NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मध्य प्रदेश: धान और बाजरा उत्पादक किसानों की लूट और खाद के संकट को लेकर माकपा का मुख्यमंत्री को पत्र
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने कहा है कि बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2250 रुपए होने के बावजूद मंडियों में किसानों को 1400 से 1600 रुपए के बीच बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
08 Dec 2021
मध्य प्रदेश: धान और बाजरा उत्पादक किसानों की लूट और खाद के संकट को लेकर माकपा का मुख्यमंत्री को पत्र

भोपाल। सरकार के दावों के बावजूद मंडियों में किसानों की लूट हो रही है। मोटे धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1940 रुपए प्रति क्विंटल होने के बावजूद पूरे प्रदेश में किसानों का धान 1400 से लेकर 1700 रुपए की दर से खरीदा जा रहा है। जाहिर है कि एक ही क्विंटल पर 240 से लेकर 540 रुपए तक की लूट हो रही है। उधर बासमती और अन्य अच्छी गुणवत्ता वाले धान की कीमत भी 3300 रुपए से गिरकर 2200 से 2500 रुपए के बीच आ गई है।
 
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने उक्त लूट को रोकने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिख कर कहा है कि इस लूट का शिकार बाजरा उत्पादक किसान भी हो रहे हैं। 20 नवंबर को लिखे अपने पत्र का हवाला देते हुए माकपा नेता ने कहा है कि बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2250 रुपए होने के बावजूद मंडियों में किसानों को 1400 से 1600 रुपए के बीच अपना बाजरा बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
 
माकपा नेता ने कहा है कि इस लूट की वजह सरकारी खरीद एजेंसियों की बिचौलियों से सांठगांठ है। धान के मामले में चिंता की बात तो यह है कि प्रदेश के 22 जिलों में अभी तक सरकारी खरीद शुरू ही नहीं हुई है।

जसविंदर सिंह ने कहा है कि जब मंडियों में किसानों की लूट हो रही है, तब खाद के संकट ने किसानों की रातों की नींद हराम कर दी है। किसान रात रात भर जाग कर लाईनों में लगने के बाद भी खाद प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं। इस संकट के कारण खाद की कालाबाजारी और नकली खाद का संकट बढ़ रहा है। माकपा नेता ने पत्र में कहा है कि इस संकट का कारण सरकार द्वारा 50 फीसद खाद को खुले बाजार में बेचने का निर्णय है। इसलिए प्राइवेट खाद व्यापारी किल्लत पैदा कर कालाबाजारी कर रहे हैं।

माकपा ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने और समय पर किसानों की लूट को बंद करने की मांग की है।

 

पूरा पत्र यहाँ देखें: 

 

Madhya Pradesh
CPIM
farmers

Related Stories

परिक्रमा वासियों की नज़र से नर्मदा

त्रिपुरा: सीपीआई(एम) उपचुनाव की तैयारियों में लगी, भाजपा को विश्वास सीएम बदलने से नहीं होगा नुकसान

कड़ी मेहनत से तेंदूपत्ता तोड़ने के बावजूद नहीं मिलता वाजिब दाम!  

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

मनासा में "जागे हिन्दू" ने एक जैन हमेशा के लिए सुलाया

‘’तेरा नाम मोहम्मद है’’?... फिर पीट-पीटकर मार डाला!

किसानों और सत्ता-प्रतिष्ठान के बीच जंग जारी है

हिसारः फसल के नुक़सान के मुआवज़े को लेकर किसानों का धरना

श्रृंगार गौरी के दर्शन-पूजन मामले को सुनियोजित रूप से ज्ञानवापी मस्जिद-मंदिर के विवाद में बदला गयाः सीपीएम

किसानों, स्थानीय लोगों ने डीएमके पर कावेरी डेल्टा में अवैध रेत खनन की अनदेखी करने का लगाया आरोप


बाकी खबरें

  • bharat ek mauj
    न्यूज़क्लिक टीम
    भारत एक मौज: क्यों नहीं हैं भारत के लोग Happy?
    28 Mar 2022
    'भारत एक मौज' के आज के एपिसोड में संजय Happiness Report पर चर्चा करेंगे के आखिर क्यों भारत का नंबर खुश रहने वाले देशों में आखिरी 10 देशों में आता है। उसके साथ ही वह फिल्म 'The Kashmir Files ' पर भी…
  • विजय विनीत
    पूर्वांचल में ट्रेड यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के बीच सड़कों पर उतरे मज़दूर
    28 Mar 2022
    मोदी सरकार लगातार मेहनतकश तबके पर हमला कर रही है। ईपीएफ की ब्याज दरों में कटौती इसका ताजा उदाहरण है। इस कटौती से असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सर्वाधिक नुकसान होगा। इससे पहले सरकार ने 44 श्रम कानूनों…
  • एपी
    रूस-यूक्रेन अपडेट:जेलेंस्की के तेवर नरम, बातचीत में ‘विलंब किए बिना’ शांति की बात
    28 Mar 2022
    रूस लंबे समय से मांग कर रहा है कि यूक्रेन पश्चिम के नाटो गठबंधन में शामिल होने की उम्मीद छोड़ दे क्योंकि मॉस्को इसे अपने लिए खतरा मानता है।
  • मुकुंद झा
    देशव्यापी हड़ताल के पहले दिन दिल्ली-एनसीआर में दिखा व्यापक असर
    28 Mar 2022
    सुबह से ही मज़दूर नेताओं और यूनियनों ने औद्योगिक क्षेत्र में जाकर मज़दूरों से काम का बहिष्कार करने की अपील की और उसके बाद मज़दूरों ने एकत्रित होकर औद्योगिक क्षेत्रों में रैली भी की। 
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    माले का 11वां राज्य सम्मेलन संपन्न, महिलाओं-नौजवानों और अल्पसंख्यकों को तरजीह
    28 Mar 2022
    "इस सम्मेलन में महिला प्रतिनिधियों ने जिस बेबाक तरीक़े से अपनी बातें रखीं, वह सम्मेलन के लिए अच्छा संकेत है।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License