और पुलिस के बीच कथित झड़प भी हो गई तथा पुलिस द्वारा मामूली बल प्रयोग करने पर भगदड़ मच गई।

भगदड़ मचने के बाद इलाके में अफवाह फैल गई कि दंगा हो गया, अफवाह फैलने के बाद घटनास्थल से एक किलोमीटर दूर बालीपुर फाटा इलाके में दो समुदायों के लोगों के बीच में पत्थरबाजी होने लगीं तथा कुछ लोग गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचाने लगाएं, जिससे इलाके में तनाव का माहौल पैदा हो गया।

इस घटना के बाद पुलिस ने तीन अलग-अलग मामले दर्ज़ करके 25 लोगों को नामजद किया, जिसमें से अब तक 15 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका हैं। जिसमें सभी अभियुक्त मुसलमान हैं।

पुलिस की एक तरफा कार्रवाई के कारण इलाके के लोग दहशत में हैं। मुसलमान डर की वजह से इस घटना के बारे में बात नहीं करना चाहते। उनका कहना है कि अगर उन्होंने इस घटना के बारे में कुछ बताया तो पुलिस उन्हें भी आरोपी बना कर गिरफ्तार कर सकती है।

पुलिस प्रशासन ने एक तरफा कार्रवाई करते हुए ख़लील खत्री नामक मुस्लिम व्यक्ति का मकान भी गिरा दिया। दरअसल खलील फेब्रिकेशन का काम करते हैं उन्होंने पूरा मकान कुछ लोगों को किराये पर दे रखा था, जबकि वह कुछ दूरी पर दूसरे मकान में रहते थे।

पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार का कहना है कि "ख़लील खत्री के मकान में जो लड़के रहते हैं उन्होंने इस घटना में मुख्य रूप से भूमिका अदा की हैं तथा मकान से तलवार, कैंची और कुल्हाड़ी भी बरामद हुई हैं।"

देवेंद्र पाटीदार के अनुसार "मकान के दस्तावेज जांचने के बाद पता चला है कि यह बगैर अनुमति के निर्मित किया गया था। जिसके कारण अवैध अतिक्रमण को तोड़ने की कार्रवाई की गई हैं।"

देवेंद्र पाटीदार के अनुसार "शहर में अगर कोई भी इस तरह की अवैध गतिविधि संचालित कर रहा हैं तो उसके साथ सख्ती से निपटा जाएगा, और किसी भी तरीके से उसको नहीं बक्शा जाएगा।"

ख़लील खत्री का कहना हैं कि "मेरा इस मामले से कोई लेना-देना नहीं था, वो लड़के किराए पर रहते थे, मेरे पास इस मकान की रजिस्ट्री हैं। मकान बनाने में मैंने 40 लाख रुपये खर्च किए थे। लेकिन पुलिस ने मेरा मकान तोड़ दिया।

आपको बता दें कि 2016 में भी शौर्य यात्रा निकाली गई थी। उस वक्त भी मनावर में ही सांप्रदायिक हिंसा भड़की थी। जिसमें एक विशेष समुदाय के लोगों की 16 दुकानों को कथित तौर पर आग के हवाले कर दिया गया था। जिसके बाद इस यात्रा पर रोक लगा दी गई थी। लेकिन पांच साल बाद जब फिर से इस यात्रा को निकाला गया तो एक बार फिर सांप्रदायिक तनाव फैल गया।

फिलहाल स्थिति नियंत्रण में हैं। लेकिन लगातार पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहें हैं।

(लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं।)

MP govt
Shivraj Singh Chauhan
RIGHT WINGERS
MP police
Hindutva
Communal Hate

Related Stories

डिजीपब पत्रकार और फ़ैक्ट चेकर ज़ुबैर के साथ आया, यूपी पुलिस की FIR की निंदा

ओटीटी से जगी थी आशा, लेकिन यह छोटे फिल्मकारों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा: गिरीश कसारावल्ली

तिरछी नज़र: ये कहां आ गए हम! यूं ही सिर फिराते फिराते

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

ज्ञानवापी कांड एडीएम जबलपुर की याद क्यों दिलाता है

मोदी के आठ साल: सांप्रदायिक नफ़रत और हिंसा पर क्यों नहीं टूटती चुप्पी?

मनोज मुंतशिर ने फिर उगला मुसलमानों के ख़िलाफ़ ज़हर, ट्विटर पर पोस्ट किया 'भाषण'

क्या ज्ञानवापी के बाद ख़त्म हो जाएगा मंदिर-मस्जिद का विवाद?

मनासा में "जागे हिन्दू" ने एक जैन हमेशा के लिए सुलाया

बीमार लालू फिर निशाने पर क्यों, दो दलित प्रोफेसरों पर हिन्दुत्व का कोप


बाकी खबरें

  • UAPA
    सुहित के सेन
    सुप्रीम कोर्ट को राजद्रोह क़ानून ही नहीं,यूएपीए और एनएसए के दुरुपयोग पर भी विचार करना चाहिए
    22 Jul 2021
    राजद्रोह क़ानून को हटाने में मदद तभी मिलेगी, जब अदालत का ध्यान नागरिकों के असहमति और स्वतंत्रता के अधिकार पर होगा
  • नए अध्ययन में पाया गया कि आधुनिक मानवों में है 7% जीनोम की विशेषता
    संदीपन तालुकदार
    नए अध्ययन में पाया गया कि आधुनिक मानवों में है 7% जीनोम की विशेषता
    22 Jul 2021
    प्राचीनकाल से ही आधुनिक मानव डीएनए में बदलाव होने से लगातार विकसित हो रहे हैं। मगर सवाल यह है कि हम कितने अनोखे हैं?
  • पेगासस का खुलासा भारत की ताक़त को कमज़ोर करता है  
    प्रज्ञा सिंह
    पेगासस का खुलासा भारत की ताक़त को कमज़ोर करता है  
    22 Jul 2021
    हमारा देश जो ख़ुद को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में परिभाषित करता है, वह अपने नागरिकों की ग़ैर-क़ानूनी निगरानी करने के गुनाह की उपेक्षा नहीं कर सकता।
  • बिहार: 'ज़हरीली शराब से लगातार होती मौतों पर सरकार नहीं है गंभीर'
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार: 'ज़हरीली शराब से लगातार होती मौतों पर सरकार नहीं है गंभीर'
    22 Jul 2021
    पश्चिम चंपारण के रामनगर व लौरिया क्षेत्र में विगत दिनों जहरीली शराब के कारण 15 लोगों की दर्दनाक मौत की खबर सुनने के बाद सिकटा विधायक वीरेन्द्र प्रसाद गुप्ता के नेतृत्व में भाकपा-माले की एक उच्च…
  • भारत एक मौज में संजय राजौरा और अनुराग माइनस वर्मा
    न्यूज़क्लिक टीम
    भारत एक मौज में संजय राजौरा और अनुराग माइनस वर्मा
    22 Jul 2021
    भारत एक मौज के इस एपिसोड में संजय राजौरा अनुराग माइनस वर्मा से उनके सोशल मीडिया कंटेंट के बारे में बात कर रहे हैं। इसके साथ ही वह उनसे एक दलित व्यक्ति के रूप में उनके अनुभवों, बॉलीवुड में सवर्ण और…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License