NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मध्यप्रदेश :19 राजनीतिक दलों का 27 के भारत बंद को समर्थन, 11 सूत्रीय मांगों को लेकर चलाएंगे अभियान
गौरतलब है कि मुजफ्फरनगर महापंचायत में लाखों किसानों के बीच में 27 सितंबर को होने वाले भारत बंद का आह्वान किया गया था।  इसके बाद से ही देश के अलग-अलग राज्यों के विभिन्न हिस्सों में दर्जनों बैठकें हो रही हैं।  
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
16 Sep 2021
मध्यप्रदेश :19 राजनीतिक दलों का 27 के भारत बंद को समर्थन, 11 सूत्रीय मांगों को लेकर चलाएंगे अभियान
'प्रतीकात्मक फ़ोटो' साभार: सोशल मीडिया

राष्ट्रीय स्तर पर 19 राजनीतिक दलों के आह्वान पर 11 सूत्रीय मांगों को लेकर 20 सितंबर से 30 सितंबर तक चलने  वाले राष्ट्रव्यापी अभियान को मध्यप्रदेश में भी पूरी ताकत के साथ चलाया जायेगा। इस संबंध में कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, समानता दल, लोकतांत्रिक जनता दल, समाजवादी पार्टी, भाकपा माले, राष्ट्रीय जनता दल आदि ने संयुक्त बयान जारी कर न केवल प्रदेशव्यापी अभियान चलाने की बात कही है, बल्कि संयुक्त किसान मोर्चे के आह्वान पर 27 सितंबर को होने वाले भारत बंद को भी पूर्ण समर्थन दिया है।

गौरतलब है कि मुजफ्फरनगर महापंचायत में लाखों किसानों के बीच में 27 सितंबर को होने वाले भारत बंद का आह्वान किया गया था।  इसके बाद से ही देश के  अलग-अलग राज्यों के विभिन्न हिस्सों में दर्जनों बैठकें हो रही हैं।  

कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव अरविंद श्रीवास्तव, लोकतांत्रिक जनता दल के प्रदेशाध्यक्ष दिलीप सिंह, भाकपा माले की केंद्रीय कमेटी के सदस्य देवेंद्र सिंह चौहान, समानता दल के प्रदेशाध्यक्ष इंजी.महेश सिंह कुशवाह ने संयुक्त रूप से जारी बयान में कहा है कि मध्यप्रदेश में भी यह अभियान व्यापक रूप से चलाया जायेगा।

नेताओं ने संयुक्त रूप से जारी बयान में कहा है कि किसानों के शांतिपूर्ण और ऐतिहासिक विरोध के बावजूद नरेंद्र मोदी सरकार का किसान विरोधी तीन कानूनों को वापस न लेना, खेती के साथ ही निजीकरण की मुहिम छेड़ कर सार्वजनिक क्षेत्र को कारपोरेट के हवाले कर देना, महंगाई से आम नागरिकों को बेहाल कर देना, डीजल पेट्रोल की कीमतों में लगातार की वृद्धि से उपभोक्ताओं को लूटना, प्रदेश की शिवराज सरकार द्धारा बिजली उपभोक्ताओं की लूट और बिजली संकट सहित 11 सूत्रीय मांगों को लेकर अभियान को व्यापक रूप से चलाया जायेगा। इसके साथ ही 27 सितंबर को होने वाले बंद को पूर्ण समर्थन दिया है। समस्त दलों ने अपनी जिला इकाईयों से भी समन्वय बनाकर अभियान चलाने और 27 सितंबर के भारत बंद को सफल बनाने की अपील की है।

Bharat Bandh
Bharat bandh on september 27
kisan mukti yatra
Madhya Pradesh
Nationalist Congress
Communist Party of India Marxist
Communist Party of India
SAMAJWADI PARTY
Loktantrik Janata Dal
CPI-ML
Rashtriya Janata Dal

Related Stories

परिक्रमा वासियों की नज़र से नर्मदा

ख़बरों के आगे-पीछे: MCD के बाद क्या ख़त्म हो सकती है दिल्ली विधानसभा?

कड़ी मेहनत से तेंदूपत्ता तोड़ने के बावजूद नहीं मिलता वाजिब दाम!  

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

कपिल सिब्बल ने छोड़ी कांग्रेस, सपा के समर्थन से दाखिल किया राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन

मनासा में "जागे हिन्दू" ने एक जैन हमेशा के लिए सुलाया

उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव का समीकरण

‘’तेरा नाम मोहम्मद है’’?... फिर पीट-पीटकर मार डाला!

27 महीने बाद जेल से बाहर आए आज़म खान अब किसके साथ?

कॉर्पोरेटी मुनाफ़े के यज्ञ कुंड में आहुति देते 'मनु' के हाथों स्वाहा होते आदिवासी


बाकी खबरें

  • punjab
    भाषा सिंह
    पंजाब चुनावः परदे के पीछे के खेल पर चर्चा
    19 Feb 2022
    पंजाब में जिस तरह से चुनावी लड़ाई फंसी है वह अपने-आप में कई ज़ाहिर और गुप्त समझौतों की आशंका को बलवती कर रही है। पंजाब विधानसभा चुनावों में इतने दांव चले जाएंगे, इसका अंदाजा—कॉरपोरेट मीडिया घरानों…
  • Biden and Boris
    जॉन पिलगर
    युद्ध के प्रचारक क्यों बनते रहे हैं पश्चिमी लोकतांत्रिक देश?
    19 Feb 2022
    हाल के हफ्तों और महीनों में युद्ध उन्माद का ज्वार जिस तरह से उठा है वह इसका सबसे ज्वलंत उदाहरण है
  • youth
    असद रिज़वी
    भाजपा से क्यों नाराज़ हैं छात्र-नौजवान? क्या चाहते हैं उत्तर प्रदेश के युवा
    19 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के नौजवान संगठनों का कहना है कि भाजपा ने उनसे नौकरियों के वादे पर वोट लिया और सरकार बनने के बाद, उनको रोज़गार का सवाल करने पर लाठियों से मारा गया। 
  • Bahubali in UP politics
    विजय विनीत
    यूपी चुनाव: सियासी दलों के लिए क्यों ज़रूरी हो गए हैं बाहुबली और माफ़िया?
    19 Feb 2022
    चुनाव में माफ़िया और बाहुबलियों की अहमियत इसलिए ज्यादा होती है कि वो वोट देने और वोट न देने,  दोनों चीज़ों के लिए पैसा बंटवाते हैं। इनका सीधा सा फंडा होता है कि आप घर पर ही उनसे पैसे ले लीजिए और…
  • Lingering Colonial Legacies
    क्लेयर रॉथ
    साम्राज्यवादी विरासत अब भी मौजूद: त्वचा के अध्ययन का श्वेतवादी चरित्र बरकरार
    19 Feb 2022
    त्वचा रोग विज्ञान की किताबों में नस्लीय प्रतिनिधित्व की ऐतिहासिक कमी ना केवल श्वेत बहुल देशों में है, बल्कि यह पूरी दुनिया में मौजूद है
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License