NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मध्यप्रदेश विधानसभा निर्धारित समय से नौ दिन पहले स्थगित, उठे सवाल!
मध्यप्रदेश विधानसभा में बजट सत्र निर्धारित समय से नौ दिन पहले स्थगित कर दिया गया। माकपा ने इसके लिए शिवराज सरकार के साथ ही नेता प्रतिपक्ष को भी जिम्मेदार ठहराया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
19 Mar 2022
Madhya Pradesh Assembly

मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र निर्धारित समय से नौ दिन पहले खत्म कर दिया गया। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष एक दूसरे पर आरोप मढ़ते रहे लेकिन बजट जैसे महत्वपूर्ण काम को भी सदन ने चंद मिनट में बिना चर्चा के पारित कर दिया। पूरा सत्र केवल 21 घंटे ही चला। हालाँकि मध्यप्रदेश विधानसभा में 2017 से ही कोई सत्र पूरा नहीं चला सका है।

इस पूरे मामले पर वामदल भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी माकपा ने इसके लिए सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी और विपक्षी कांग्रेस दोनों पर हमला बोला और कहा सदन के समय से पहले ख़त्म कर देने के लिए प्रदेश की भाजपा की शिवराज सिंह चौहान सरकार ही नहीं, बल्कि नेता प्रतिपक्ष भी जिम्मेदार हैं। यह अजीब बात है कि सिर्फ विपक्षी विधायक ही नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष के विधायक भी विधानसभा को 25 मार्च तक चलाने के पक्ष में नहीं थे।

आपको बता दे कि मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 25 मार्च तक चलना था, लेकिन यह सत्र बुधवार को दोपहर में ही खत्म कर दिया गया। बजट सत्र की अधिसूचना के मुताबिक इसकी अवधि 71 घंटे 50 मिनट की थी, लेकिन 21 घंटे 52 मिनट में ही 2.79 लाख करोड़ का बजट मंज़ूर हो गया। इस दौरान राज्य की सबसे बड़ी पंचायत में विधायकों ने जनता से जुड़े 4518 सवाल किए लेकिन सदन में सिर्फ 53 प्रश्नों का ही जवाब मिला। इस दौरान सत्ताधारी दल पूरी तरह से सदन चलाने को लेकर गंभीर नहीं दिखा। विपक्ष ने कुल 12 स्थगन प्रस्ताव दिया लेकिन किसी को स्वीकार नहीं किया गया।

इस पूरे हंगामे के लिए संसदीय मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस को जिम्मेदार बताया और कहा कि ये हंगामा विपक्ष के नेता कमलनाथ के नेतृत्व पर सवाल उठाता है। जबकि कांग्रेस के नेता कह रहे हैं वो केवल जनहित के मुद्दों पर चर्चा चाहते थे परन्तु बीजेपी की सरकार उससे भाग रही थी।

माकपा के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने बयान जारी कर सरकार के इस रवैये पर सवाल उठाए और कहा है कि लगातार तीन सालों से बिना चर्चा के बजट पारित हो रहा है। यह अजीब बात है कि इस बार भी 2.79 लाख करोड़ का बजट बिना चर्चा के विधानसभा में पारित कर दिया गया। यह अजीब बात है कि जब विधायकों ने अपने विधानसभा क्षेत्र के ही नहीं, बल्कि प्रदेश के विकास से संबंधित सैकड़ों प्रश्न लगा रखे थे, तब विधानसभा की कार्यवाही 21.52 मिनट में ही स्थगित कर दी गई।

जसविंदर सिंह के अनुसार जब सरकार दावा कर रही है कि नेता प्रतिपक्ष की सहमति से विधानसभा सत्र समाप्त किया गया है तो इस अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक अपराध की जिम्मेदारी से नेता प्रतिपक्ष भी बच नहीं सकते हैं।

कम्युनिस्ट पार्टी के अनुसार वर्ष 2020 में कोरोना का बहाना बनाकर विधानसभा की कार्यवाही मात्र 113 मिनट हुई और वर्ष 21 में 62 घंटे में विधानसभा की औपचारिकता पूरी कर ली गई। और इस बार का बजट सत्र भी 21 घंटे 52 मिनट में खत्म कर दिया गया।

माकपा नेता ने कहा है कि विधानसभा जनता के दुख-दर्द की अभिव्यक्ति का सर्वोच्च मंच है, और संसदीय जनतंत्र में विधान सभा अगर सरकार के विधायी कार्यों के निबटारे तक सिमट जाएं तो यह लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है। विधानसभा की कार्यवाही सरकार को ही जवाबदेह नहीं बनाती है बल्कि नौकरशाही की निरंकुशता को भी नियंत्रण में रखती है।

जसविंदर सिंह के अनुसार भाजपा के सत्ता में आने के बाद विधानसभा की बैठकें आम तौर कम होती हैं, मगर यदि विपक्ष भी भाजपा के अलोकतांत्रिक कदमों का समर्थन करता है तो वह भी सशक्त और सतर्क विपक्ष की भूमिका नहीं निभा रहा है।

Madhya Pradesh
Madhya Pradesh Assembly
MP Budget Session
CPI-M
CPI-M Secretary of State Jaswinder Singh

Related Stories

परिक्रमा वासियों की नज़र से नर्मदा

कड़ी मेहनत से तेंदूपत्ता तोड़ने के बावजूद नहीं मिलता वाजिब दाम!  

मनासा में "जागे हिन्दू" ने एक जैन हमेशा के लिए सुलाया

‘’तेरा नाम मोहम्मद है’’?... फिर पीट-पीटकर मार डाला!

कॉर्पोरेटी मुनाफ़े के यज्ञ कुंड में आहुति देते 'मनु' के हाथों स्वाहा होते आदिवासी

एमपी ग़ज़ब है: अब दहेज ग़ैर क़ानूनी और वर्जित शब्द नहीं रह गया

मध्यप्रदेशः सागर की एग्रो प्रोडक्ट कंपनी से कई गांव प्रभावित, बीमारी और ज़मीन बंजर होने की शिकायत

सिवनी मॉब लिंचिंग के खिलाफ सड़कों पर उतरे आदिवासी, गरमाई राजनीति, दाहोद में गरजे राहुल

मध्यप्रदेश: गौकशी के नाम पर आदिवासियों की हत्या का विरोध, पूरी तरह बंद रहा सिवनी

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग


बाकी खबरें

  • इराक़ ने देश से अमेरिकी सेना की वापसी के लिए समयसीमा की मांग की
    पीपल्स डिस्पैच
    इराक़ ने देश से अमेरिकी सेना की वापसी के लिए समयसीमा की मांग की
    26 Jul 2021
    पिछले साल अमेरिका द्वारा ईरानी जनरल क़ासिम सुलेमानी की हत्या के बाद से विशेष रूप से देश में विदेशी सैनिकों की मौजूदगी पर कार्रवाई करने के लिए सरकार पर दबाव बढ़ रहा है।
  • मज़दूरों, किसानों, खेत मज़दूरों ने ऐतिहासिक अभियान का किया आगाज़ 
    सुबोध वर्मा
    मज़दूरों, किसानों, खेत मज़दूरों ने ऐतिहासिक अभियान का किया आगाज़ 
    26 Jul 2021
    जनता के प्रमुख मुद्दों पर सरकार के लचर रवैये के ख़िलाफ़ मेहनतकश लोगों ने 'भारत बचाओ' आंदोलन की शुरूआत कर दी है। 
  • टोक्यो में पूरा हुआ मैरी कॉम का विवादास्पद से हुनरमंद खिलाड़ी बनने तक का सफ़र
    लेस्ली ज़ेवियर
    टोक्यो में पूरा हुआ मैरी कॉम का विवादास्पद से हुनरमंद खिलाड़ी बनने तक का सफ़र
    26 Jul 2021
    टोक्यो ओलंपिक में जीत दर्ज करने वाली भारतीय दल की पहली मुक्केबाज़ मैरी कॉम ने सबको दिखा दिया है कि क़दम दर क़दम आगे बढ़ते हुए लम्बे समय तक खेलना होता क्या है। वह एक जुझारू, आक्रामक, सीधे-सीधे भिड़…
  • मशहूर अदाकारा जयंती का निधन
    भाषा
    मशहूर अदाकारा जयंती का निधन
    26 Jul 2021
    वह 76 वर्ष की थीं। अपने पांच दशक से लंबे करियर में जयंती ने विभिन्न भाषाओं में 500 से अधिक फिल्में की।
  • महाराष्ट्र में भूस्खलन और बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 149 हुई
    भाषा
    महाराष्ट्र में भूस्खलन और बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 149 हुई
    26 Jul 2021
    इस हफ्ते की शुरुआत में हुई भारी बारिश के कारण महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में भूस्खलन हुआ है, जिसमें रायगढ़ जिले के तालिये गांव में हुआ सबसे घातक भूस्खलन भी शामिल है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License