NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
उत्पीड़न
भारत
राजनीति
बच्चों के ख़िलाफ़ अपराध के मामले में एमपी पहले और यूपी दूसरे स्थान परः एनसीआरबी
बच्चों के ख़िलाफ़ अपराध के मामले में बीजेपी शासित मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश क्रमशः पहले और दूसरे स्थान पर हैं। वहीं भ्रूण हत्या के मामले में गुजरात पहले स्थान पर है।
एम.ओबैद
20 Sep 2021
crime
Image courtesy : TOI

बच्चों के खिलाफ अपराध थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन देश के किसी न किसी हिस्से से बच्चों के खिलाफ होने वाली घटनाएं सुनने और पढ़ने को मिल जाती हैं। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो ने हाल में रिपोर्ट प्रकाशित किया है जिसके अनुसार साल 2020 में मध्य प्रदेश में बच्चों से जुड़े अपराध सबसे अधिक हुए हैं। यहां इस साल 17,008 मामले रिकॉर्ड किए गए हैं जहां साल 2011 के अनुसार बच्चों की संख्या करीब 2 करोड़ 87 लाख है। वहीं उत्तर प्रदेश में साल 2020 में 15,271 में दर्ज किए गए हैं जहां बच्चों की संख्या वर्ष 2011 के अनुसार करीब 8 करोड़ 53 लाख है।

बच्चों के खिलाफ अपराध के मामले में तीसरे स्थान पर महाराष्ट्र है जहां साल 2020 में 14371 मामले दर्ज किए गए हैं। यहां बच्चों की संख्या साल 2011 की जनगणना के अनुसार करीब 3 करोड़ 61 लाख है। वहीं इस श्रेणी में पश्चिम बंगाल चौथे स्थान पर है जहां इस साल बच्चों से जुड़े अपराध के 10248 मामले दर्ज किए गए हैं। यहां बच्चों की संख्या साल 2011 के अनुसार करीब तीन करोड़ है। वहीं संघ शासित क्षेत्र की बात करें इस श्रेणी में दिल्ली में साल 2020 में सबसे ज़्यादा 5362 मामले दर्ज किए गए हैं जहां बच्चों की संख्या साल 2011 के अनुसार करीब 55 लाख  है।

संघ शासित राज्यों को छोड़कर बाकी देश के सभी राज्यों में कुल 1,22,064 मामले दर्ज किए गए हैं वहीं संघ शासित राज्यों में 6467 मामले दर्ज किए गए हैं। इस तरह भारत में बच्चों के खिलाफ कुल 1,28,531 घटनाएं घटी हैं।

बच्चों की हत्या

बच्चों की हत्या के मामले में उत्तर प्रदेश सबसे पहले स्थान पर है जहां साल 2020 में 271 घटनाएं दर्ज की गई। हत्या की 149 घटनाओं के साथ महाराष्ट्र दूसरे स्थान पर है वहीं 144 मामलों के साथ मध्य प्रदेश तीसरे स्थान पर है। बिहार में हत्या के 122 मामले दर्ज किए गए। उधर बलात्कार के साथ साथ हत्या मामले में उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर है जहां साल 2020 में 30 मामले दर्ज किए गए। इस श्रेणी में दूसरे स्थान पर मध्य प्रदेश है जहां 13 मामले दर्ज किए गए। वहीं दिल्ली में बच्चों की हत्या के 24 मामले दर्ज किए गए हैं।

देश में बच्चों की हत्या से संबंधित कुल 1420 मामले दर्ज किए गए। इनमें से 37 घटनाएं संघ शासित प्रदेशों में हुईं जबकि 1383 घटनाएं संघ शासित प्रदेशों को छोड़कर अन्य राज्यों में हुईं। वहीं पूरे देश में बलात्कार के साथ साथ हत्या के 115 मामले दर्ज किए गए जिनमें 114 मामले राज्यों में सामने आए जबकि एक मामले दिल्ली में दर्ज किए गए हैं।

बच्चों की हत्या के प्रयास

बच्चों की हत्या के प्रयास के मामले सबसे ज्यादा घटनाएं बिहार में हुईं हैं। यहां इससे जुड़े 136 मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं देश में कुल 336 मामले दर्ज किए गए हैं जबकि संघ शासित प्रदेशों में 8 मामले दर्ज किए गए हैं जिनमें सबसे ज्यादा पांच मामले राजधानी दिल्ली में सामने आए हैं।

भ्रूण हत्या

भ्रूण हत्या की बात करें तो गुजरात पहले स्थान पर हैं। यहां इससे जुड़े 22 मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं गुजरात के बाद दूसरे स्थान पर मध्य प्रदेश है जहां इसके 17 मामले दर्ज किए गए हैं। देश में भ्रूण हत्या से संबंधित साल 2020 में कुल 109 मामले दर्ज किए गए हैं। संघ शासित प्रदेशों में केवल दिल्ली में एक मामले दर्ज किए गए हैं।

विवाह के लिए नाबालिग़ लड़कियों का अपहरण

देश में विवाह के लिए नाबालिग लड़कियों के अपहरण के 11,051 मामले दर्ज किए गए। सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश में इससे जुड़े मामले सामने आए हैं जहां साल 2020 में 2943 मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं इस श्रेणी में दूसरे स्थान पर बिहार है जहां 2688 मामले दर्ज किए गए हैं।

नाबालिग लड़कियों की ख़रीद-बिक्री

वहीं नाबालिग लड़कियों की खरीद बिक्री के संबंध में बात करें तो साल 2020 में सबसे ज्यादा असम में देखे गए हैं जहां इससे जुड़े 1052 मामले दर्ज किए गए हैं। हरियाणा में 787 मामले सामने आए हैं। वहीं झारखंड में 231 में रिकॉर्ड किए गए हैं। देश में नाबालिग लड़कियों की खरीद-बिक्री के संबंध में कुल 2471 मामले दर्ज किए गए हैं।

बच्चों के ख़िलाफ़ कुल आइपीसी क्राइम

देश भर में बच्चों के खिलाफ कुल आइपीसी क्राइम की बात करें तो संघ शासित प्रदेशों सहित साल 2020 में 77,382 मामले दर्ज किए गए। 11,322 मामले सिर्फ मध्य प्रदेश में दर्ज किए गए। इस श्रेणी में मध्य प्रदेश पहले स्थान पर है। इसके बाद महाराष्ट्र में 8407 मामले दर्ज किए गए। वहीं उत्तर प्रदेश में 8186 मामले दर्ज किए गए। उधर संघ शासित प्रदेशों की बात करें तो सबसे ज्यादा मामले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में दर्ज किए गए जहां 4113 मामले सामने आए हैं। वर्ष 2020 संघ शासित प्रदेशों में कुल 4760 मामले दर्ज किए गए हैं।

NCRB Report
Crime against children
child abuse
Child exploitation
UttarPradesh
Madhya Pradesh

Related Stories

बच्चों की गुमशुदगी के मामले बढ़े, गैर-सरकारी संगठनों ने सतर्कता बढ़ाने की मांग की

मनासा में "जागे हिन्दू" ने एक जैन हमेशा के लिए सुलाया

‘’तेरा नाम मोहम्मद है’’?... फिर पीट-पीटकर मार डाला!

कॉर्पोरेटी मुनाफ़े के यज्ञ कुंड में आहुति देते 'मनु' के हाथों स्वाहा होते आदिवासी

मध्यप्रदेश: गौकशी के नाम पर आदिवासियों की हत्या का विरोध, पूरी तरह बंद रहा सिवनी

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

2023 विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र तेज़ हुए सांप्रदायिक हमले, लाउडस्पीकर विवाद पर दिल्ली सरकार ने किए हाथ खड़े

प्रयागराज में फिर एक ही परिवार के पांच लोगों की नृशंस हत्या, दो साल की बच्ची को भी मौत के घाट उतारा

प्रयागराज: घर में सोते समय माता-पिता के साथ तीन बेटियों की निर्मम हत्या!

उत्तर प्रदेश: योगी के "रामराज्य" में पुलिस पर थाने में दलित औरतों और बच्चियों को निर्वस्त्र कर पीटेने का आरोप


बाकी खबरें

  • RELIGIOUS DEATH
    श्रुति एमडी
    तमिलनाडु : किशोरी की मौत के बाद फिर उठी धर्मांतरण विरोधी क़ानून की आवाज़
    27 Jan 2022
    कथित रूप से 'जबरन धर्मांतरण' के बाद एक किशोरी की हालिया खुदकुशी और इसके ख़िलाफ़ दक्षिणपंथी संगठनों की प्रतिक्रिया ने राज्य में धर्मांतरण विरोधी क़ानून की मांग को फिर से केंद्र में ला दिया है।
  • cb
    वर्षा सिंह
    उत्तराखंड चुनाव: ‘बीजेपी-कांग्रेस दोनों को पता है कि विकल्प तो हम दो ही हैं’
    27 Jan 2022
    उत्तर प्रदेश से अलग होने के बाद उत्तराखंड में 2000, 2007 और 2017 में भाजपा सत्ता में आई। जबकि 2002 और 2012 के चुनाव में कांग्रेस ने सरकार बनाई। भाजपा और कांग्रेस ही बारी-बारी से यहां शासन करते आ रहे…
  •  नौकरी दो! प्राइम टाइम पर नफरती प्रचार नहीं !
    न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
    नौकरी दो! प्राइम टाइम पर नफरती प्रचार नहीं !
    27 Jan 2022
    आज के एपिसोड में अभिसार शर्मा बात कर रहे हैं रेलवे परीक्षा में हुई धांधली पर चल रहे आंदोलन की। क्या हैं छात्रों के मुद्दे और क्यों चल रहा है ये आंदोलन, आइये जानते हैं अभिसार से
  • सोनिया यादव
    यूपी: महिला वोटरों की ज़िंदगी कितनी बदली और इस बार उनके लिए नया क्या है?
    27 Jan 2022
    प्रदेश में महिलाओं का उम्मीदवार के तौर पर चुनाव जीतने का औसत भले ही कम रहा हो, लेकिन आधी आबादी चुनाव जिताने का पूरा मददा जरूर रखती है। और शायद यही वजह है कि चुनाव से पहले सभी पार्टियां उन्हें लुभाने…
  • यूपी चुनाव:  उन्नाव पीड़िता की मां के बाद अब सोनभद्र की ‘किस्मत’ भी कांग्रेस के साथ!
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव: उन्नाव पीड़िता की मां के बाद अब सोनभद्र की ‘किस्मत’ भी कांग्रेस के साथ!
    27 Jan 2022
    यूपी में महिला उम्मीदवारों के लिए प्रियंका गांधी की तलाश लगातार जारी है, प्रियंका गांधी ने पहले उन्नाव रेप पीड़िता की मां पर दांव लगाया था, और अब वो सोनभद्र नरसंहार में अपने भाई को खो चुकी महिला को…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License